कहीं वीडियो कॉल पर शादी की जिद तो केबल ब्रिज से… 2 सॉफ्टवेयर डेवलपर की गई जान
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हैदराबाद के साइबराबाद आईटी हब में तीन दिनों के भीतर दो टेक कर्मचारियों ने अपनी जान दे दी. मधापुर के केबल ब्रिज से दुर्गम चेरुवु झील में कूदकर 25 वर्षीय टेक कर्मचारी राजेश ने अपनी जान दे दी, जिसकी तलाश में NDRF और SDRF जुटी हैं. इससे पहले यूपी निवासी 29 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर अर्चना चौधरी ने सहकर्मी से विवाद के बाद फांसी लगा ली थी. पुलिस दोनों मामलों की जांच कर रही है.
पुलिस मामले की जांच कर रही है. (Pic: Hyderabad Tourism)
तेलंगाना के साइबराबाद आईटी हब (माधापुर) से एक बेहद दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है. आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम का रहने वाला 25 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर राजेशने मधापुर स्थित दुर्गम चेरुवु झील के मशहूर केबल ब्रिज से छलांग लगाकर अपनी जान दे दी. वो नाचारम के एक हॉस्टल में रहते थे. राजेश सोमवार को अपने एक दोस्त से मिलने अयप्पा सोसाइटी आया था, जिसके बाद वह अचानक केबल ब्रिज पहुंचा और झील में कूद गया. इस खौफनाक कदम के पीछे की वजहों का फिलहाल खुलासा नहीं हो पाया है. राजेश की बहन की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर मधापुर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है. झील के गहरे पानी से राजेश के पार्थिव शरीर को निकालने के लिए नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF) और स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) की टीमों को सर्च ऑपरेशन में तैनात किया गया है.
तीन दिनों में दूसरी घटना
चौंकाने वाली बात यह है कि हैदराबाद के आईटी कॉरिडोर में पिछले महज तीन दिनों के भीतर किसी सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल द्वारा अपनी जान देने का यह दूसरा मामला है. इससे पहले रविवार तड़के उत्तर प्रदेश की रहने वाली 29 वर्षीय महिला टेक कर्मचारी अर्चना चौधरी मलिक अपने घर में फंदे से लटकी हुई पाई गई थीं. पुलिसिया जांच के मुताबिक, अर्चना ने घटना की रात करीब 2:30 बजे अपने सहकर्मी को वीडियो कॉल किया था, जो उस वक्त हैदराबाद से बाहर था. कॉल के दौरान शादी की बात को लेकर हुए तनाव के बीच अर्चना ने जान देने की धमकी दी. इसके बाद जब सहकर्मी सुबह 5:30 बजे उसके फ्लैट पहुंचा और दरवाजा अंदर से बंद मिला, तो पुलिस को सूचना दी गई. पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव बरामद किया और पोस्टमार्टम के लिए उस्मानिया जनरल अस्पताल भेज दिया.
तनाव और रिलेशनशिप के एंगल से जांच में जुटी पुलिस
दोनों ही घटनाओं ने टेक सेक्टर में काम करने वाले युवाओं की मानसिक स्थिति और व्यक्तिगत तनाव पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. अर्चना के मामले में फॉरेंसिक टीम ने मौके से अहम सबूत जुटाए हैं, वहीं पुलिस सहकर्मी के साथ उसके चार साल पुराने रिश्ते के सभी पहलुओं और परिस्थितियों की बारीक जांच कर रही है. राजेश के मामले में भी पुलिस उसके संपर्क में रहे लोगों से पूछताछ कर कारणों को खंगालने में लगी हुई है.