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Rajasthan High Court News: राजस्थान हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई के दौरान एक युवती ने परिजनों के साथ जाने की इच्छा जताई. प्रेमिका के इस फैसले से नाराज प्रेमी अरबाज खान ने हाईकोर्ट परिसर की बालकनी से लटककर जान देने की कोशिश की. हालांकि, मौके पर मौजूद वकीलों की सूझबूझ और तत्परता के कारण उसकी जान सुरक्षित बचा ली गई. पुलिस ने युवक को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है. इस मामले में कोर्ट ने अगली सुनवाई 20 नवंबर को तय की है.
High Court Drama: प्रेमिका के ठुकराने पर हाईकोर्ट की बालकनी से लटका प्रेमी
Jodhpur: राजस्थान हाईकोर्ट में सोमवार को एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका की सुनवाई के दौरान बेहद नाटकीय और चौंकाने वाला वाकया देखने को मिला. कोर्टरूम की कार्यवाही के दौरान एक प्रेमी युगल से जुड़ा मामला सामने आया, जहां बयानों में युवती ने अपने परिजनों और बुआ के साथ जाने की इच्छा जताई. इस फैसले से युवक अरबाज खान बुरी तरह आहत हो गया और उसने गुस्से तथा निराशा में हाईकोर्ट परिसर की बालकनी से लटककर आत्महत्या करने की धमकी दे डाली.
युवती द्वारा अपने परिवार के पक्ष में फैसला देने और उसके साथ जाने से साफ मना करने के बाद बाड़मेर रोड स्थित गंगाणा निवासी 22 वर्षीय अरबाज खान का सब्र टूट गया. उसने अचानक यह खतरनाक कदम उठाया और बालकनी की ग्रिल से लटक गया. गनीमत यह रही कि उस समय मौके पर कई वकील और अन्य लोग मौजूद थे. अधिवक्ताओं ने अपनी तत्परता और सूझबूझ का परिचय देते हुए तुरंत युवक को पकड़ लिया और सुरक्षित ऊपर खींचकर उसकी जान बचा ली. इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए युवक को शांतिभंग के आरोप में हिरासत में ले लिया.
अदालत में क्या हुआ फैसला
यह पूरा मामला जोधपुर स्थित राजकीय नारी निकेतन से युवती को अदालत में पेश किए जाने से जुड़ा था. न्यायाधीश मुन्नूरी लक्ष्मण और न्यायाधीश चंद्र प्रकाश श्रीमाली की खंडपीठ ने इस मामले की सुनवाई की. अदालत के सामने युवती की काउंसलिंग रिपोर्ट पेश की गई, जिसके आधार पर कोर्ट ने युवती की अभिरक्षा उसकी बुआ देवी को सौंपने के निर्देश दिए. याचिकाकर्ता पिता ने भी इस व्यवस्था पर किसी प्रकार की आपत्ति नहीं जताई, जिससे कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ सकी.
फर्जी विवाह प्रमाण पत्रों का खुलासा
सुनवाई के दौरान दोनों के कथित विवाह से जुड़े दस्तावेजों को लेकर भी एक बड़ा और अहम तथ्य सामने आया. इससे पहले 15 अक्टूबर को हुई सुनवाई में अदालत ने इन दस्तावेजों का उल्लेख किया था. मामले में संरक्षण के लिए प्रस्तुत किए गए विवाह प्रमाण पत्रों के सत्यापन के दौरान वे फर्जी पाए गए. अदालत ने इस गंभीर मामले का संज्ञान लेते हुए रजिस्ट्रार (न्यायिक) को निर्देश दिया है कि कथित फर्जी विवाह प्रमाण पत्रों से संबंधित प्रकरण को अगली सुनवाई पर खंडपीठ के समक्ष प्रस्तुत किया जाए. इस मामले की अगली सुनवाई अब आगामी 20 नवंबर को निर्धारित की गई है.