पटना. बिहार विधान परिषद चुनाव में पटना स्नातक सीट पर जेडीयू उम्मीदवार नीरज कुमार की जीत के बाद मोकामा विधायक अनंत सिंह के सुर बदल गए हैं. नीरज कुमार के खिलाफ मोर्चा खोलकर जन सुराज के उम्मीदवार डॉ. अनुज सिंह के समर्थन में प्रचार करने वाले अनंत सिंह ने अब कहा है कि वह जन सुराज के उम्मीदवार को जानते तक नहीं हैं. अनंत सिंह के इस बयान को चुनाव में हार के बाद उनके यू-टर्न के तौर पर देखा जा रहा है.
अनंत सिंह ने न्यूज़ 18 से बातचीत में साफ किया कि डॉ. अनुज सिंह के समर्थन में उतरने के पीछे कोई राजनीतिक मकसद नहीं था. उनकी पूरी लड़ाई जेडीयू उम्मीदवार नीरज कुमार से थी. नीरज कुमार से अपनी व्यक्तिगत नाराजगी के कारण उन्होंने उनके खिलाफ प्रचार किया था. हालांकि, चुनाव में उन्हें सफलता नहीं मिली.
‘नीरज कुमार से नाराजगी थी, इसलिए किया विरोध’
अनंत सिंह ने अपने और नीरज कुमार के बीच विवाद की वजह भी बताई. उन्होंने आरोप लगाया कि नीरज कुमार उनका कानूनी मामला दिल्ली ले गए थे. जब उन्हें इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने नीरज कुमार का विरोध करने का फैसला किया. इसी नाराजगी में वह पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में नीरज कुमार के खिलाफ प्रचार करने लगे. अनंत सिंह ने माना कि प्रचार के लिए समय कम मिलने के कारण उनके समर्थित उम्मीदवार को पर्याप्त समर्थन नहीं मिल सका. उन्होंने कहा कि जनता ही असली मालिक है. जिसे जनता का समर्थन मिला, वह जीत गया और जिसे समर्थन नहीं मिला, उसे हार का सामना करना पड़ा.
नीरज कुमार को बधाई देने से किया इनकार
पटना स्नातक सीट पर नीरज कुमार की जीत के बाद जब अनंत सिंह से उन्हें बधाई देने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि अगर नीरज कुमार उनसे संपर्क करते हैं, तभी वह आगे के बारे में कुछ सोचेंगे. अनंत सिंह ने यह भी कहा कि चुनाव में जीत और हार लगी रहती है. वोट बाजार में नहीं खरीदे जा सकते. उनके मुताबिक, इस चुनाव में न तो उनका बेटा उम्मीदवार था और न ही भतीजा. इसलिए इसके पीछे परिवार के किसी सदस्य को चुनाव जिताने का मकसद नहीं था. उन्होंने दोहराया कि उनकी लड़ाई सिर्फ नीरज कुमार से थी.
जेडीयू में वापसी पर क्या कहा?
जेडीयू से छह साल के लिए निष्कासित किए जाने के बाद भी अनंत सिंह के तेवर में एक अलग ही संदेश दिखा. उन्होंने कहा कि उन्हें पार्टी नेतृत्व से कोई नाराजगी नहीं है. हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल जेडीयू में वापस लौटने की उनकी कोई इच्छा नहीं है. अगर भविष्य में उनकी वापसी को लेकर कोई फैसला होता है तो यह पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर निर्भर करेगा.
नीतीश कुमार से मिलते रहेंगे : अनंत सिंह
पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ अपने संबंधों पर अनंत सिंह ने कहा कि वह उनसे मिलते रहेंगे. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अगर परिस्थितियां बेहतर होतीं तो उनके साथ ऐसा व्यवहार नहीं होता.
अनंत सिंह के बयान से बिहार की सियासत में चर्चा तेज
जेडीयू से निष्कासन, नीरज कुमार के खिलाफ खुलकर प्रचार और अब जन सुराज उम्मीदवार को जानने से इनकार करने वाले बयान ने बिहार की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है. अनंत सिंह का कहना है कि उनका विरोध किसी राजनीतिक दल के लिए नहीं, बल्कि नीरज कुमार के खिलाफ व्यक्तिगत नाराजगी के कारण था. अब सवाल यह है कि नीरज कुमार के साथ उनका विवाद आगे किस दिशा में जाता है और नीतीश कुमार के साथ उनके संबंध किस रूप में बने रहते हैं. फिलहाल अनंत सिंह ने जेडीयू में वापसी की इच्छा से इनकार कर दिया है, लेकिन उनके अगले राजनीतिक कदम पर सबकी नजर रहेगी.