Anant Ambani Speech: मुंबई में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी NSE में जियो की शेयर बाजार में लिस्टिंग के मौके पर रिलायंस इंडस्ट्रीज के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी का भाषण चर्चा में है. बुधवार को आयोजित इस समारोह में अनंत अंबानी ने जियो की कामयाबी का श्रेय देश के करोड़ों लोगों को दिया. उन्होंने कहा कि कंपनी का यह सफर उन लाखों-करोड़ों भारतीयों के सहयोग से संभव हुआ है, जिन्होंने जियो पर भरोसा जताया. उन्होंने जियो के 53 करोड़ ग्राहकों का जिक्र करते हुए देश के डिजिटल भविष्य को बेहतर बनाने और विकसित भारत के सपने को पूरा करने में योगदान देने की बात कही. लेकिन उनके भाषण की एक और खास बात लोगों का ध्यान खींच रही है.
अनंत अंबानी ने अपने संबोधन की शुरुआत ‘जय श्री कृष्ण’ से की और इसके बाद भगवान गणेश, द्वारकानाथ, श्रीनाथजी और बालाजी का स्मरण किया. साथ ही उन्होंने भारत माता को जीवंत देवी मानकर नमन किया. आखिर द्वारकानाथ जी और श्रीनाथजी का संबंध भगवान कृष्ण से कैसे है? बालाजी का प्रसिद्ध मंदिर कहां स्थित है और भगवान गणेश की पूजा सबसे पहले क्यों की जाती है? आइए जानते हैं इन सभी के बारे में.
जय श्री कृष्ण से की शुरुआत, भगवान कृष्ण का क्या है महत्व?
अनंत अंबानी ने अपने संबोधन की शुरुआत जय श्री कृष्ण के अभिवादन से की. हिंदू धर्म में भगवान कृष्ण को भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है. उनकी पूजा देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग नामों और रूपों में होती है. कहीं उन्हें कान्हा कहा जाता है, तो कहीं गोपाल, ठाकुरजी और द्वारकाधीश के नाम से पूजा जाता है.
भगवान कृष्ण से जुड़े प्रमुख धार्मिक स्थलों में उत्तर प्रदेश का मथुरा और वृंदावन शामिल हैं. धार्मिक मान्यता के अनुसार, मथुरा भगवान कृष्ण की जन्मभूमि है, जबकि वृंदावन उनकी बाल लीलाओं से जुड़ा हुआ है. यहां बांके बिहारी मंदिर, श्री कृष्ण जन्मभूमि और दूसरे प्रसिद्ध मंदिरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचते हैं. भगवान कृष्ण का संदेश प्रेम, कर्म और धर्म के रास्ते पर चलने से जुड़ा माना जाता है.
भगवान गणेश को क्यों किया याद, कहां है प्रसिद्ध मंदिर?
भगवान गणेश को हिंदू धर्म में प्रथम पूज्य माना जाता है. मान्यता है कि किसी भी शुभ काम की शुरुआत भगवान गणेश की पूजा से करने पर बाधाएं दूर होती हैं. इसी वजह से विवाह, गृह प्रवेश, व्यापार की शुरुआत और दूसरे मांगलिक अवसरों पर सबसे पहले गणेश जी का स्मरण किया जाता है. भगवान गणेश के सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में महाराष्ट्र के मुंबई स्थित श्री सिद्धिविनायक गणपति मंदिर का नाम आता है. यह मंदिर प्रभादेवी इलाके में स्थित है. मंदिर ट्रस्ट के अनुसार, इसकी स्थापना वर्ष 1801 में हुई थी. इसके अलावा महाराष्ट्र के अष्टविनायक मंदिर भी गणेश भक्तों की आस्था के प्रमुख केंद्र हैं.
द्वारकानाथ जी कौन हैं और कहां स्थित है उनका मंदिर?
