लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 22 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. बैठक में शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को कैशलेस इलाज की सुविधा देने, मैनपुरी के सैनिक स्कूल के लिए जमीन उपलब्ध कराने, चार लिंक एक्सप्रेसवे के विकासकर्ताओं के चयन और प्रदेश में साइबर सुरक्षा ऑपरेशंस सेंटर स्थापित करने जैसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव शामिल रहे. इसके अलावा लखनऊ-हरदोई में पीएम मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क, रोबोटिक्स पार्क, पेयजल और सीवरेज परियोजनाओं के साथ पशुपालन क्षेत्र को बढ़ावा देने से जुड़े प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई.
कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए स्टाम्प एवं पंजीयन मंत्री रविंद्र जायसवाल और पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने अपने-अपने विभागों से जुड़े निर्णयों के बारे में बताया. सरकार का जोर प्रदेश में निवेश बढ़ाने, बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने, रोजगार के अवसर पैदा करने और किसानों की आय बढ़ाने पर है.
शिक्षा विभाग के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को कैशलेस इलाज
कैबिनेट बैठक में माध्यमिक शिक्षा विभाग और संस्कृत विद्यालयों के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई. इसके साथ ही बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और उनके आश्रितों को भी कैशलेस इलाज की सुविधा देने का फैसला लिया गया.
इस व्यवस्था से पात्र कर्मचारियों और उनके परिवारों को इलाज के दौरान आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है. कैशलेस चिकित्सा सुविधा के जरिए निर्धारित नियमों और पात्रता के अनुसार अस्पतालों में इलाज कराया जा सकेगा. इससे कर्मचारियों को इलाज के खर्च का इंतजाम करने में होने वाली परेशानी कम हो सकती है.
सैनिक स्कूल मैनपुरी को मुफ्त मिलेगी 9.524 हेक्टेयर जमीन
कैबिनेट ने सैनिक स्कूल मैनपुरी के लिए 9.524 हेक्टेयर भूमि निःशुल्क हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी. इस फैसले से सैनिक स्कूल से संबंधित जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी. वहीं, झांसी और ललितपुर में भंडारगृहों के निर्माण के लिए भी निःशुल्क भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई. इन परियोजनाओं का उद्देश्य संबंधित क्षेत्रों में भंडारण से जुड़ी सुविधाओं को विकसित करना है.
यूपी में चार लिंक एक्सप्रेसवे के विकासकर्ताओं का होगा चयन
उत्तर प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए चार लिंक एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के विकासकर्ताओं के चयन के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दी. इनमें फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाला लिंक एक्सप्रेसवे, झांसी लिंक एक्सप्रेसवे और जेवर लिंक एक्सप्रेसवे शामिल हैं.
इन परियोजनाओं के जरिए प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों को एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जोड़ने की योजना है. इससे आवागमन को बेहतर बनाने और संबंधित क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है. विकासकर्ताओं के चयन की प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ परियोजनाओं के निर्माण की दिशा में काम किया जाएगा.
एफडीआई और वैश्विक कंपनियों के निवेश को बढ़ावा
कैबिनेट बैठक में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश यानी एफडीआई और वैश्विक कंपनियों के निवेश से संबंधित इम्पावर्ड कमेटी के फैसलों पर मुहर लगाई गई. इसके अलावा उत्तर प्रदेश की GCC नीति-2024 के तहत उच्चस्तरीय समिति की संस्तुतियों को मंजूरी देने का प्रस्ताव भी शामिल रहा.
GCC यानी ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर के जरिए बड़ी कंपनियां तकनीकी सेवाओं, शोध, डेटा विश्लेषण और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन करती हैं. प्रदेश में ऐसे निवेश को प्रोत्साहित करने से रोजगार के नए अवसर पैदा करने और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की संभावना है.
कंपनी के मर्जर-डीमर्जर के लिए पंजीयन विभाग में कराना होगा रजिस्ट्रेशन
स्टाम्प एवं पंजीयन मंत्री रविंद्र जायसवाल ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि अब उत्तर प्रदेश में कंपनियों के मर्जर और डीमर्जर से जुड़े मामलों में स्टाम्प एवं पंजीयन विभाग में भी रजिस्ट्रेशन कराना होगा. मंत्री के मुताबिक, कंपनी की संपत्ति पर सर्किल रेट का 2 प्रतिशत या 0.50 प्रतिशत स्टाम्प शुल्क जमा करने का प्रावधान होगा. अभी तक इस तरह की प्रक्रिया कंपनी अधिनियम के तहत होती थी, लेकिन अब पंजीयन विभाग में भी रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था की जाएगी. इस फैसले से कंपनियों के विलय, विभाजन और उनसे जुड़ी संपत्तियों के हस्तांतरण की प्रक्रिया में पंजीयन विभाग की भूमिका बढ़ेगी. शुल्क की गणना और लागू शर्तों का विस्तृत विवरण संबंधित सरकारी आदेश से स्पष्ट होगा.
