Last Updated:
घर में पौधे लगाना आसान है, लेकिन उन्हें लंबे समय तक हरा-भरा रखना कई बार मुश्किल हो जाता है. कभी पौधों की पत्तियां सूखने लगती हैं तो कभी उनकी बढ़वार रुक जाती है. इसकी वजह जरूरत से ज्यादा या कम पानी, मिट्टी में नमी का असंतुलन, खाद की कमी या सही धूप न मिलना हो सकता है. नर्सरी संचालक नेक सिंह के मुताबिक, पौधों की नियमित देखभाल करके उनकी ग्रोथ बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है. जानिए पौधों को स्वस्थ रखने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.
घर के गमलों में लगे पौधों की अच्छी बढ़वार के लिए मिट्टी की देखभाल करना जरूरी है. नर्सरी संचालक नेक सिंह के मुताबिक, पौधों की मिट्टी की हर आठवें दिन गुड़ाई करनी चाहिए. इससे मिट्टी ढीली होती है और जड़ों तक हवा पहुंचने में मदद मिलती है. अगर मिट्टी सख्त हो जाए तो जड़ों को बढ़ने में परेशानी हो सकती है. हालांकि, गुड़ाई करते समय ध्यान रखें कि पौधे की जड़ों को नुकसान न पहुंचे. छोटे गमलों और नाजुक जड़ों वाले पौधों में हल्के हाथ से मिट्टी को ऊपर से ढीला करना बेहतर रहता है.
पौधों को सिर्फ पानी देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी जरूरत के अनुसार पोषण देना भी जरूरी है. नेक सिंह के मुताबिक, पौधों में समय-समय पर खाद डालनी चाहिए. इसके लिए जैविक कंपोस्ट या गोबर की खाद का इस्तेमाल किया जा सकता है. खाद से मिट्टी को पोषक तत्व मिलते हैं, जो पौधों की बढ़वार में मदद करते हैं. खाद डालते समय पौधे की किस्म, गमले के आकार और मिट्टी की स्थिति का ध्यान रखें. जरूरत से ज्यादा खाद डालने से पौधों की जड़ों को नुकसान पहुंच सकता है, इसलिए संतुलित मात्रा में ही इसका इस्तेमाल करें.
कई बार लोग घर के अंदर और बाहर रखे सभी पौधों में एक ही तरह से पानी डालते हैं. ऐसा करना पौधों के लिए नुकसानदायक हो सकता है. नर्सरी संचालक के मुताबिक, इनडोर पौधों को पानी देने से पहले उनकी मिट्टी की नमी जांचनी चाहिए. अगर मिट्टी में नमी है तो तुरंत पानी डालने की जरूरत नहीं होती. वहीं, बाहर रखे पौधों को तेज धूप और गर्म मौसम में ज्यादा पानी की जरूरत पड़ सकती है. हालांकि, हर पौधे की जरूरत अलग होती है. गमले में पानी की निकासी का सही इंतजाम भी जरूरी है, ताकि अतिरिक्त पानी जमा होकर जड़ों को नुकसान न पहुंचाए.
Add News18 as
Preferred Source on Google
अगर पौधे की पत्तियां सूख रही हैं या उसकी कुछ टहनियां खराब हो गई हैं तो उनकी समय पर छंटाई करना जरूरी है. नेक सिंह के मुताबिक, पौधों की सूखी पत्तियों और खराब टहनियों को काट देना चाहिए. इससे पौधे के स्वस्थ हिस्सों की देखभाल करना आसान होता है और नई बढ़वार को बढ़ावा मिल सकता है. गुलाब जैसे फूल वाले पौधों में भी सही समय पर छंटाई और पोषण का ध्यान रखना चाहिए. हालांकि, कटिंग करते समय साफ और धारदार कैंची का इस्तेमाल करें. पौधे की जरूरत से ज्यादा टहनियां काटने से बचें, क्योंकि इससे उसकी बढ़वार प्रभावित हो सकती है.
पौधों की अच्छी ग्रोथ के लिए धूप और रोशनी का सही संतुलन जरूरी है. कुछ पौधे तेज धूप में अच्छी तरह बढ़ते हैं, जबकि कुछ पौधों को छाया या अप्रत्यक्ष रोशनी की जरूरत होती है. ऐसे में सभी गमलों को एक ही जगह रखना सही नहीं है. नेक सिंह के मुताबिक, पौधों को उनकी जरूरत के अनुसार रोशनी मिलने वाली जगह पर रखना चाहिए. अगर किसी पौधे की पत्तियां पीली पड़ रही हैं, मुरझा रही हैं या उन पर जलने जैसे निशान दिख रहे हैं तो उसकी जगह और देखभाल के तरीके पर ध्यान दें. सही रोशनी मिलने से पौधों को स्वस्थ बनाए रखने में मदद मिलती है.
पौधों की पत्तियों और टहनियों पर कीड़े लगने से उनकी बढ़वार प्रभावित हो सकती है. इसलिए समय-समय पर पौधों की जांच करते रहना चाहिए. नेक सिंह के मुताबिक, कीड़ों से बचाव के लिए नीम के तेल का छिड़काव किया जा सकता है. इसका इस्तेमाल सही मात्रा और उत्पाद के निर्देशों के अनुसार करें. इसके अलावा, सूखी पत्तियों को हटाते रहें और गमलों में पानी जमा न होने दें. पौधों की मिट्टी, पत्तियों और टहनियों पर नजर रखने से किसी समस्या का समय रहते पता लगाया जा सकता है. नियमित देखभाल, सही पानी, खाद, धूप और जरूरत के अनुसार छंटाई से घर के गार्डन को लंबे समय तक हरा-भरा और सुंदर बनाए रखने में मदद मिल सकती है.