ब्राजील में डोनाल्‍ड ट्रंप के यार की हार, जिन लूला दा सिल्वा से खार खाते हैं अमेरिकी राष्‍ट्रपति, वही जीते चुनाव

ब्राजील में डोनाल्‍ड ट्रंप के यार की हार, जिन लूला दा सिल्वा से खार खाते हैं अमेरिकी राष्‍ट्रपति, वही जीते चुनाव


होमदुनियाअन्य देश

ब्राजील में ट्रंप के यार की हार, लूला दा सिल्‍वा चौथी बार बनेंगे राष्‍ट्रपति

Agency:एजेंसियां

Last Updated:

Brazil Election Results: ब्राजील चुनाव के नतीजे सामने आ गए हैं. राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने क्‍लोज फाइट में फ्लावियो बोल्सोनारो को करीबी मुकाबले में हरा दिया है. लूला और अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप के बीच छत्‍तीस का आंकड़ा रहता है.

Zoom

ब्राजील चुनाव में राष्‍ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्‍वा को जीत मिली है. (फाइल फोटो/Reuters)

Brazil Election Results: ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने रविवार को हुए राष्ट्रपति चुनाव के दूसरे चरण में जीत दर्ज कर चौथी बार देश की सत्ता हासिल की है. आधिकारिक नतीजों के अनुसार, करीब 81 वर्षीय लूला को 51.7 प्रतिशत वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी फ्लावियो बोल्सोनारो को 48.2 प्रतिशत मत प्राप्त हुए. बोल्सोनारो ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के बेटे हैं. समाचार एजेंसी AFP ने आधिकारिक मतगणना के हवाले से यह जानकारी दी है. इस जीत के साथ वामपंथी नेता लूला का देश की सत्ता में बने रहना तय हो गया है. हालांकि, चुनाव के नतीजे ब्राजील में गहरे राजनीतिक विभाजन को भी दर्शाते हैं. चुनाव प्रचार के दौरान दोनों उम्मीदवारों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला. इस चुनाव को ब्राजील की राजनीतिक दिशा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. बता दें कि अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप को लूला फूटी आंख नहीं सुहाते हैं.

ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने राष्ट्रपति चुनाव के दूसरे दौर में जीत दर्ज कर चौथी बार सत्ता हासिल की है. उनकी जीत के साथ ही लैटिन अमेरिका की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था ब्राजील में वामपंथी वर्कर्स पार्टी (पीटी) का शासन बरकरार रहेगा. चुनाव प्रचार के दौरान देश की आर्थिक दिशा, सामाजिक कल्याण योजनाओं, भ्रष्टाचार और सार्वजनिक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर राजनीतिक मतभेद खुलकर सामने आए. करीब 81 वर्ष के लूला को पहले दौर में कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा था. 4 अक्टूबर को हुए मतदान में फ्लावियो बोल्सोनारो ने 47.03 प्रतिशत वोट हासिल किए थे, जबकि लूला को 45.16 प्रतिशत मत मिले थे. किसी भी उम्मीदवार को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने के कारण दोनों नेताओं के बीच सीधा मुकाबला हुआ.

दूसरे दौर में लूला ने लगाया जोर और बदल दिया नतीजा

पहले दौर में पिछड़ने के बाद लूला ने अपने चुनाव प्रचार को तेज किया. उन्होंने युवा मतदाताओं को आकर्षित करने के साथ अपनी सरकार की सामाजिक कल्याण योजनाओं और लोकतांत्रिक संस्थाओं की अहमियत पर जोर दिया. उन्होंने मतदाताओं को बोल्सोनारो परिवार से जुड़े राजनीतिक नेतृत्व की वापसी के प्रति भी आगाह किया. वहीं, फ्लावियो बोल्सोनारो ने रूढ़िवादी मूल्यों, आर्थिक सुधारों और सरकारी नीतियों में बदलाव का समर्थन किया. उनके प्रचार अभियान में महंगाई, करों के बोझ और सार्वजनिक सुरक्षा को प्रमुखता दी गई.

लूला के सामने अब क्‍या चुनौती

लूला की जीत के बावजूद ब्राजील में राजनीतिक ध्रुवीकरण खत्म होने की संभावना कम है. उनके नए कार्यकाल में आर्थिक नीतियों, पर्यावरण संरक्षण और अंतरराष्ट्रीय संबंधों को लेकर मतभेद बने रहने की आशंका है. लूला सोशल वेलफेयर स्‍कीम्‍स और अमेजन वर्षावन के संरक्षण के समर्थक रहे हैं. उनकी सरकार के सामने घरेलू खर्च को नियंत्रित करने और आर्थिक विकास की रफ्तार बनाए रखने की चुनौती भी होगी. दूसरी ओर, फ्लावियो बोल्सोनारो की हार के बावजूद रूढ़िवादी राजनीति और बाजार आधारित आर्थिक सुधारों की मांग ब्राजील की राजनीति में महत्वपूर्ण बनी रहेगी. संसद में रूढ़िवादी सांसदों की मजबूत मौजूदगी लूला की नीतियों के क्रियान्वयन में बाधा बन सकती है. ऐसे में अपने चौथे कार्यकाल के दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच सहमति बनाना उनके लिए अहम होगा.



Source link