यूपी अंतर्देशीय जलयान नियमावली-2026 को मंजूरी
कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश अंतर्देशीय जलयान नियमावली-2026 के प्रख्यापन का प्रस्ताव भी शामिल रहा. इस नियमावली के जरिए प्रदेश में अंतर्देशीय जल परिवहन से संबंधित गतिविधियों के संचालन और नियमन के लिए नियम निर्धारित किए जाएंगे. नियमावली का उद्देश्य जल परिवहन से जुड़ी गतिविधियों को व्यवस्थित करना और उनके संचालन के लिए जरूरी प्रक्रियाएं तय करना है.
प्रयागराज में हाईकोर्ट अधिकारियों के लिए बनेंगे 845 आवास
प्रयागराज में इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिकारियों के लिए 845 आवासों के निर्माण को वित्तीय मंजूरी देने का प्रस्ताव कैबिनेट में शामिल रहा. इस परियोजना से अधिकारियों के लिए आवासीय सुविधाएं विकसित करने में मदद मिलेगी.
इसके अलावा प्रयागराज में ऑडिटोरियम और वर्किंग वुमन हॉस्टल के निर्माण का प्रस्ताव भी बैठक में रखा गया. वर्किंग वुमन हॉस्टल के जरिए कामकाजी महिलाओं के लिए रहने की सुविधा विकसित करने का लक्ष्य है. वहीं, ऑडिटोरियम का निर्माण विभिन्न कार्यक्रमों और आयोजनों के लिए उपयोगी होगा.
आईआईटी कानपुर के सहयोग से बनेगा साइबर सुरक्षा ऑपरेशंस सेंटर
प्रदेश में साइबर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए साइबर सुरक्षा ऑपरेशंस सेंटर स्थापित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई. इसके लिए आईआईटी कानपुर के सी3आईहब (C3iHub) के माध्यम से काम किया जाएगा. इस केंद्र के जरिए साइबर खतरों की निगरानी, संभावित हमलों की पहचान और उनसे निपटने की व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर रहेगा. डिजिटल सेवाओं और सरकारी सूचना प्रणालियों की सुरक्षा के लिहाज से यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
लखनऊ-हरदोई में 1000 एकड़ में विकसित होगा पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क
उत्तर प्रदेश में कपड़ा उद्योग को बढ़ावा देने के लिए लखनऊ और हरदोई में 1000 एकड़ भूमि पर पीएम मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क विकसित करने की योजना है. कैबिनेट बैठक में इसके मास्टर डेवलपर के चयन का प्रस्ताव रखा गया. इस परियोजना के जरिए कपड़ा उद्योग से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों को एक ही स्थान पर विकसित करने का लक्ष्य है. इससे उत्पादन, प्रोसेसिंग और अन्य संबंधित औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की संभावनाएं हैं. परियोजना के विकास से रोजगार के अवसर पैदा करने में भी मदद मिल सकती है.
यूपी में स्थापित होगा PRAGATI रोबोटिक्स पार्क
कैबिनेट बैठक में प्रदेश में PRAGATI रोबोटिक्स पार्क की स्थापना का प्रस्ताव भी शामिल रहा. इसका उद्देश्य रोबोटिक्स और उन्नत तकनीक से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा देना है. रोबोटिक्स और ऑटोमेशन का इस्तेमाल उद्योगों में तेजी से बढ़ रहा है. ऐसे में रोबोटिक्स पार्क के जरिए तकनीकी विकास, नवाचार और औद्योगिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में काम किया जाएगा.
लखनऊ और वाराणसी में पेयजल-सीवरेज की सात परियोजनाएं
कैबिनेट बैठक में लखनऊ और वाराणसी में पेयजल और सीवरेज से जुड़ी सात परियोजनाओं के व्यय प्रस्ताव को मंजूरी देने की तैयारी भी शामिल रही. इन परियोजनाओं का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में जलापूर्ति और सीवरेज व्यवस्था को बेहतर बनाना है. बढ़ती आबादी के बीच स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता और सीवरेज प्रबंधन शहरी निकायों के लिए महत्वपूर्ण जरूरत है. इन परियोजनाओं के जरिए संबंधित शहरों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया जाएगा.
योगी सरकार ने पहली बार बनाया स्टेट लाइवस्टॉक मिशन
कैबिनेट बैठक के बाद पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने पशुपालन क्षेत्र से जुड़े फैसलों की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि योगी सरकार ने पहली बार स्टेट लाइवस्टॉक मिशन यानी एसएलएम का गठन किया है. मंत्री के मुताबिक, इस मिशन का उद्देश्य रोजगार सृजन, उद्यम विकास और पशुधन उत्पादों में वृद्धि को बढ़ावा देना है. प्रदेश में पशुओं की नस्ल सुधार पर भी काम किया जा रहा है. सरकार का लक्ष्य पशुपालन को किसानों के लिए आय का बेहतर माध्यम बनाना है.
पशुओं के बीमा में 85 प्रतिशत खर्च उठाएगी सरकार
पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि सरकार पशुओं का बीमा कराएगी. इसके तहत बीमा प्रीमियम का 85 प्रतिशत हिस्सा सरकार देगी, जबकि पशुपालक को 15 प्रतिशत राशि खर्च करनी होगी.