IIT Seats 2026: देश के प्रतिष्ठित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) में एडमिशन का सपना देखने वाले छात्रों के लिए अच्छी खबर है.पिछले पांच वर्षों में IIT की सीटों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हुई है.साल 2022 में देशभर के IIT में कुल 16,598 सीटें थीं जो 2026 में बढ़कर 18,826 हो गई हैं यानी इस दौरान 2,228 सीटें बढ़ी हैं. सबसे दिलचस्प बदलाव लड़कियों के लिए आरक्षित अतिरिक्त सीटों में देखने को मिला है. साल 2022 में लड़कियों के लिए 1,567 अतिरिक्त सीटें थीं, जबकि 2026 में इनकी संख्या बढ़कर 3,776 हो गई है हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि लड़कियों की सीटें बढ़ाने के लिए दूसरे छात्रों की सीटें कम की गई हैं.आइए समझते हैं कि IIT की सीटों में पिछले पांच वर्षों में कितना बदलाव हुआ और लड़कियों को इसका फायदा कैसे मिल रहा है…
पांच साल में IIT की सीटों में 13.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी
ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (JEE) एडवांस्ड के आंकड़ों के मुताबिक देशभर के IIT की कुल सीट क्षमता में साल 2022 से 2026 के बीच 13.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है.साल 2022 में IIT की कुल सीट क्षमता 16,598 थी. इसके बाद हर साल सीटों की संख्या बढ़ती गई. वर्ष 2023 में यह बढ़कर 17,385 हो गई.साल 2024 में कुल सीटें 17,760 पहुंच गईं जबकि 2025 में इनकी संख्या 18,160 हो गई.अब 2026 में देशभर के IIT की कुल सीट क्षमता 18,826 तक पहुंच गई है.इस तरह पिछले पांच वर्षों में IIT की सीटों में कुल 2,228 की बढ़ोतरी दर्ज की गई है.सीटों की संख्या बढ़ने के पीछे नए शैक्षणिक कोर्स शुरू होना और लड़कियों के लिए अतिरिक्त सीटों की व्यवस्था का स्थिर होना प्रमुख कारण हैं.
किस साल कितनी सीटें बढ़ीं?
IIT की सीटों में बढ़ोतरी का सिलसिला पिछले पांच वर्षों से लगातार जारी है.हर साल सीटों की संख्या में एक जैसी बढ़ोतरी नहीं हुई.साल 2022 से 2023 के बीच सबसे ज्यादा 787 सीटें बढ़ाई गईं.यह पिछले पांच वर्षों के दौरान एक साल में हुई सबसे बड़ी बढ़ोतरी थी.इसके बाद 2024 में 375 नई सीटें जुड़ीं.साल 2025 में सीटों की संख्या में 400 का इजाफा हुआ वहीं 2026 में एक बार फिर सीटों की संख्या में बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई. इस साल पिछले वर्ष के मुकाबले 666 सीटें बढ़ीं.इस तरह 2023 के बाद 2026 ऐसा साल रहा जब IIT की सीटों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी देखने को मिली.
लड़कियों के लिए अतिरिक्त सीटें दोगुने से ज्यादा हुईं
IIT की सीटों से जुड़े आंकड़ों में सबसे बड़ा बदलाव लड़कियों के लिए बनाई गई अतिरिक्त सीटों में दिखाई देता है.साल 2022 में देशभर के IIT में लड़कियों के लिए 1,567 अतिरिक्त सीटें थीं.अगले साल यानी 2023 में इनकी संख्या घटकर 1,453 रह गई.इसके बाद 2024 में लड़कियों के लिए अतिरिक्त सीटों की संख्या बढ़कर 3,566 हो गई.वर्ष 2025 में यह संख्या 3,632 तक पहुंच गई. अब 2026 में लड़कियों के लिए कुल 3,776 अतिरिक्त सीटें दिखाई गई हैं.इस तरह 2022 से 2026 के बीच लड़कियों के लिए अतिरिक्त सीटों की संख्या में 2,209 की बढ़ोतरी हुई है.यह 2022 के मुकाबले लगभग 141 प्रतिशत ज्यादा है.
