गुरु गोचर से बढ़ेंगी 3 राशियों की मुश्किलें, उज्जैन के आचार्य ने बताए उपाय
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Guru Gochar 2026: उज्जैन के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार, जल्द ही देवगुरु अपना राशि परिवर्तन करने जा रहे हैं, जिससे तीन राशियों को परेशानी होगी. करियर, व्यवसाय और नौकरी में बाधा आ सकती है. आइए जानते हैं, किन उपायों से राहत मिलेगी.
उज्जैन. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ग्रहों की चाल में बदलाव कई बार जीवन में परेशानियां बढ़ने के संकेत भी देता है. अक्टूबर के अंतिम दिनों में देवगुरु बृहस्पति का सिंह राशि में गोचर कुछ जातकों के लिए चुनौतियां खड़ी कर सकता है. इसका असर नौकरी, व्यापार, शिक्षा और आर्थिक स्थिति पर पड़ने की आशंका है. लंबे समय से अटके काम और नई जिम्मेदारियों का दबाव मानसिक तनाव बढ़ा सकता है. उज्जैन के ज्योतिषाचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार, 31 अक्टूबर 2026 को गुरु सिंह राशि में प्रवेश करेंगे. ज्योतिषीय मान्यताओं में गुरु को ज्ञान, भाग्य और तरक्की का कारक माना जाता है जबकि सिंह राशि के स्वामी सूर्य आत्मबल और प्रतिष्ठा से जुड़े हैं. ऐसे में ग्रहों का यह बदलाव कुछ लोगों के लिए बाधाएं पैदा कर सकता है. आइए जानते हैं, किन तीन राशियों को सतर्क रहने की जरूरत पड़ सकती है और किन उपायों से राहत मिलेगी.
तीन राशियों को रहना होगा सतर्क
वृषभ- गुरु का सिंह राशि में प्रवेश वृषभ राशि के जातकों के जीवन मे परेशानियां बढ़ने के संकेत दे सकता है. इस दौरान विद्यार्थियों को पढ़ाई में मन लगाने में कठिनाई हो सकती है. परीक्षा के परिणाम उम्मीद के मुताबिक नहीं आने की आशंका रहेगी. प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे जातकों को असफलता और बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है. रचनात्मक कार्यों में पहचान मिलने में देरी होगी. वहीं पारिवारिक जीवन में मतभेद और रिश्तों में तनाव बढ़ने की संभावना है.
तुला- ग्रहों का यह परिवर्तन तुला राशि के जातकों के जीवन में कुछ परेशानियां बढ़ा सकता है. आत्मविश्वास में कमी आने से व्यक्तित्व पर नकारात्मक असर पड़ सकता है. नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को निराशा का सामना करना पड़ सकता है. कार्यस्थल पर जिम्मेदारियां बढ़ने से तनाव रहेगा. विद्यार्थियों का पढ़ाई से ध्यान भटक सकता है. नए लोगों पर भरोसा करने से पहले सावधानी बरतना जरूरी होगा.
मीन- गुरु के राशि परिवर्तन से मीन राशि के जातकों को करियर में कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. आर्थिक स्थिति बिगड़ने से खर्चों का बोझ बढ़ सकता है और आमदनी में कमी आने की आशंका है. नौकरीपेशा लोगों पर काम का दबाव बढ़ सकता है, वहीं मनचाहा अवसर मिलने में देरी हो सकती है. व्यापारियों को नए ग्राहकों की कमी, साझेदारी में विवाद और मुनाफे में गिरावट का सामना करना पड़ सकता है.
इन उपायों से मिल सकती है राहत
गुरु दोष के निवारण के लिए पानी में हल्दी मिलाकर स्नान करें. रोजाना या फिर गुरुवार के दिन भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की पूजा करें. ‘ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः’ या ‘ॐ बृं बृहस्पतये नमः’ गुरु मंत्रों का जाप करें. इसके अलावा गुरुवार को पीली वस्तुओं जैसे- दाल और वस्त्रों का दान करें. केले के पेड़ की पूजा करें और गुरुजनों का सम्मान करें.