Brazil Election Controversy: लूला की जीत को धांधली कह रहे ट्रंप उधर बोल्सोनारो ने मान ली हार

Brazil Election Controversy: लूला की जीत को धांधली कह रहे ट्रंप उधर बोल्सोनारो ने मान ली हार


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Brazil Election Controversy: ब्राजील में हुए चुनावो में जब से लूला दा सिल्वा को जीत मिली है, तब से उन पर धांधली का आरोप लग रहा है. विपक्षी नेता फ्लावियो बोल्सोनारो के बाद अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी आरोप लगाए हैं कि चुनाव फेयर नहीं थे. हालांकि बोल्सोनारो ने अपनी शिकायत वापस ले ली और कोर्ट ने उनके देश छोड़ने पर रोक लगा दी है.

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ब्राजील के चुनाव पर विवाद.

Brazil Election Controversy: ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव में लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा की जीत के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया. विपक्षी खेमे के नेता फ्लावियो बोल्सोनारो ने शुरुआत में चुनाव परिणामों पर सवाल उठाते हुए उन्हें रद्द करने की मांग की थी. अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जैसे ही चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए, उनका रुख बदल गया. कल तक चुनावों को रद्द करने की मांग कर रही लिबरल पार्टी ने भी चुनाव परिणाम स्वीकार कर लिए. इस घटनाक्रम ने ब्राजील की राजनीति में अमेरिकी समर्थन और अंतरराष्ट्रीय दबाव की भूमिका को लेकर चर्चा शुरू कर दी.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में ब्राजील के चुनाव की प्रक्रिया पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि लूला के साथ उनके अच्छे संबंध हैं लेकिन चुनाव कराने के तरीके और मतगणना की प्रक्रिया उन्हें ठीक नहीं लगी. ट्रंप ने मतदान का समय बढ़ाए जाने को भी असामान्य बताया. हालांकि जब उनसे पूछा गया कि क्या वह ब्राजील के चुनाव में हस्तक्षेप करना चाहते हैं, तो उन्होंने कहा – ‘मैं ब्राजील नहीं चला रहा हूं, मैं अमेरिका चला रहा हूं.’ इस बयान को संकेत के रूप में देखा गया कि ट्रंप चुनाव परिणाम रद्द कराने के लिए कोई कदम उठाने के पक्ष में नहीं हैं.

लूला को दूसरे राउंड में मिली जीत

ब्राजील के सुपीरियर इलेक्टोरल कोर्ट के मुताबिक दूसरे चरण में लूला दा सिल्वा को 51.79 प्रतिशत वैध वोट मिले, जबकि बोल्सोनारो को 48.21 प्रतिशत वोट हासिल हुए. इस तरह लूला ने चुनाव जीत लिया. बोल्सोनारो ने मतदान का समय बढ़ाए जाने के फैसले पर आपत्ति जताई थी. उनका आरोप था कि इस फैसले से मतदाताओं के साथ समान व्यवहार नहीं हुआ. हालांकि मतदान का समय बढ़ाने का फैसला सार्वजनिक परिवहन की समस्याओं और भारी बारिश जैसी परिस्थितियों को ध्यान में रखकर लिया गया था. रिपोर्टों की मानें तो लूला की पार्टी ने पहले यातायात संबंधी दिक्कतों का हवाला देते हुए अतिरिक्त समय मांगा था. बाद में बोल्सोनारो की पार्टी भी इस रिक्वेस्ट में शामिल हो गई.

दक्षिणपंथी नेता फ्लावियो बोल्सोनारो दूसरे दौर में हारे. (रॉयटर्स)

बोल्सोनारो ने मानी हार, विरोध जारी 

बोल्सोनारो ने अपने वीडियो संदेश में स्पष्ट रूप से हार स्वीकार नहीं की लेकिन कहा कि वह संसद में विपक्ष का नेतृत्व करेंगे. उन्होंने कहा कि वह विपक्ष को संगठित करेंगे और संसद के निचले सदन तथा सीनेट में अपनी ताकत का इस्तेमाल करेंगे. उनकी पार्टी ने भी चुनाव परिणाम स्वीकार करते हुए कहा कि उठाए गए सवालों पर लोकतांत्रिक तरीके से चर्चा होनी चाहिए. इस तरह चुनाव रद्द कराने की मांग पीछे हट गई, लेकिन राजनीतिक विरोध खत्म नहीं हुआ.

पासपोर्ट मामले से जुड़ा अलग विवाद

इसी बीच एक अन्य रिपोर्ट में दावा किया गया कि ब्राजील की सुप्रीम फेडरल कोर्ट के न्यायाधीश एलेक्जेंडर डी मोरेस ने फ्लावियो बोल्सोनारो का पासपोर्ट जमा कराने और देश छोड़ने पर रोक लगाने का आदेश दिया. यह कार्रवाई कथित मनी लॉन्ड्रिंग और मनी एक्सचेंज की जांच से जुड़ी बताई गई. इस मामले को चुनाव विवाद से अलग जांच के रूप में देखना जरूरी है. ट्रंप के बयान और बोल्सोनारो के बदले रुख के बीच समय का संबंध जरूर दिखाई देता है, लेकिन इससे यह साबित नहीं होता कि ट्रंप ने सीधे उन पर दबाव डाला था.



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