खिड़की पर लटकी रस्सी, बगल में खेल रहा था बच्चा, तभी कुछ ऐसा हुआ… पसरा मातम
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कर्नाटक के बंतवाल के कुक्किपाड़ी इलाके में एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां नौ साल का एक मासूम बच्चा घर के अंदर खेलते समय खिड़की से बंधी रस्सी के गले में फंदे की तरह लिपट जाने से अचेत हो गया. परिवार के लोग तुरंत उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. पुलिस ने इस मामले में असामान्य मौत (UDR) का केस दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है.
पुलिस मामले की जांच कर रही है.
कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ जिले के बंतवाल से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आ रही है. यहां कुक्किपाड़ी इलाके में एक नौ साल का मासूम बच्चा अपने ही घर में खेलते-खेलते मौत के मुंह में समा गया. खेल-खेल में लापरवाही या किस्मत का खेल कहें, एक रस्सी अचानक बच्चे के गले में इस तरह फंसी कि उसकी सांसें थम गईं. इस हृदयविदारक घटना के बाद से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है. आइए जानते हैं इस खौफनाक और दुखद हादसे की पूरी इनसाइड स्टोरी.
घर के अंदर खेल रहा था मासूम
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, यह खौफनाक घटना रविवार को कुक्किपाड़ी के पास हुई. बच्चे के चाचा जयनंद (42), जो पास ही में रहते हैं, उन्होंने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि उनके भाई अनंदा पुजारी अपने परिवार के साथ रहते हैं. रविवार को अचानक घर के अंदर से चीखने-चिल्लाने की आवाजें आईं. घबराए हुए जयनंद जब दौड़कर अपने भाई के घर पहुंचे, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई. उनका नौ साल का भतीजा, जो थोड़ी देर पहले तक खेल रहा था, बेसुध हालत में पड़ा था.
खिड़की से बंधी रस्सी बनी काल
जांच में सामने आया कि घर के अंदर खेलते समय खिड़की से बंधी एक रस्सी गलती से बच्चे के गले में लूप की तरह लिपट गई. दम घुटने की वजह से बच्चा पूरी तरह अचेत हो चुका था. परिवार के लोगों ने तुरंत बच्चे को संभाला, उसे फर्स्ट एड दिया और बिना एक भी पल गंवाए फौरन अस्पताल दौड़े. लेकिन डॉक्टरों ने बच्चे की जांच करते ही उसे मृत घोषित कर दिया. इस अचानक हुए हादसे ने हंसते-खेल्ते परिवार को पल भर में बिखेर कर रख दिया है.
पुंजलकाटे पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 की धारा 194 के तहत असामान्य मौत (UDR) का मामला दर्ज कर लिया है और पूरे मामले की बारीकी से जांच की जा रही है. यह घटना हर पेरेंट्स के लिए एक बड़ा सबक है कि बच्चों को खेलते समय अकेला न छोड़ें और घर में ऐसी चीजों को दूर रखें जो जानलेवा साबित हो सकती हैं.