लड़कियों के लिए 2018 में शुरू हुई थी विशेष व्यवस्था
IIT में छात्राओं की संख्या बढ़ाने के उद्देश्य से साल 2018 में फीमेल सुपरन्यूमरेरी सीटों की व्यवस्था शुरू की गई थी. इस नीति का उद्देश्य IIT में लड़कियों की भागीदारी बढ़ाना और उनका नामांकन कम से कम 20 प्रतिशत तक पहुंचाना था.दरअसल, IIT में एडमिशन लेने वाली लड़कियों की संख्या बढ़ाने के लिए सामान्य सीटों के अलावा अतिरिक्त सीटें बनाई जाती हैं.इन्हें फीमेल सुपरन्यूमरेरी सीटें (Female Supernumerary Seats) कहा जाता है. इस व्यवस्था की खास बात यह है कि लड़कियां सामान्य मेरिट के आधार पर भी सीट हासिल कर सकती हैं.इसके अलावा महिला नामांकन के निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने के लिए जरूरत के मुताबिक अतिरिक्त सीटें उपलब्ध कराई जाती हैं.
लड़कियों की सीटें बढ़ने से क्या लड़कों की सीटें कम होती हैं?
IIT की सीटों को लेकर यह सवाल कई छात्रों और अभिभावकों के मन में हो सकता है कि लड़कियों के लिए अतिरिक्त सीटें बढ़ने से क्या दूसरे छात्रों के लिए उपलब्ध सीटें कम हो जाती हैं? इसका जवाब है- नहीं.IIT में फीमेल सुपरन्यूमरेरी सीटें जेंडर-न्यूट्रल सीटों के अलावा बनाई जाती हैं यानी लड़कियों के लिए अतिरिक्त सीटें उपलब्ध कराने के लिए सामान्य मेरिट वाली सीटों को कम नहीं किया जाता.जेंडर-न्यूट्रल सीटों पर लड़के और लड़कियां दोनों अपनी मेरिट के आधार पर एडमिशन हासिल कर सकते हैं. वहीं फीमेल सुपरन्यूमरेरी सीटें लड़कियों की भागीदारी बढ़ाने के लिए अतिरिक्त रूप से जोड़ी जाती हैं. आंकड़ों के मुताबिक पिछले पांच वर्षों में कुल सीटों की संख्या बढ़ने के साथ जेंडर-न्यूट्रल सीटों की उपलब्धता में भी बढ़ोतरी हुई है.
2023 में लड़कियों की अतिरिक्त सीटें क्यों घट गई थीं?
आंकड़ों में एक दिलचस्प बात यह भी है कि साल 2022 में लड़कियों के लिए 1,567 अतिरिक्त सीटें थीं, लेकिन 2023 में यह संख्या घटकर 1,453 रह गई.इसकी वजह लड़कियों की सीटों में कटौती करना नहीं था दरअसल फीमेल सुपरन्यूमरेरी सीटों की संख्या एक तय गणना के आधार पर बदल सकती है.यह इस बात पर निर्भर करती है कि कितनी छात्राएं पहले ही जेंडर-न्यूट्रल मेरिट के आधार पर सीट हासिल कर चुकी हैं.साल 2023 में अधिक छात्राओं ने सामान्य ओपन रैंक मेरिट के आधार पर सीटें हासिल की थीं.इस वजह से महिला नामांकन का लक्ष्य पूरा करने के लिए अतिरिक्त सीटों की जरूरत कम पड़ी.इसी कारण उस वर्ष फीमेल सुपरन्यूमरेरी सीटों की संख्या घटकर 1,453 रह गई थी.
2024 में अचानक 3566 कैसे हो गईं लड़कियों की सीटें?
