Explainer: सऊदी अरब में 1.52 लाख रुपये होगी सैलरी, क्या 27 लाख भारतीयों को मिलेगा फायदा?

Explainer: सऊदी अरब में 1.52 लाख रुपये होगी सैलरी, क्या 27 लाख भारतीयों को मिलेगा फायदा?


Saudi Arabia Salary News 2026: सऊदी अरब में नौकरी करने वाले करीब 27 लाख भारतीयों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है. सऊदी अरब के किंग सलमान ने प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले सऊदी नागरिकों के लिए वेतन से जुड़े नियमों में बदलाव का आदेश दिया है. नए नियम के मुताबिक अप्रैल 2027 से वेतन की निर्धारित सीमा 5,000 सऊदी रियाल (करीब 1.26 लाख रुपये) और अप्रैल 2028 से 6,000 सऊदी रियाल (करीब 1.52 लाख रुपये) हो जाएगी. इसके अलावा पात्र कर्मचारियों, पेंशनर्स और जरूरतमंद परिवारों को हर महीने 500 रियाल (करीब 12,650 रुपये) की अतिरिक्त सहायता भी दी जाएगी. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या सऊदी अरब में नौकरी कर रहे लाखों भारतीयों की सैलरी भी बढ़ेगी? क्या भारत से नौकरी करने जाने वाले लोगों को भी नए नियम का फायदा मिलेगा? आइए समझते हैं कि किंग सलमान का फैसला क्या है और इसका भारतीय कर्मचारियों पर कितना असर पड़ेगा.

सऊदी अरब में रहते हैं करीब 27 लाख भारतीय

सऊदी अरब भारतीयों के लिए विदेश में नौकरी करने के प्रमुख देशों में शामिल है. यहां बड़ी संख्या में भारतीय अलग-अलग क्षेत्रों में काम करते हैं.सऊदी अरब स्थित भारतीय दूतावास की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक देश में भारतीय समुदाय की आबादी लगभग 27.4 लाख है. इनमें नौकरी करने वाले लोगों के साथ उनके परिवार और दूसरे भारतीय नागरिक भी शामिल हैं.भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के आंकड़े बताते हैं कि हर साल बड़ी संख्या में भारतीय रोजगार के लिए सऊदी अरब जाते हैं. साल 2023 में सऊदी अरब जाने वाले 2,00,713 भारतीय कामगारों को इमिग्रेशन क्लीयरेंस दी गई थी.इसके बाद 2024 में 1,67,598 भारतीय कामगारों को सऊदी अरब जाने के लिए इमिग्रेशन क्लीयरेंस मिली.वहीं 2025 में यह संख्या 1,36,812 रही.इस तरह 2023 से 2025 के बीच तीन वर्षों में कुल 5,05,123 भारतीय कामगारों को सऊदी अरब में रोजगार के लिए इमिग्रेशन क्लीयरेंस दी गई.ये आंकड़े विदेश मंत्रालय की ओर से संसद में दी गई जानकारी पर आधारित हैं. ये सभी भारतीय कामगारों की कुल संख्या नहीं हैं. इनमें केवल वे लोग शामिल हैं जिन्हें इमिग्रेशन क्लीयरेंस की जरूरत थी. अन्य श्रेणियों में नौकरी करने गए भारतीय इन आंकड़ों से अलग हो सकते हैं.

किंग सलमान ने लिया बड़ा फैसला

सऊदी अरब के किंग सलमान बिन अब्दुलअजीज अल सऊद ने देश के नागरिकों को आर्थिक राहत देने के लिए कई महत्वपूर्ण आदेश जारी किए हैं.ये फैसले क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान की ओर से पेश किए गए प्रस्ताव के आधार पर लिए गए हैं.इनमें प्राइवेट सेक्टर के सऊदी कर्मचारियों के लिए वेतन से जुड़े नियम बदलना और पात्र नागरिकों को अतिरिक्त आर्थिक सहायता देना शामिल है.सरकार का उद्देश्य प्राइवेट सेक्टर में सऊदी नागरिकों को बेहतर वेतन वाली नौकरियों के लिए प्रोत्साहित करना है. इसके साथ ही बिजली और पानी की दरों में होने वाले बदलाव के बीच नागरिकों को आर्थिक राहत देना भी इन फैसलों का मकसद है.

