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Rising Bharat Summit: देश के कुल वस्तु निर्यात में अकेले 41 फीसदी का योगदान देने वाले पश्चिमी भारत के औद्योगिक इंजन को और रफ्तार देने के लिए मुंबई में एक बड़ा मंच सजने जा रहा है. न्यूज़18 ‘राइजिंग भारत समिट – वेस्ट एडिशन’ में गुजरात और महाराष्ट्र की आर्थिक धमक के साथ पूरे पश्चिमी क्षेत्र की उद्यमशीलता को नई ऊंचाई पर ले जाने का खाका खींचा जाएगा.
पश्चिमी भारत से तय होगी देश की आर्थिक उड़ान.
Rising Bharat Summit: पश्चिमी भारत लंबे समय से एक ऐसी जगह रही है जहां महत्वाकांक्षाएं उद्यम में बदल जाती हैं. यहां के वित्तीय बाज़ार व्यवसायों को पूंजी से जोड़ते हैं, औद्योगिक केंद्र भारत और दुनिया के लिए उत्पादन करते हैं, और यहां के उद्यमी बदलती उपभोक्ता ज़रूरतों को नए अवसरों में बदल देते हैं. अब अगली चुनौती इन ताकतों को और मज़बूत करने की है, जिसमें स्थापित व्यवसायों को खुद को नए सिरे से ढालने में मदद करना, उभरते उद्यमों को बड़े स्तर पर ले जाना और आर्थिक अवसरों को ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक पहुंचाना शामिल है.
इस क्षेत्र की आर्थिक अहमियत इसके निर्यात प्रदर्शन से साफ़ झलकती है. वित्त वर्ष 2025-26 में, भारत के कुल वस्तु निर्यात में गुजरात और महाराष्ट्र की हिस्सेदारी लगभग 41% रही. महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और गोवा में विनिर्माण, वित्तीय सेवाएँ, लॉजिस्टिक्स, तकनीक, नवीकरणीय ऊर्जा और पर्यटन जैसे क्षेत्र विकास के लिए एक विविध आधार तैयार करते हैं. ये क्षमताएं भारतीय उद्यमों के ‘अगले चरण’ (Next Phase) को कैसे सहारा दे सकती हैं, यही मुंबई में होने वाले ‘न्यूज़18 राइजिंग भारत समिट – वेस्ट एडिशन’ का मुख्य विषय होगा.
इस चर्चा के केंद्र में ‘नीति’ (Policy) होगी. निवेश आकर्षित करना तो बस एक हिस्सा है; असली काम इसे उत्पादक व्यवसायों, रोज़गार और मज़बूत क्षेत्रीय अर्थव्यवस्थाओं में बदलना है. इस नीतिगत दृष्टिकोण पर चर्चा करने के लिए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी और लोकसभा सांसद श्रीकांत शिंदे शामिल होंगे. वे उन फ़ैसलों पर अपने विचार रखेंगे जो पूरे क्षेत्र में विकास और अवसरों को आकार दे रहे हैं.
यह चर्चा स्वाभाविक रूप से उस बुनियादी ढांचे (infrastructure) तक भी पहुंचती है, जो इस महत्वाकांक्षा को बनाए रखने के लिए ज़रूरी है. तेज़ी से बढ़ते शहरों को ऐसे परिवहन नेटवर्क, नागरिक सुविधाओं और योजना की ज़रूरत होती है, जो व्यापार के विस्तार और लोगों की बढ़ती आकांक्षाओं के साथ कदम मिलाकर चल सकें. बृहन्मुंबई नगर निगम की अश्विनी भिड़े, एमएमआरडीए (MMRDA) के डॉ. संजय मुखर्जी और एमएसआरडीसी (MSRDC) के अनिल गायकवाड़ सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के नज़रिए से अपनी बात रखेंगे. इनके साथ-साथ, हीरानंदानी ग्रुप के निरंजन हीरानंदानी, ‘द हाउस ऑफ अभिनंदन लोढ़ा’ के अभिनंदन लोढ़ा, BGRE और ब्रुकफील्ड इंडिया REIT के शशांक जैन, JLL इंडिया के निशांत काबरा और HDFC बैंक के सुमंत रामपाल, शहरी विकास, प्रॉपर्टी निवेश, हाउसिंग फाइनेंस और ‘अगले भारत’ के निर्माण के लिए जरूरी पूंजी के बारे में अपने विचार साझा करेंगे.