जयपुर से आपकी फ्लाइट तो उड़ गई, पर एयरपोर्ट के इस कोने पर मचा था हड़कंप, सबके माथे पर था सिर्फ पसीना

जयपुर से आपकी फ्लाइट तो उड़ गई, पर एयरपोर्ट के इस कोने पर मचा था हड़कंप, सबके माथे पर था सिर्फ पसीना


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जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उस वक्त हड़कंप मच गया जब टर्मिनल-1 के एक टॉयलेट में बम होने का अलर्ट मिला. हालात से निपटने के लिए सीआईएसएफ, इंटेलिजेंस ब्यूरो, राजस्थान पुलिस, एटीएस और डॉग स्क्वॉड समेत तमाम सुरक्षा एजेंसियां तुरंत हरकत में आ गईं. करीब दो घंटे की कड़ी मशकक्‍त के बाद बम को सफलतापूर्वक न्यूट्रिलाइज कर दिया गया. बाद में एयरपोर्ट अधिकारियों ने खुलासा किया कि पैसेंजर्स की सुरक्षा और एजेंसियों की तैयारियों का जायजा लेने के लिए एक हाई-लेवल ‘मॉक ड्रिल’ की गई थी.

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जयपुर एयरपोर्ट पर आज दोपहर करीब दो घंटे तक हड़कंप की स्थिति बनी रही.

Jaipur Airport: जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से आज भले ही आपकी फ्लाइट अपने टाइम पर बिना किसी परेशानी के उड़ गई हो, लेकिन नीचे टर्मिनल से लेकर एयरसाइड तक हड़कंप मचा हुआ था. इस हड़कंप की वजह एक ऐसी ‘आफत’ थी, जिसने लगभग सभी एजेंसियों के माथे पर पसीना ला दिया था. इस बीच, सभी एजेंसियों को साफ हिदायत दी गई थी कि इस ‘आफत’ की भनक किसी भी सूरत में पैसेंजर्स को ना लगे. साथ ही, इस ‘आफत’ की वजह से किसी भी फ्लाइट की आवाजाही में किसी तरह की कोई दिक्‍कत ना आए.

लिहाजा, जयपुर एयरपोर्ट की तमाम एजेंसियों को दो टीमों में बांट दिया गया था. पहली टीम की जिम्‍मेदारी फ्लाइट ऑपरेशन को बहाल रखना था, जबकि दूसरी टीम को अचानक आई आफत से निपटने की जिम्‍मेदारी दी गई थी. इस आफत से निपटने के लिए तैनात की गई एजेंसियों में सीआईएसएफ, इंटेलिजेंस ब्‍यूरो, राजस्‍थान पुलिस, एटीएस, इमिग्रेशन ब्‍यूरो, डोमेस्टिक फायर टेंडर्स सहित तमाम एयरलाइंस की सिक्‍योरिटी टीम भी शामिल थी. इसके अलावा, इस आफत से निपटने के लिए खास तौर पर डॉग स्क्वॉड और थ्रेट कंटेनमेंट व्हीकल (TCV) को भी तैनात किया गया था.

जयपुर एयरपोर्ट पर आई ‘आफत’ से निपटने की तैयारी करते तमाम एजेंसियों के अधिकारी और कमी.

एयरपोर्ट के बाथरूम में बम मिलने का था अलर्ट
एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार, 27 अक्‍टूबर की दोपहर करीब 2:30 बजे एयरपोर्ट कंट्रोल रूम को अलर्ट मिला कि टर्मिनल-वन के एक टॉयलेट में बम मिला है. जानकारी मिलते ही एयरपोर्ट पर सबसे पहले बम थ्रेट असेसमेंट कमेटी के सभी स्‍टेट होल्‍डर्स आपात बैठक बुलाई गई. इसी बीच, जिस टॉयलेट में बम मिलने की जानकारी मिली थी, उसको कॉर्डन ऑफ कर दिया गया. सभी पैसेंजर्स को उस टॉयलेट से दूर कर दिया. साथ ही, पैसेंजर्स के मूवमेंट में भी मामूली बदलाव किए गए, जिससे पैसेंजर्स उस बाथरूम से दूर हो सकें. इस बीच सभी एजेंसीज ने अपने रोल के मुताबिक पोजीशन ले ली. करीब दो घंटे की मशक्‍कत के बाद शाम करीब 4:30 बजे बम को सफलतापूर्वक न्‍यूट्रिलाइज कर दिया गया.

करीब दो घंटे की जद्दोजहद के बाद ‘आफत’ से पाया गया छुटकारा.

मॉक ड्रिल के लिए दिया गया था बिल्‍कुल रियल थ्रेट
जयपुर एयरपोर्ट की सुरक्षा से जुड़े एक वरिष्‍ठ अधिकारी के अनुसार, टर्मिनल वन में आई यह ‘आफत’ दरअसल मॉक ड्रिल का हिस्‍सा था. इस बार मॉक ड्रिल के दौरान रियल थ्रेट जैसी परिस्थितियां पैदा की गई थीं. इसका मकसद तमाम एजेंसियों की एलर्टनेस और तैयारियों का जायजा लेना था. साथ ही, यह भी देखना था कि वास्‍तविक थ्रेट की स्थिति में सुरक्षा एजेंसियों के साथ दूसरी एजेंसियों और एयरलाइंस का तालमेल कैसा रहता है. सामने आई चुनौती को कितनी तत्‍परता से निपटा जा सकता है. उन्‍होंने बताया कि मॉक ड्रिल के दौरान सभी एजेंसियों का रिस्‍पांस टाइम और एलर्टनेस संतोषजनक पाई गई है.



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