25 अप्रैल 2027 से 5000 रियाल

सऊदी गैजेट में छपी रिपोर्ट में सऊदी अरब के मानव संसाधन और सामाजिक विकास मंत्रालय के हवाले से बताया गया है कि प्राइवेट सेक्टर में सऊदी नागरिकों के लिए वेतन से जुड़ा नया नियम दो चरणों में लागू किया जाएगा.पहले चरण की शुरुआत 25 अप्रैल 2027 से होगी. इस तारीख से निताकात कार्यक्रम के तहत किसी सऊदी कर्मचारी को कंपनी के सऊदीकरण कोटे में पूरी तरह गिनने के लिए उसकी मासिक सैलरी कम से कम 5,000 रियाल (करीब 1,26,500 रुपये) होनी चाहिए.इसके बाद दूसरे चरण में 25 अप्रैल 2028 से यह सीमा बढ़कर 6,000 रियाल (करीब 1,51,800 रुपये) हो जाएगी.यह फैसला 25 अक्टूबर 2026 को घोषित किया गया. इसके बाद कंपनियों को पहले चरण के लिए छह महीने का समय दिया गया है.दूसरा चरण पहले बदलाव के लागू होने के 12 महीने बाद शुरू होगा.

सऊदी अरब में काम करने वाले भारतीयों की सैलरी भी बढ़ेगी?

सऊदी अरब में काम करने वाले भारतीयों के लिए इस फैसले का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यही है.किंग सलमान के नए आदेश से भारतीय कर्मचारियों की सैलरी अपने आप नहीं बढ़ेगी.दरअसल 5,000 रियाल (करीब 1.26 लाख रुपये) और 6,000 रियाल (करीब 1.52 लाख रुपये) की नई वेतन सीमा सऊदी नागरिकों के लिए लागू निताकात सऊदीकरण कार्यक्रम से जुड़ी है.इसका सीधा संबंध उन सऊदी कर्मचारियों से है जिन्हें कंपनियां अपने सऊदीकरण कोटे में शामिल करती हैं इसलिए भारतीय, पाकिस्तानी, बांग्लादेशी या अन्य देशों से आए विदेशी कर्मचारियों के लिए इसे न्यूनतम वेतन बढ़ाने का आदेश नहीं माना जा सकता.अगर कोई भारतीय कर्मचारी सऊदी अरब में नौकरी कर रहा है तो केवल इस आदेश के आधार पर उसकी कंपनी के लिए सैलरी बढ़ाना अनिवार्य नहीं होगा.

क्या सऊदी नागरिकों की सैलरी भी सीधे बढ़ जाएगी?

नए नियम को लेकर एक और महत्वपूर्ण बात सामने आई है.सऊदी अरब के मानव संसाधन और सामाजिक विकास मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यह फैसला प्राइवेट कंपनियों को अपने सऊदी कर्मचारियों की सैलरी सीधे बढ़ाने के लिए बाध्य नहीं करता.दरअसल बदलाव उस वेतन सीमा में किया गया है जिसके आधार पर किसी सऊदी कर्मचारी को कंपनी के सऊदीकरण कोटे में पूरी तरह शामिल किया जाता है. इसका मतलब है कि किसी कंपनी में काम करने वाले सऊदी कर्मचारी की सैलरी निर्धारित सीमा से कम होने पर उसे सऊदीकरण की गणना में पूरी तरह शामिल करने के नियम अलग होंगे.इस व्यवस्था का उद्देश्य कंपनियों को सऊदी नागरिकों के लिए बेहतर वेतन वाली नौकरियां उपलब्ध कराने के लिए प्रोत्साहित करना है.

क्या है Nitaqat प्रोग्राम, जिससे जुड़ा है नया नियम?

सऊदी अरब में निताकात (Nitaqat) कार्यक्रम देश के नागरिकों को प्राइवेट सेक्टर में रोजगार देने की व्यवस्था से जुड़ा है.इसे सऊदीकरण यानी Saudization कार्यक्रम भी कहा जाता है.इस व्यवस्था के तहत प्राइवेट कंपनियों को अपने यहां सऊदी नागरिकों को रोजगार देने से जुड़े निर्धारित मानकों का पालन करना होता है.कंपनी में कितने सऊदी नागरिक काम करते हैं और वे तय शर्तों को कितना पूरा करते हैं, इसके आधार पर सऊदीकरण की गणना की जाती है.अब सरकार ने किसी सऊदी कर्मचारी को इस गणना में पूरी तरह शामिल करने के लिए जरूरी वेतन सीमा बढ़ाने का फैसला किया है.पहले चरण में यह सीमा 5,000 रियाल और दूसरे चरण में 6,000 रियाल होगी.सरकार को उम्मीद है कि इससे सऊदी नागरिकों के लिए बेहतर वेतन और लंबे समय तक रोजगार के अवसर बढ़ेंगे.

भारतीय कर्मचारियों की नौकरी पर क्या असर पड़ सकता है?

