मंडी. हिमाचल प्रदेश में सुक्खू सरकार की मदद से चार दोस्तों ने सफलता की नई कहानी लिखी है. अब चारों दोस्तों की पहल से गांवों में खुशहाली और आर्थिक स्वावलंबन को मदद मिली है. अहम बात है कि 70 लोगों को घर गांव में ही रोजगार मिल रहा है और चारों दोस्त भी पैसे कमा रहे हैं.
मंडी जिला की चच्योट तहसील के बाढू गांव में तीन साल से हिल थ्रिल एग्रो प्रोसेसर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी चल रहा है. स्थानीय स्तर पर शुरू की गई यह इकाई आज न केवल फल एवं सब्जियों के प्रसंस्करण के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध करवा रही है, बल्कि क्षेत्र के 70 लोगों को रोजगार भी प्रदान कर रही है.
कंपनी के प्रबंध निदेशक खीरामणी बताते हैं कि वे निजी क्षेत्र में नौकरी करते थे. इसी दौरान तीन साथियों भागीरथ चौहान, रविंद्र और इल्मदीन अली के साथ मिलकर गांव में ही एक उद्योग स्थापित करने का विचार किया. उनका उद्देश्य ऐसा उद्यम शुरू करना था, जिससे स्थानीय लोगों को घर के नजदीक रोजगार मिल सके और उन्हें नौकरी के लिए दूसरे क्षेत्रों में न जाना पड़े. इसी सोच के साथ हिल थ्रिल एग्रो प्रोसेसर प्राइवेट लिमिटेड की स्थापना की.
स्थापना के उपरांत जनवरी, 2023 से व्यवसायिक उत्पादन शुरू हुआ. वर्तमान में इकाई में अचार, चटनी, जैम, फ्रूट वाइन, फ्रूट साइडर, एप्पल साइडर विनेगर सहित 50 से अधिक किस्म के उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं. स्थानीय स्तर पर उपलब्ध फलों एवं सब्जियों का प्रसंस्करण कर तैयार किए जाने वाले इन उत्पादों को बाजार में अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है.
84 लाख रुपये का मिला सरकारी अनुदान
खीरामणी ने बताया कि कंपनी के विस्तार और संचालन के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की गई थी. एकीकृत बागवानी विकास मिशन के अंतर्गत वर्ष 2024 में कंपनी को 84 लाख रुपये की अनुदान राशि प्राप्त हुई. यह सहायता इकाई के विकास और उत्पादन गतिविधियों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण साबित हुई. प्रदेश सरकार के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे प्रोत्साहन से स्थानीय उद्यमियों को अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने में सहायता मिल रही है.
खीरामणी ने बताया कि कंपनी के विस्तार और संचालन के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की गई थी.
चार राज्यों तक पहुंच रहे उत्पाद
उनके उत्पादों की मांग हिमाचल के अलावा उत्तर प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली और जम्मू-कश्मीर में भी है. स्थानीय बाजार के अलावा दूसरे राज्यों में आपूर्ति से कारोबार का विस्तार हुआ है. उनका उद्देश्य स्थानीय कृषि एवं बागवानी उत्पादों का मूल्य संवर्धन कर उन्हें व्यापक बाजार उपलब्ध करवाना है, ताकि किसानों को भी अपनी उपज के बेहतर उपयोग के अवसर मिल सकें.
24 से बढ़कर 70 हुई कर्मचारियों की संख्या
शुरु में यहां 24 कर्मचारी कार्यरत थे, जबकि वर्तमान में 70 लोग रोजगार प्राप्त कर रहे हैं. इनमें 40 कर्मचारियों को कर्मचारी भविष्य निधि और कर्मचारी राज्य बीमा जैसी सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं. स्थानीय युवाओं और अन्य लोगों को काम करने के साथ-साथ अपने कौशल में सुधार के अवसर भी प्रदान किए जा रहे हैं.
कंपनी के प्रबंध निदेशक खीरामणी बताते हैं कि वे निजी क्षेत्र में नौकरी करते थे.
स्थानीय लोगों को घर के पास रोजगार मिलने से खुशी
ग्राम पंचायत बाढू की प्रधान सीता ठाकुर ने कहा कि पंचायत क्षेत्र में प्रसंस्करण इकाई की स्थापना एक बड़ी उपलब्धि है जिससे लोगों को घर के समीप रोजगार मिला है. उन्होंने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में उद्योग स्थापित करने में प्रोत्साहन से लोगों की आजीविका मजबूत हो रही है. कंपनी में कार्यरत कुटाहची के जितेंद्र ठाकुर ने बताया कि उन्हें अपने घर के नजदीक रोजगार मिलने से सुविधा हुई है. यहां कार्य करते हुए कौशल को बेहतर बनाने का मौका भी मिल रहा है. उन्होंने रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया.
गांव छोड़कर नौकरी के लिए नहीं जाना पड़ा
चच्योट के गुंजन शर्मा ने कहा कि घर के नजदीक कंपनी में रोजगार मिलने से उन्हें काफी लाभ हुआ है. उन्होंने कंपनी प्रबंधन और प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त किया.कमल शर्मा निवासी किलिंग ने कहा कि युवाओं को नौकरी के लिए बाहर भटकना पड़ता है, लेकिन हिल थ्रिल में रोजगार मिलने से उन्हें घर-द्वार पर ही रोजगार प्राप्त हुआ है. साथ ही ईपीएफ और ईएसआई जैसी सुविधाएं भी प्राप्त हो रही हैं. इससे कर्मचारियों को आर्थिक स्थिरता में मदद मिलती है. इस तरह के प्रोत्साहन के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू और प्रदेश सरकार का भी धन्यवाद किया.