कांगड़ा एयरपोर्ट का विस्तार, भूमि अधिग्रहण की मुख्य प्रक्रिया लगभग पूरी, 2650 करोड़ रुपये का मुआवजा बांटा गया

कांगड़ा एयरपोर्ट का विस्तार, भूमि अधिग्रहण की मुख्य प्रक्रिया लगभग पूरी, 2650 करोड़ रुपये का मुआवजा बांटा गया


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Kangra Airport Expansion: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के लिए भूमि अधिग्रहण की कानूनी प्रक्रिया लगभग पूरी हो गई है, प्रभावित भू-मालिकों को करीब 2650 करोड़ रुपये का मुआवजा बांटा जा चुका है.

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हिमाचल प्रदेश में कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तारीकरण की दिशा में भूमि अधिग्रहण से जुड़ी मुख्य कानूनी प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है.

धर्मशाला.  हिमाचल प्रदेश में कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तारीकरण की दिशा में भूमि अधिग्रहण से जुड़ी मुख्य कानूनी प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है. अब तक प्रभावित भू-मालिकों को करीब 2650 करोड़ रुपये का मुआवजा वितरित किया जा चुका है. शेष मुआवजे का भुगतान अब व्यक्तिगत मामलों के आधार पर किया जा रहा है. यह जानकारी कांगड़ा के उपायुक्त हेमराज बैरवा ने दी.

उपायुक्त कांगड़ा ने बताया कि भूमि अधिग्रहण के तहत मुआवजा वितरण की प्रक्रिया काफी आगे बढ़ चुकी है. पहले बड़ी संख्या में मुआवजे की मांग के मामले सामने आ रहे थे, लेकिन अब ऐसे मामले कम हो गए हैं. शेष पात्र लोगों को मुआवजा देने के लिए राज्य सरकार से अतिरिक्त धनराशि की मांग की जा रही है. उन्होंने बताया कि अधिग्रहित भूमि का संबंधित विभाग के नाम इंतकाल भी लगभग पूरा हो चुका है.

उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट की 12 मीटर चौड़ी सड़क के लिए कुछ भूमि अधिग्रहण से छूट गई थी, उसे अधिग्रहित करने की प्रक्रिया भी जारी है. इसे जल्द पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं.

मांझी खड्ड पर पुल और तकनीकी पहलुओं पर काम जारी

डीसी कांगड़ा ने बताया कि एयरपोर्ट विस्तार परियोजना से जुड़े तकनीकी पहलुओं पर पर्यटन विभाग भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के साथ लगातार संपर्क में है. इस संबंध में बैठकें भी की जा रही हैं. मांझी खड्ड पर पुल निर्माण, भूमि की लेवलिंग और सर्वेक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर कार्रवाई चल रही है. इन मुद्दों को लेकर मुख्यमंत्री और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के स्तर पर भी चर्चा की गई है, ताकि परियोजना के कार्यान्वयन में तेजी लाई जा सके.

सहमति और परिस्थितियों के आधार पर लिया जाएगा कब्जा

हेमराज बैरवा ने बताया कि अधिग्रहित भूमि का कब्जा लेने की प्रक्रिया प्रभावित परिवारों की परिस्थितियों को ध्यान में रखकर आगे बढ़ाई जाएगी. प्रशासन संबंधित लोगों से उनकी जमीन खाली करने की संभावित समयसीमा के बारे में बातचीत कर रहा है. सभी परिवारों की परिस्थितियां एक जैसी नहीं होने के कारण प्रत्येक मामले पर अलग-अलग विचार किया जाएगा. उन्होंने कहा कि आवश्यक धनराशि उपलब्ध होने के बाद मौके पर भूमि का स्पष्ट सीमांकन भी किया जाएगा. इससे लोगों को यह जानने में आसानी होगी कि कौन-सी जमीन संबंधित विभाग के नाम दर्ज हो चुकी है और कौन-सी भूमि अधिग्रहण के दायरे से बाहर है.

गौर रहे कि कांगड़ा एयरपोर्ट का विस्तार क्षेत्र में हवाई संपर्क, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की दृष्टि से महत्वपूर्ण परियोजना है. भूमि अधिग्रहण, मुआवजा वितरण और तकनीकी प्रक्रियाओं को पूरा करना इसके अगले चरणों के लिए अहम माना जा रहा है.



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