जेवर एयरपोर्ट आया, लेकिन YEIDA की राह में रोड़ा बना इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी और कब्जे ने रोकी रियल एस्टेट की रफ्तार

जेवर एयरपोर्ट आया, लेकिन YEIDA की राह में रोड़ा बना इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी और कब्जे ने रोकी रियल एस्टेट की रफ्तार


ग्रेटर नोएडा: जेवर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट आने के बाद यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण, यीड़ा क्षेत्र में रियल एस्टेट कारोबार को रफ्तार मिलने की उम्मीद थी. माना जा रहा था कि एयरपोर्ट के विकास से निवेशक आकर्षित होंगे और प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री बढ़ेगी. हालांकि, रियल एस्टेट विशेषज्ञों ने बताया कि , क्षेत्र में अभी भी कई ऐसी समस्याएं हैं, जिनके कारण बाजार में अपेक्षित सुधार नहीं दिखाई दे रहा है. प्रॉपर्टी ट्रांसफर की सुविधा बंद होना, सेक्टरों में रोड कनेक्टिविटी की कमी और आवंटियों को प्लॉट का कब्जा नहीं मिलना प्रमुख समस्याएं हैं. इन कारणों से निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ रहा है और प्रॉपर्टी कारोबार प्रभावित हो रहा है.

रियल एस्टेट एक्सपर्ट कृष्ण शर्मा ने बताया कि YEIDA क्षेत्र में इस समय सबसे बड़ी समस्या प्रॉपर्टी ट्रांसफर की सुविधा बंद होना है. इसके कारण निवेशकों और खरीदारों का भरोसा काफी कम हुआ है. खरीदारों के मन में यह सवाल है कि यदि वे आज कोई प्रॉपर्टी खरीदते हैं और भविष्य में उसे किसी दूसरे व्यक्ति को बेचना चाहते हैं, तो ऐसा कैसे संभव होगा.

बताया कि ट्रांसफर की सुविधा नहीं होने से खरीद-बिक्री की प्रक्रिया प्रभावित होती है. वहीं, यदि ट्रांसफर के लिए प्रॉपर्टी के निर्माण या अन्य औपचारिकताओं के पूरा होने का इंतजार करना पड़े, तो इसमें काफी समय लग सकता है. इस दौरान प्रॉपर्टी बेचने वाले का फैसला बदलने या बाजार में कीमतों में उतार-चढ़ाव आने की आशंका भी रहती है. यही वजह है कि खरीदार और निवेशक फिलहाल आगे आने से बच रहे हैं.

कई सेक्टरों में कनेक्टिविटी की समस्या
बताया कि YEIDA के सेक्टर 28, 29, 32 और 33 में अलग-अलग तरह की समस्याएं देखने को मिल रही हैं. सेक्टर 28 में मेडिकल डिवाइस पार्क और डेटा सेंटर जैसी श्रेणियां हैं, जबकि सेक्टर 29 में भी कनेक्टिविटी की स्थिति बेहतर नहीं है. कई स्थानों तक पहुंचने के लिए गांवों के बीच से होकर जाना पड़ता है और मुख्य सड़क से अंदरूनी हिस्सों तक पर्याप्त रोड कनेक्टिविटी नहीं है.

उन्होंने बताया कि सेक्टर 32 में कुछ विकास हुआ है, लेकिन वहां भी प्रॉपर्टी कारोबार की रफ्तार प्रभावित हो रही है. जिन आवंटियों के पास निर्माण पूरा करने के लिए कम समय बचा है, वे निर्माण कराने में जुटे हैं. हालांकि, जिनके पास अधिक समय है, वे ट्रांसफर की सुविधा बंद होने और भविष्य में प्रॉपर्टी बेचने के विकल्प स्पष्ट नहीं होने के कारण निर्माण को लेकर उत्साहित नहीं हैं.

प्लॉट आवंटित, लेकिन कब्जा मिलने में परेशानी
प्रॉपर्टी पॉइंट के रियल एस्टेट एक्सपर्ट अंशुल भारद्वाज ने बताया कि YEIDA क्षेत्र में कनेक्टिविटी और कब्जे से जुड़ी समस्याएं भी विकास की राह में बाधा बन रही हैं. कई मामलों में प्लॉट आवंटित होने के बावजूद आवंटी वहां तक आसानी से नहीं पहुंच सकते. कुछ स्थानों पर जमीन के अधिग्रहण और किसानों से जुड़े विवादों के कारण भी कब्जा मिलने में परेशानी होती है.

उन्होंने बताया कि कई सेक्टरों में मुख्य सड़क से अंदर तक उचित कनेक्टिविटी नहीं है. यदि किसी आवंटी ने प्लॉट के लिए लीज रेंट जमा कर दिया है, लेकिन वहां निर्माण सामग्री पहुंचाने का रास्ता ही उपलब्ध नहीं है, तो वह निर्माण कैसे कराएगा? जब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं होगा, तब तक उस क्षेत्र में विकास भी दिखाई नहीं देगा.

एयरपोर्ट के बाद भी उम्मीद के मुताबिक सुधार नहीं
कहा कि निवेशकों को उम्मीद थी कि एयरपोर्ट शुरू होने के बाद YEIDA क्षेत्र में कनेक्टिविटी बेहतर होगी और रियल एस्टेट बाजार को बड़ा फायदा मिलेगा. हालांकि, अभी तक अपेक्षित प्रगति नहीं दिखाई दी है. पहले क्षेत्र में निवेशकों की संख्या अधिक थी, लेकिन अब निवेश से निकलने और प्रॉपर्टी बेचने में परेशानी होने के कारण बाजार में गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं.

कृष्ण शर्मा ने भी बताया कि एयरपोर्ट आने के बाद प्रॉपर्टी बाजार में उम्मीद के मुताबिक सुधार नहीं हुआ है. उनके अनुसार, एयरपोर्ट से जुड़ी कनेक्टिविटी और उसके संचालन से संबंधित अपेक्षाओं के पूरा नहीं होने का भी बाजार पर असर पड़ा है.

ट्रांसफर, कनेक्टिविटी और कब्जे की समस्या दूर करना जरूरी
दोनों विशेषज्ञों के बयानों से स्पष्ट है कि YEIDA क्षेत्र में रियल एस्टेट कारोबार को गति देने के लिए प्रॉपर्टी ट्रांसफर, रोड कनेक्टिविटी और आवंटियों को कब्जा मिलने से जुड़ी समस्याओं का समाधान जरूरी है. जब तक खरीदारों को प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री और भविष्य में उसे ट्रांसफर करने को लेकर स्पष्टता नहीं मिलेगी, तब तक निवेशकों का भरोसा मजबूत करना चुनौती बना रहेगा. एयरपोर्ट से जुड़ी उम्मीदों को रियल एस्टेट बाजार में वास्तविक सुधार में बदलने के लिए इन बुनियादी समस्याओं का समाधान महत्वपूर्ण होगा.



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