बिहार के ये 3 भूमिहार, राजपूत और यादव नेता बन जाएंगे ‘डगरा का बैंगन’, तेजस्वी की भविष्यवाणी में कितना दम?

बिहार के ये 3 भूमिहार, राजपूत और यादव नेता बन जाएंगे ‘डगरा का बैंगन’, तेजस्वी की भविष्यवाणी में कितना दम?


मोकामा के विधायक अनंत सिंह को जेडीयू से छह साल के लिए निष्कासित किए जाने के बाद बिहार की राजनीति में बवाल मचा हुआ है. तीन ऐसे नेताओं की चर्चा हो रही है, जो भूमिहार, यादव औ राजपूत जाति से आते हैं. इन तीनों नेताओं के बारे में राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने बड़ी बात कही है. तेजस्वी यादव ने राज्य के मौजूदा राजनीतिक हालात को दो साल पहले एक घटनाक्रम से जोड़कर तंज कसा है. तेजस्वी ने कहा कि उन्होंने पहले ही चेतावनी दी थी कि जो नेता पार्टी छोड़कर दूसरी तरफ जा रहे हैं, उन्हें आगे चलकर इसकी कीमत चुकानी पड़ सकती है. तेजस्वी ने अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी, प्रह्लाद यादव और आनंद मोहन के बेटे चेतन आनंद का जिक्र करते हुए यह बात कही. क्या आज इन नेताओं की राजनीतिक स्थिति तेजस्वी के पुराने बयान की याद दिला रही है?

तेजस्वी यादव ने यह भी साफ किया कि अनंत सिंह को आरजेडी में शामिल कराने या उन्हें कोई राजनीतिक प्रस्ताव देने की उनकी पार्टी की ओर से पहल नहीं की गई है. उनके बयान का निशाना सिर्फ अनंत सिंह नहीं, बल्कि जेडीयू की मौजूदा स्थिति और मुख्यमंत्री पद को लेकर हुए राजनीतिक बदलाव भी रहे.

मोकामा से विधायक अनंत सिंह को JDU से निष्‍कासित कर दिया गया है. (फाइल फोटो)

तेजस्वी ने तीन नेताओं पर साधा निशाना

तेजस्वी यादव ने कहा कि जब बिहार में विश्वास मत चल रहा था, तब आरजेडी के तीन विधायकों नीलम देवी, चेतन आनंद और प्रह्लाद यादव ने पार्टी का साथ छोड़कर दूसरी तरफ समर्थन दिया था. तेजस्वी के मुताबिक, उसी समय उन्होंने इन नेताओं को आगाह किया था कि समय आने पर उनके फैसले का असर दिखाई देगा. तेजस्वी ने तंज कसते हुए कहा कि आज आनंद मोहन परेशान हैं, प्रह्लाद यादव को टिकट तक नहीं मिला और अनंत सिंह की स्थिति भी सबके सामने है. उन्होंने आरोप लगाया कि इन नेताओं ने उस समय अपनी पार्टी के साथ गद्दारी की थी और अब उसके परिणाम दिखाई दे रहे हैं.

अनंत सिंह को आरजेडी में लाने का कोई प्रस्ताव नहीं

अनंत सिंह को जेडीयू से निकाले जाने के बाद उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर भी चर्चा है. उनसे जुड़े संभावित राजनीतिक विकल्पों पर सवाल पूछे जाने पर तेजस्वी यादव ने स्पष्ट किया कि आरजेडी की ओर से अनंत सिंह को पार्टी में लाने का कोई प्रस्ताव नहीं है. जेडीयू ने 24 अक्टूबर 2026 को अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी को छह साल के लिए निष्कासित किया था. पार्टी ने आरोप लगाया कि अनंत सिंह ने निर्देशों की अनदेखी की और विधान परिषद चुनाव में JDU के उम्मीदवार नीरज कुमार के बजाय जन सुराज के प्रत्याशी अनुज सिंह का समर्थन किया. पार्टी ने विधानसभा अध्यक्ष से अनंत सिंह की सदस्यता पर भी कार्रवाई करने की मांग की है.

बेगूसराय में मीडिया से बात करते हुए आनंद मोहन.

इस घटनाक्रम ने अनंत सिंह और जेडीयू के बीच लंबे समय से चले आ रहे राजनीतिक संबंधों में दरार को खुलकर सामने ला दिया है. हालांकि, पार्टी से निष्कासन और विधानसभा की सदस्यता समाप्त होना अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं. सदस्यता पर अंतिम फैसला संबंधित संवैधानिक प्रक्रिया के तहत होगा.

तेजस्वी का नीतीश पर दावा

तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री पद को लेकर भी बड़ा दावा किया. उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले ही कहा था कि चुनाव के बाद नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री नहीं रहने दिया जाएगा और चुनाव के 100 दिनों के भीतर उन्हें पद से हटा दिया गया. तेजस्वी ने जेडीयू के भविष्य पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि चुनाव के बाद पार्टी कमजोर होगी और अब उसके भीतर ही संघर्ष दिखाई दे रहा है. उनके मुताबिक, मौजूदा घटनाक्रम उनकी पहले की राजनीतिक भविष्यवाणियों को सही साबित करता है.

अनंत, चेतन और प्रह्लाद के बाद किसका नंबर?

अनंत सिंह के निष्कासन के बाद विवाद केवल एक विधायक तक सीमित नहीं रहा. पार्टी के सामने अनुशासन बनाए रखने, अपने नेताओं को साथ रखने और संगठन के भीतर मतभेदों को संभालने की चुनौती भी है. दूसरी ओर, आरजेडी इस घटनाक्रम को जेडीयू के भीतर अस्थिरता के संकेत के रूप में पेश कर रही है.

तेजस्वी यादव ने नाव हादसे को लेकर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है.

तेजस्वी यादव की भविष्यवाणी में कितना दम?

अनंत सिंह ने निष्कासन के बाद जेडीयू के भविष्य पर सवाल उठाए थे और अपनी अलग पार्टी बनाने की संभावना भी जताई थी. उन्होंने यह भी कहा था कि उनका नीतीश कुमार से व्यक्तिगत विवाद नहीं है. इसलिए आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि अनंत सिंह अपनी राजनीतिक राह अलग करते हैं या किसी अन्य विकल्प पर विचार करते हैं. साथ ही, जेडीयू इस विवाद का संगठनात्मक स्तर पर कैसे जवाब देती है, यह भी बिहार की राजनीति में चर्चा का विषय बना रहेगा.

तेजस्वी यादव ने अनंत सिंह के निष्कासन को पुराने राजनीतिक घटनाक्रम से जोड़कर जेडीयू पर हमला बोला है. उन्होंने नीलम देवी, चेतन आनंद और प्रह्लाद यादव का जिक्र कर कहा कि पार्टी छोड़ने वाले नेताओं को लेकर उनकी चेतावनी अब सही साबित हो रही है. साथ ही, नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से हटने और जेडीयू के भविष्य पर भी सवाल उठाए.



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