सऊदी अरब में काम करने वाले भारतीयों की सैलरी पर नए आदेश का सीधा असर नहीं होगा.सऊदीकरण कार्यक्रम से जुड़े बदलावों का प्राइवेट कंपनियों की भर्ती और रोजगार नीतियों पर इनडायरेक्‍ट असर पड़ सकता है.कंपनियों को अपने सऊदी कर्मचारियों की संख्या और वेतन से संबंधित मानकों को ध्यान में रखकर रोजगार की योजना बनानी होगी.ऐसे में कुछ कंपनियां सऊदी नागरिकों की भर्ती या उनके वेतन ढांचे में बदलाव कर सकती हैं.अभी यह कहना सही नहीं होगा कि नए फैसले के कारण भारतीय कर्मचारियों की नौकरियां कम होंगी या उनकी सैलरी बढ़ेगी.भारतीय कर्मचारियों पर वास्तविक असर कंपनी, काम के क्षेत्र, नौकरी की श्रेणी और लागू रोजगार नियमों पर निर्भर करेगा.

कर्मचारियों और पेंशनर्स को हर महीने 500 रियाल 

किंग सलमान के आदेश के मुताबिक, पात्र लाभार्थियों के मासिक भत्ते में 500 सऊदी रियाल (करीब 12,650 रुपये) की बढ़ोतरी की जाएगी.इसका लाभ सिविल सर्विस वेतनमान और रोजगार कार्यक्रमों के अंतर्गत आने वाले पात्र सिविल और सैन्य कर्मचारियों को मिलेगा.इसके अलावा पात्र रिटायर्ड कर्मचारियों को भी अतिरिक्त आर्थिक सहायता दी जाएगी.सऊदी अरब के सामाजिक बीमा कानून के दायरे में आने वाले मृतक अंशदाताओं या रिटायर्ड कर्मचारियों के पात्र परिवार के सदस्यों को भी इस सहायता का लाभ मिलेगा.इस तरह सरकार ने नौकरी करने वाले कर्मचारियों के साथ पेंशनर्स और पात्र आश्रित परिवारों को भी राहत देने का फैसला किया है.

जरूरतमंद परिवारों को भी मिलेंगे 500 रियाल

सऊदी अरब की सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था के तहत सहायता प्राप्त करने वाले परिवारों के लिए भी आर्थिक मदद की घोषणा की गई है.सामाजिक सुरक्षा प्रणाली के पात्र लाभार्थी परिवारों को हर महीने 500 रियाल (करीब 12,650 रुपये) की अतिरिक्त सहायता दी जाएगी. इसका उद्देश्य बिजली और पानी की दरों में बदलाव के कारण जरूरतमंद परिवारों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करना है.

क्या भारतीय कर्मचारियों को भी मिलेंगे 500 रियाल?

भारतीय कर्मचारियों के लिए यह जानना भी जरूरी है कि 500 रियाल की अतिरिक्त मासिक सहायता किन लोगों को दी जाएगी.किंग सलमान की ओर से घोषित यह राहत सऊदी नागरिकों की निर्धारित पात्र श्रेणियों के लिए है.इसमें पात्र सिविल और सैन्य कर्मचारी, पेंशनर्स, सामाजिक बीमा कानून के तहत आने वाले पात्र आश्रित और सामाजिक सुरक्षा सहायता प्राप्त करने वाले परिवार शामिल हैं इसलिए सऊदी अरब में नौकरी करने वाले सभी भारतीय कर्मचारियों को 500 रियाल का लाभ नहीं मिलेगा क्‍योंकि घोषणा में भारतीय या अन्य विदेशी कर्मचारियों को सामान्य रूप से यह भत्ता देने का प्रावधान नहीं बताया गया है.

सऊदी अरब जाने वाले भारतीयों को क्या समझना चाहिए?

जो भारतीय सऊदी अरब में नौकरी करने की तैयारी कर रहे हैं उनके लिए नए नियम को सही तरीके से समझना जरूरी है.अगर किसी कंपनी की ओर से नौकरी का प्रस्ताव मिलता है तो उसमें बताई गई सैलरी, काम की शर्तें और अन्य सुविधाओं को ध्यान से देखना चाहिए.केवल यह सुनकर कि सऊदी अरब में वेतन की सीमा 5,000 या 6,000 रियाल हो रही है यह मान लेना गलत होगा कि वहां जाने वाले हर भारतीय को इतनी सैलरी मिलेगी.भारतीय कर्मचारियों का वेतन उनके रोजगार अनुबंध, नौकरी की श्रेणी और लागू नियमों के आधार पर तय होगा.नया आदेश सऊदीकरण कार्यक्रम के तहत सऊदी नागरिकों की गणना से जुड़ा है, न कि सभी विदेशी कर्मचारियों के लिए एक समान न्यूनतम वेतन तय करने से.



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