NSP Scholarship, NMMSS Scholarship 2026: 8वीं के बाद मिलेंगे 48000 रुपये, किसे मिलेगा फायदा?

NSP Scholarship, NMMSS Scholarship 2026: 8वीं के बाद मिलेंगे 48000 रुपये, किसे मिलेगा फायदा?


NMMSS Scholarship 2026-27: अगर आपका बच्चा सरकारी स्कूल में पढ़ता है और परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है तो केंद्र सरकार की एक स्कॉलरशिप योजना उसकी आगे की पढ़ाई में मदद कर सकती है.इस योजना के तहत योग्य बच्चों को हर साल 12 हजार रुपये की स्कॉलरशिप दी जाती है.खास बात यह है कि यह पैसा 9वीं से लेकर 12वीं कक्षा तक मिल सकता है यानी निर्धारित शर्तें पूरी करने पर एक छात्र को चार साल में कुल 48 हजार रुपये की आर्थिक मदद मिल सकती है.नेशनल मीन्स-कम-मेरिट स्कॉलरशिप स्कीम (NMMSS) के तहत शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए आवेदन प्रक्रिया चल रही है.आवेदन की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर 2026 है.ऐसे में योग्य छात्रों के पास फॉर्म भरने के लिए अब कुछ ही दिन बचे हैं.

8वीं के बाद बच्चों की पढ़ाई न छूटे, इसलिए शुरू की गई योजना

कई बार आर्थिक तंगी के कारण होनहार बच्चे 8वीं के बाद अपनी पढ़ाई जारी नहीं रख पाते.परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति उनकी आगे की शिक्षा में रुकावट बन जाती है.इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने नेशनल मीन्स-कम-मेरिट स्कॉलरशिप स्कीम (NMMSS) शुरू की है.इस योजना का मकसद आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के प्रतिभाशाली बच्चों को पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करना है.सरकार चाहती है कि पैसों की कमी के कारण बच्चों को स्कूल न छोड़ना पड़े और वे कम से कम 12वीं तक अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें.इस योजना के तहत देशभर में हर साल एक लाख नए छात्रों को स्कॉलरशिप देने का प्रावधान है.

चार साल में मिल सकते हैं 48 हजार

NMMSS स्कॉलरशिप के तहत चयनित छात्रों को सालाना 12,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है.यह रकम महीने के हिसाब से 1,000 रुपये होती है.स्कॉलरशिप के लिए चयनित होने और 9वीं कक्षा में प्रवेश लेने के बाद छात्र को इसका लाभ मिलना शुरू होता है.इसके बाद निर्धारित शैक्षणिक शर्तें पूरी करने पर 10वीं, 11वीं और 12वीं कक्षा में भी स्कॉलरशिप जारी रह सकती है.इस तरह अगर किसी छात्र को चारों साल स्कॉलरशिप मिलती है तो उसे कुल 48,000 रुपये की मदद मिल सकती है.स्कॉलरशिप की राशि सीधे छात्र के बैंक खाते में भेजी जाती है.इससे बच्चों की पढ़ाई से जुड़े खर्चों को पूरा करने में मदद मिलती है.

किन स्कूलों के बच्चों को मिलेगी यह स्कॉलरशिप?

इस योजना का लाभ सभी स्कूलों के छात्रों को नहीं मिलता.इसके लिए सरकार ने स्कूल के प्रकार को लेकर कुछ शर्तें तय की हैं.NMMSS स्कॉलरशिप के लिए वे छात्र पात्र हैं जो राज्य सरकार के स्कूलों, सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों या स्थानीय निकायों द्वारा संचालित स्कूलों में नियमित रूप से पढ़ाई कर रहे हैं.इसके अलावा छात्र को संबंधित राज्य या केंद्र शासित प्रदेश की ओर से आयोजित NMMSS चयन परीक्षा भी पास करनी होगी.

परिवार की आय 3.50 लाख से ज्यादा नहीं होनी चाहिए

इस स्कॉलरशिप का लाभ लेने के लिए परिवार की आर्थिक स्थिति भी महत्वपूर्ण है.योजना के नियमों के मुताबिक आवेदन करने वाले छात्र के माता-पिता की सभी स्रोतों से कुल सालाना आय 3.50 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए यानी जिन परिवारों की वार्षिक आय इस सीमा के भीतर है उनके बच्चे अन्य पात्रता शर्तें पूरी करने पर स्कॉलरशिप के लिए आवेदन कर सकते हैं.आवेदन के दौरान परिवार की आय से संबंधित प्रमाण पत्र भी देना होगा.

7वीं में कितने अंक होने चाहिए? 

NMMSS स्कॉलरशिप के लिए छात्रों के पिछली कक्षा के अंक भी देखे जाते हैं.योजना के तहत छात्र के 7वीं कक्षा में कम से कम 55 प्रतिशत अंक होने चाहिए.हालांकि, अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के छात्रों को अंकों में 5 प्रतिशत की छूट दी गई है.इसका मतलब है कि SC और ST वर्ग के छात्र 7वीं में कम से कम 50 प्रतिशत अंक होने पर इस शैक्षणिक पात्रता को पूरा कर सकते हैं.इसके साथ ही छात्र को संबंधित राज्य या केंद्र शासित प्रदेश की NMMSS चयन परीक्षा में सफल होना जरूरी है.