द्वारकानाथ भगवान कृष्ण का ही एक नाम है. इसका अर्थ है द्वारका के स्वामी. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान कृष्ण ने द्वारका में अपना राज्य स्थापित किया था. इसी कारण उन्हें द्वारकाधीश और द्वारकानाथ कहा जाता है. भगवान द्वारकानाथ का प्रसिद्ध द्वारकाधीश मंदिर गुजरात के देवभूमि द्वारका जिले में स्थित है. यह मंदिर गोमती नदी के पास बना है और इसे जगत मंदिर भी कहा जाता है. मंदिर की ऊंची इमारत और उसके शिखर पर लहराता ध्वज इसकी खास पहचान हैं.
द्वारका हिंदू धर्म के चार धामों में शामिल है. यहां भगवान कृष्ण के दर्शन करने के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु पहुंचते हैं. धार्मिक परंपरा के अनुसार, इस मंदिर की स्थापना भगवान कृष्ण के वंशज वज्रनाभ से जोड़ी जाती है.
श्रीनाथजी का भगवान कृष्ण से क्या संबंध है?
श्रीनाथजी भी भगवान कृष्ण का ही एक स्वरूप हैं. इस रूप में भगवान कृष्ण को गोवर्धन पर्वत उठाए हुए बालक के रूप में पूजा जाता है. यह स्वरूप भगवान कृष्ण की उस लीला से जुड़ा है, जिसमें धार्मिक कथा के अनुसार उन्होंने ब्रजवासियों को भारी बारिश से बचाने के लिए गोवर्धन पर्वत उठाया था. श्रीनाथजी का प्रसिद्ध श्रीनाथजी मंदिर राजस्थान के राजसमंद जिले के नाथद्वारा में स्थित है. यह मंदिर विशेष रूप से पुष्टिमार्ग परंपरा के अनुयायियों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है.
नाथद्वारा में भगवान श्रीनाथजी की सेवा एक खास परंपरा के अनुसार की जाती है. यहां भगवान को अलग-अलग समय पर भोग लगाया जाता है और उनकी पोशाक तथा श्रृंगार भी बदले जाते हैं. जन्माष्टमी और अन्नकूट जैसे त्योहारों पर यहां विशेष आयोजन होते हैं.
बालाजी कौन हैं और कहां है उनका प्रसिद्ध मंदिर?
बालाजी नाम से देश में अलग-अलग देव स्वरूपों की पूजा होती है. कई जगह भगवान हनुमान को बालाजी कहा जाता है, जबकि दक्षिण भारत में भगवान वेंकटेश्वर को तिरुपति बालाजी के नाम से जाना जाता है. भगवान वेंकटेश्वर को भगवान विष्णु का स्वरूप माना जाता है. उनका प्रसिद्ध श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर आंध्र प्रदेश के तिरुमला में स्थित है. यह मंदिर तिरुपति के पास पहाड़ियों पर बना हुआ है.
तिरुमला बालाजी मंदिर देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है. यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान के दर्शन करने पहुंचते हैं. भक्त अपनी आस्था के अनुसार भगवान को प्रसाद और दूसरे चढ़ावे अर्पित करते हैं. हालांकि, अनंत अंबानी ने जिस बालाजी का नाम लिया, उससे उनका आशय तिरुपति बालाजी था या किसी दूसरे बालाजी स्वरूप से, यह केवल दिए गए नाम के आधार पर निश्चित नहीं कहा जा सकता.
भारत माता को जीवंत देवी के रूप में नमन करने का क्या अर्थ है?
अनंत अंबानी ने अपने संबोधन में भारत माता को भी नमन किया. भारत माता देश को मां के रूप में देखने की भावना का प्रतीक हैं. यह विचार भारत की धरती, संस्कृति, इतिहास और देशवासियों के प्रति सम्मान से जुड़ा हुआ है. भारत माता का कोई एक ऐसा मंदिर नहीं है, जिसे उनका एकमात्र धार्मिक स्थान कहा जा सके. देश में अलग-अलग जगहों पर भारत माता के मंदिर बने हैं. इनमें वाराणसी का भारत माता मंदिर विशेष रूप से प्रसिद्ध है. इस मंदिर की खासियत भारत के भूगोल को दर्शाने वाला संगमरमर का नक्शा है. इसके अलावा हरिद्वार में भी भारत माता मंदिर स्थित है. इन स्थानों पर भारत माता की भावना को देशप्रेम और सांस्कृतिक पहचान से जोड़कर देखा जाता है.