कभी वीडियो बनाने पर मिले ताने, आज उस लड़की के लाखों फैन, ‘विश सतना’ की कहानी उनकी जुबानी

कभी वीडियो बनाने पर मिले ताने, आज उस लड़की के लाखों फैन, ‘विश सतना’ की कहानी उनकी जुबानी


सतना. किसी के पास बड़े शहरों जैसी सुविधाएं होती हैं, तो किसी के पास सिर्फ सपने और उन्हें पूरा करने का जुनून. मध्य प्रदेश के सतना जिले के छोटे से गांव बिरहुली की केजी बुनकर की कहानी भी कुछ ऐसी ही है. वह आज सोशल मीडिया पर अपनी अलग पहचान बना चुकी है. कभी दूसरों के मोबाइल से छिपकर वीडियो बनाने वाली इस लड़की को शुरुआत में लोगों की आलोचना और गालियां तक सुननी पड़ीं लेकिन आज वही लोग उसके काम की तारीफ करते हैं. डांस, मॉडलिंग, म्यूजिक अल्बम और रील्स के जरिए पहचान बनाने वाली केजी को आज लोग ‘विश सतना’ के नाम से जानते हैं. उनकी काबिलियत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इंस्टाग्राम पर उनके साढ़े चार लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं.

लोकल 18 को जानकारी देते हुए केजी बुनकर ने बताया कि वह सतना जिले के छोटे से गांव बिरहुली की रहने वाली हैं. उन्हें बचपन से ही डांस करने और वीडियो बनाने का शौक था. गांव में ही उनकी शुरुआती पढ़ाई हुई. बिरहुली के पास ग्राम सकरिया में स्थित शासकीय स्कूल से उन्होंने 12वीं तक पढ़ाई की. उस समय उनके पास अपना मोबाइल नहीं था, इसलिए वह अपने पापा और दीदी के मोबाइल से चुपके से टिकटॉक पर वीडियो बनाया करती थीं. कॉलेज के दिनों में उन्हें अपना मोबाइल मिला. जिसके बाद वीडियो बनाने का सिलसिला आगे बढ़ा. केजी फिलहाल सतना डिग्री कॉलेज में बीए थर्ड ईयर की छात्रा हैं.

टिकटॉक बंद हुआ तो इंस्टाग्राम से बनाई पहचान
केजी बताती हैं कि शुरुआत में वह दूसरों के मोबाइल से ही वीडियो बनाती थीं. धीरे-धीरे उनके वीडियो लोगों तक पहुंचने लगे और लाखों से लेकर मिलियंस में व्यूज आने लगे. इसी बीच टिकटॉक बंद हो गया लेकिन उन्होंने अपना शौक नहीं छोड़ा. इसके बाद इंस्टाग्राम उनके लिए पहचान बनाने का बड़ा माध्यम बना. वह अलग-अलग तरह के डांस वीडियो और रील्स बनाने लगीं. लगातार मेहनत का नतीजा यह हुआ कि उनके कंटेंट को पसंद करने वाले लोगों की संख्या बढ़ती गई. आज वह अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स को ‘विश सतना’ नाम से चलाती हैं और इसी नाम से उनकी पहचान बन चुकी है.

शुरुआत में मिली गालियां, आज तारीफ करते लोग
सोशल मीडिया पर पहचान बनाना केजी के लिए आसान नहीं था. जब उन्होंने गांव में रहकर वीडियो बनाना शुरू किया, तो कई लोगों ने उनकी आलोचना की. कमेंट्स में उल्टी-सीधी बातें लिखी जाती थीं और गांव के लोग भी उनके इस शौक को लेकर सवाल उठाते थे. केजी कहती हैं कि वह आलोचना करने वालों को पूरी तरह गलत नहीं मानतीं क्योंकि उस समय गांव में लड़कियों के वीडियो बनाने को सामान्य नजर से नहीं देखा जाता था. जब दूसरी लड़कियां पढ़ाई में ध्यान देती थीं, तब वह अकेले वीडियो बनाने के लिए निकल जाती थीं. समय के साथ तस्वीर बदल गई. आज कई ऐसे लोग भी उनके प्रशंसक हैं, जो कभी उनके वीडियो की आलोचना किया करते थे.