कैसे होता है छात्रों का चयन? 

इस स्कॉलरशिप के लिए छात्रों का चयन परीक्षा के आधार पर किया जाता है.संबंधित राज्य सरकार या केंद्र शासित प्रदेश की ओर से NMMSS चयन परीक्षा आयोजित की जाती है.इस परीक्षा के दो प्रमुख भाग होते हैं-

मेंटल एबिलिटी टेस्ट (MAT): इस भाग में छात्रों की मानसिक क्षमता, तर्कशक्ति, निर्णय लेने की क्षमता और रीजनिंग से जुड़े सवाल पूछे जाते हैं.इसका उद्देश्य यह समझना होता है कि छात्र किसी समस्या को किस तरह हल करता है.

स्कॉलैस्टिक एप्टीट्यूड टेस्ट (SAT): इस भाग में छात्रों की स्कूली पढ़ाई से संबंधित जानकारी जांची जाती है.इसमें साइंस, सामाजिक विज्ञान और गणित जैसे विषयों से सवाल पूछे जाते हैं.इन दोनों परीक्षाओं के जरिए योग्य छात्रों का चयन किया जाता है.

31 अक्टूबर तक भरें फॉर्म, नवंबर में होगा वेरिफिकेशन

NMMSS स्कॉलरशिप 2026-27 के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर 2026 निर्धारित है.आवेदन करने के बाद छात्रों के फॉर्म का वेरिफिकेशन भी किया जाएगा.इसके लिए अलग-अलग समयसीमा तय की गई है.
ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तारीख: 31 अक्टूबर 2026
स्कूल स्तर पर वेरिफिकेशन: 15 नवंबर 2026 तक
जिला स्तर पर वेरिफिकेशन: 30 नवंबर 2026 तक

इसलिए छात्रों को केवल ऑनलाइन आवेदन करके ही नहीं रुकना चाहिए.उन्हें यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनके स्कूल की ओर से निर्धारित समय के भीतर आवेदन का वेरिफिकेशन कर दिया जाए.

आवेदन के लिए कौन-कौन से डॉक्यूमेंट जरूरी हैं?

स्कॉलरशिप का फॉर्म भरने से पहले छात्रों को अपने सभी जरूरी दस्तावेज तैयार रखने चाहिए.आवेदन के लिए आधार कार्ड या वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) नंबर, पिछली कक्षा की मार्कशीट, परिवार का आय प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक की डिटेल्स और स्कूल से जुड़ी शैक्षणिक जानकारी की जरूरत होगी.इसके अलावा SC, ST या अन्य लागू आरक्षित वर्ग के छात्रों को संबंधित जाति प्रमाण पत्र भी देना पड़ सकता है. आवेदन करते समय सभी जानकारी सही भरना जरूरी है ताकि दस्तावेजों के वेरिफिकेशन के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो.

NMMSS Scholarship 2026-27 के लिए कैसे करें आवेदन?

इस स्कॉलरशिप के लिए आवेदन नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (NSP) के माध्यम से किया जा सकता है. सबसे पहले छात्र आधिकारिक वेबसाइट scholarships.gov.in पर जाएं.यहां जरूरी रजिस्ट्रेशन या OTR प्रक्रिया पूरी करें.इसके बाद लॉगिन करके संबंधित स्कॉलरशिप योजना का विकल्प चुनें और आवेदन फॉर्म में मांगी गई जानकारी भरें.छात्र को अपनी व्यक्तिगत जानकारी, स्कूल की डिटेल्स, शैक्षणिक योग्यता और बैंक खाते से संबंधित जानकारी दर्ज करनी होगी.इसके बाद जरूरी दस्तावेज अपलोड करके आवेदन जमा करें.फॉर्म जमा होने के बाद उसका प्रिंट या कॉपी अपने पास सुरक्षित रखें.आवेदन के बाद अपने स्कूल से संपर्क करके यह भी सुनिश्चित करें कि फॉर्म का वेरिफिकेशन समय पर हो जाए.

सरकारी स्कूलों के बच्चों के लिए पढ़ाई जारी रखने का मौका

NMMSS स्कॉलरशिप उन परिवारों के लिए मददगार साबित हो सकती है जिनके बच्चे पढ़ाई में अच्छे हैं, लेकिन आर्थिक परेशानी के कारण आगे की शिक्षा जारी रखना मुश्किल हो जाता है.इस योजना की खास बात यह है कि छात्र को केवल एक साल के लिए नहीं बल्कि निर्धारित शर्तें पूरी करने पर 9वीं से 12वीं तक आर्थिक सहायता मिल सकती है.शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए आवेदन की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर है इसलिए पात्र छात्रों और उनके अभिभावकों को समय रहते नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए.आधिकारिक वेबसाइट scholarships.gov.in पर जाकर डिटेल्‍स चेक की जा सकती है.



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