साल 2024 में IIT की सीटों से जुड़े आंकड़ों में एक बड़ा बदलाव दिखाई दिया.लड़कियों के लिए अतिरिक्त सीटों की संख्या 2023 के 1,453 से बढ़कर 3,566 हो गई.इसका मतलब यह नहीं था कि सरकार ने अचानक लड़कियों के लिए सीटों की नीति बदल दी दरअसल 2024 से ज्वाइंट सीट एलोकेशन अथॉरिटी (JoSAA) ने काउंसलिंग से पहले सीटों के आंकड़े जारी करने की व्यवस्था को अधिक स्पष्ट और एक समान बनाया.इसके तहत महिला नामांकन के निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने के लिए अधिकतम जरूरी सुपरन्यूमरेरी सीटों की संख्या पहले से ही सीट मैट्रिक्स में दिखाई जाने लगी.यही वजह है कि 2024 में लड़कियों की अतिरिक्त सीटों की संख्या में बड़ा अंतर देखने को मिला.यह बदलाव मुख्य रूप से सीटों की गणना और उन्हें रिपोर्ट करने की व्यवस्था से जुड़ा था, न कि अचानक लागू की गई किसी नई नीति से.
IIT की कुल सीटों में 20% अतिरिक्त सीटें लड़कियों के लिए
साल 2024 से 2026 के बीच फीमेल सुपरन्यूमरेरी सीटों की संख्या कुल घोषित सीट क्षमता के लगभग 20 प्रतिशत के आसपास बनी हुई है.साल 2024 में कुल सीटों में लड़कियों के लिए अतिरिक्त सीटों की हिस्सेदारी 20.07 प्रतिशत थी.इसके बाद 2025 में यह हिस्सेदारी ठीक 20 प्रतिशत रही.वहीं 2026 में फीमेल सुपरन्यूमरेरी सीटों की हिस्सेदारी 20.05 प्रतिशत दर्ज की गई है.
IIT में एडमिशन लेने वाले छात्रों के लिए क्या मायने हैं?
IIT की सीटों में बढ़ोतरी का सीधा मतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में इन संस्थानों की कुल एडमिशन क्षमता बढ़ी है. साल 2022 के मुकाबले 2026 में 2,228 अधिक सीटें उपलब्ध हैं.इससे JEE एडवांस्ड के जरिए IIT में प्रवेश पाने वाले छात्रों के लिए कुल अवसर बढ़े हैं वहीं लड़कियों के लिए अतिरिक्त सीटों की व्यवस्था का उद्देश्य तकनीकी शिक्षा में उनकी भागीदारी को बढ़ाना है हालांकि कुल सीटों में बढ़ोतरी का मतलब यह नहीं है कि हर IIT या हर ब्रांच में सीटें समान रूप से बढ़ी हैं.अलग-अलग संस्थानों और कोर्स में सीटों की संख्या अलग हो सकती है.IIT में एडमिशन लेने वाले छात्रों को अपनी पसंद के संस्थान और ब्रांच की सीटों की जानकारी आधिकारिक JoSAA सीट मैट्रिक्स से देखनी चाहिए.
पांच साल के आंकड़ों से क्या सामने आया?
IIT की सीटों के पिछले पांच वर्षों के आंकड़े दो महत्वपूर्ण बदलाव दिखाते हैं.पहला देशभर के IIT की कुल सीट क्षमता लगातार बढ़ रही है.साल 2022 में 16,598 सीटों से शुरू हुआ आंकड़ा 2026 में 18,826 तक पहुंच गया है.दूसरा IIT में लड़कियों की भागीदारी बढ़ाने के लिए शुरू की गई अतिरिक्त सीटों की व्यवस्था अब लगभग 20 प्रतिशत के स्तर पर स्थिर दिखाई दे रही है.सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि लड़कियों के लिए अतिरिक्त सीटों की व्यवस्था जेंडर-न्यूट्रल सीटों को कम करके नहीं बनाई गई है यानी IIT में एक तरफ कुल सीटों का विस्तार हुआ है तो दूसरी तरफ तकनीकी शिक्षा में छात्राओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए भी विशेष व्यवस्था जारी है.