माता-पिता ने नहीं रोकी बेटी की राह
केजी की इस यात्रा में उनके परिवार का साथ सबसे अहम रहा. उनकी मां गीता बुनकर और पिता विनोद बुनकर ने उन्हें अपने सपनों के लिए आगे बढ़ने की आजादी दी. केजी बताती हैं कि उनकी मां गांव से जरूर थीं लेकिन उनकी सोच हमेशा खुली रही. पिता ने भी बेटी को अपने तरीके से काम करने की छूट दी. कपड़ों, वीडियो के कंटेंट या मॉडलिंग जैसे फैसलों को लेकर परिवार ने उनपर बेवजह की पाबंदियां नहीं लगाईं. घरवालों ने बस यही समझाया कि जिंदगी में जो करना है करो लेकिन अपनी मर्यादा कभी मत भूलो. आज भी उनके भाई, बहन और माता-पिता उनके काम में पूरा सहयोग करते हैं. परिवार का यही भरोसा उनके लिए मुश्किल समय में आगे बढ़ने की ताकत बना.

अपने नाम किए कई खिताब
केजी पेशे से डांसर हैं लेकिन उन्हें मॉडलिंग का भी काफी शौक है. उनका मानना है कि मॉडलिंग से व्यक्तित्व को निखारने और अपनी पहचान बनाने का मौका मिलता है. इसी सोच के साथ उन्होंने मॉडलिंग की दुनिया में कदम रखा. इस दौरान उन्होंने कई उपलब्धियां हासिल कीं, जिनमें नागपुर में वर्ष 2026 में मिला मिस विनर क्राउन भी शामिल है. स्थानीय स्तर पर क्रिएटर अवॉर्ड और मॉडलिंग के क्षेत्र में उन्हें सम्मान मिलता रहता है. इसके अलावा सरकारी आयोजनों में भी उन्हें गरबा और डांस सिखाने के लिए आमंत्रित किया जाता है. उनकी मेहनत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आज एक पूरी अलमारी उनके अवॉर्ड्स से भरी हुई है. डांस वीडियो और रील्स के साथ म्यूजिक एल्बम और थिएटर में भी वह अपनी प्रतिभा दिखा चुकी हैं.

डांस क्लास से भी होती है कमाई
केजी बताती हैं कि सोशल मीडिया से उनकी आमदनी बहुत ज्यादा नहीं होती, इसलिए उन्होंने डांस क्लास चलाना भी शुरू किया. वह अपने गांव बिरहुली से रोज सतना आती-जाती हैं. शहर की नई बस्ती स्थित हनुमान नगर में किराये के मकान में वह बच्चों को तीन अलग-अलग शिफ्टों में डांस सिखाती हैं. इसके साथ ही वह सतना में छोटे-मोटे प्रमोशनल काम करके भी कमाई करती हैं. इस तरह वह अपने शौक को काम में बदलने के साथ परिवार के घरेलू खर्चों में भी हाथ बंटाती हैं. गांव से शहर तक रोजाना का सफर और अलग-अलग काम संभालना उनके लिए आसान नहीं है लेकिन वह अपने लक्ष्य की तरफ लगातार आगे बढ़ रही हैं.

छोटे गांव की लड़कियों को दिया खास संदेश
मॉडलिंग और सोशल मीडिया में करियर बनाने का सपना देखने वाली लड़कियों के लिए केजी का कहना है कि सबसे पहले खुद पर भरोसा करना जरूरी है. उनका मानना है कि अगर किसी लड़की को अपने लक्ष्य पर विश्वास है, तो उसे मेहनत और लगन के साथ आगे बढ़ना चाहिए. परिवार का साथ मिले, तो यह सफर आसान हो जाता है लेकिन अगर शुरुआत में समर्थन न मिले, तब भी अपने सपने को लेकर हिम्मत नहीं हारनी चाहिए. केजी लड़कियों को अपनी मर्यादा में रहकर लक्ष्य पर ध्यान देने और अपने फैसलों के प्रति अडिग रहने की सलाह देती हैं. बिरहुली से शुरू हुआ उनका सफर बताता है कि सीमित संसाधन किसी की पहचान बनाने की राह में हमेशा रुकावट नहीं होते. सही दिशा में मेहनत और खुद पर भरोसा हो, तो छोटे गांव से भी बड़े सपनों की उड़ान भरी जा सकती है.



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