इजराइल में ‘राइट विंग’ सरकार का क्या मतलब है? नेतन्याहू ने किया जिसका दावा
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इजराइल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने एक बार फिर राइट विंग सरकार बनने का दावा किया है. उन्होंने अरब पार्टियों के सहयोग से सरकार बनाने का ख्वाब देख रहे विपक्षी दलों पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि लिकुड पार्टी का गठबंधन बहुमत के साथ सरकार में आएगा.
नेतन्याहू ने राइट विंग सरकार बनने का दावा किया है. (फाइल फोटो)
इजराइल में वोटों की गिनती हो रही है. अब तक 30 प्रतिशत तक वोट गिने जा चुके हैं, जिनमें नेतन्याहू की लिकुड पार्टी के गठबंधन को बढ़त मिलती दिख रही है. हालांकि अभी भी विपक्षी दलों को नतीजे बदलने की उम्मीद है. इस बीच नेतन्याहू ने दावा कर दिया है कि लिकुड पार्टी राइट विंग सरकार बनाने जा रही है. लिकुड चुनाव हेडक्वार्टर में चुनाव के बाद अपने संबोधन में नेतन्याहू ने हमास के खिलाफ हासिल जीत को इजराइल की एक बड1ी उपलब्धि बताया. उन्होंने कहा कि वह अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के साथ मिलकर ईरानी खतरे को हमेशा के लिए खत्म कर देंगे.
लिकुड कार्यकर्ताओं को संबोधित करते समय नेतन्याहू की आवाज भारी हो गई. टाइम्स ऑफ इजराइल की एक रिपोर्ट के मुताबिक नेतन्याहू ने कहा कि राइट विंग ब्लॉक जो जायोनिस्ट जनता ने हमेशा निर्णायक बहुमत दिया है. इसी वजह से हमें एक राइट विंग, नेशनल और मजबूत सरकार चाहिए. उन्होंने कहा कि यह इजराइल में एंटी जायोनिस्ट पार्टी की सरकार बनना स्वीकार नहीं किया जा सकता. ऐसी सरकार जो अरब पार्टियों पर निर्भर है ओर हमास को एक चैरिटेबल ऑर्गनाइजेशन मानती हो.
इजराइल की राजनीति में राइट विंग से क्या मतलब है?
हर देश में राइट विंग की परिभाषा एक जैसी नहीं होती. इजराइल में राइट विंग का मतलब दक्षिणपंथ के उन विचारों से है जो राजनीतिक दल इस्तेमाल करते हैं. यह आम तौर पर राष्ट्रवाद, परंपरागत मूल्यों और राष्ट्रीय संप्रभुता को बढ़ावा देते हैं. इसीलिए यहां राइट विंग के मुख्य मुद्दे राष्ट्रीय सुरक्षा और यहूदी राष्ट्र की पहचान से जुड़ा है. इसीलिए इजराइली राइट विंग फिलिस्तीन राष्ट्र का कड़ा विरोध करती है. वेस्ट बैंक और अन्य विवादित क्षेत्रों में यहूदी बस्तियों के निर्माण तथा आतंकवाद के खिलाफ कठोर सैन्य कार्रवाई की वकालत करती है.
अगर वामपंथ की बात करें तो यह फिलिस्तीनियों के साथ बातचीत, क्षेत्रीय समझौते और दो राष्ट्र समाधान का समर्थन करते हैं. इसके अलावा मध्यमार्गी सुरक्षा के मामले में सख्त रुख अपनाने के साथ कुछ मुद्दों पर बातचीत या राजनीतिक समझौते का समर्थन करते हैं.
नेतन्याहू की लिकुड पार्टी और उसकी सहयोगी कौन हैं?
इजराइल में लिकुड एक प्रमुख दक्षिणपंथी राष्ट्रवादी पार्टियों में शामिल है. नेतन्याहू लंबे समय से इसके नेता है. इसकी प्रमुख सहयोगी रिलजियस जायनिज्म है. जो यहूदी धार्मिक पहचान और वेस्ट बैंक में बस्तियों के विस्तार का समर्थन करने का दक्षिणपंथी दल है.ओत्जमा येहुदित भी एक राइट विंग पार्टी है जो वेस्ट बैंक में बस्तियों के विस्तार का समर्थन करने वाली पार्टी है. इसके अलावा शास और यूनाइटेड टोरा भी इस गठबंधन का प्रमुख हिस्सा है, जिसमें अल्ट्रा ऑर्थोडॉक्स यहूदी समुदाय का प्रभाव है.
इजराइल में 61 सीटों पर मिलेगा बहुमत
इजराइल की संसद को नेसेट कहा जाता है, जिसमें 120 सीटें हैं. यहां सरकार बनाने के लिए किसी भी दल या गठबंधन को 61 सीटें हासिल करनी होती हैं. चूंकि कोई भी पार्टी अकेले बहुमत हासिल करने में सफल नहीं होती, इसीलिए कई बार देश में छोटी पार्टियां सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाती हैं.
अरब पार्टियों का विरोध क्यों कर रहे नेतन्याहू?
नेतन्याहू ने अपने भाषण में यहूदी और जायनिस्ट बहुमत को एकजुट करने की बात कही. उन्होंने अरब पार्टियों के समर्थन से सरकार बनाने का सपना देख रहे विपक्षी दलों पर निशाना साधा.दरअसल जायनिज्म यहूदी लोगों के लिए उनकी ऐतिहासिक जमीन और इजराइल राज्य की स्थापना करने वाला एक आंदोलन है. इससे इतर अरब पार्टियां फिलिस्तीन अधिकारों और दूसरे राजनीतिक मुद्दों को उठाती हैं. इसीलिए नेतन्याहू का खेमा विपक्षी दलों का विरोध कर कर रहा है, क्योंकि उन्हें अरब पार्टियों का समर्थन है.