नैनीताल: उत्तराखंड की सरोवर नगरी नैनीताल की खूबसूरत वादियां एक बार फिर विदेशी सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित करने लगी हैं. अमेरिका, फ्रांस, रूस समेत दुनिया के अलग-अलग देशों से पर्यटक यहां की प्राकृतिक सुंदरता, शांत वातावरण और ऐतिहासिक विरासत को करीब से देखने पहुंच रहे हैं. पर्यटन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल अब तक 6,320 विदेशी पर्यटक नैनीताल पहुंच चुके हैं. विदेशी सैलानियों की बढ़ती आमद से शहर के पर्यटन कारोबारियों के चेहरे खिलने लगे हैं. होटल, रेस्टोरेंट, टैक्सी, नौकायन और स्थानीय बाजारों से जुड़े व्यापारियों को उम्मीद है कि इससे पर्यटन कारोबार को नई रफ्तार मिलने के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी.
नैनीताल की पहचान यहां की विश्व प्रसिद्ध नैनी झील, चारों ओर फैली हरी-भरी पहाड़ियों, ठंडी आबोहवा और प्राकृतिक नजारों से है. यही वजह है कि देशी पर्यटकों के साथ विदेशी सैलानी भी यहां की खूबसूरती का आनंद लेने पहुंचते हैं. इन दिनों शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों के साथ ही बाजारों में भी विदेशी पर्यटकों की आवाजाही देखने को मिल रही है. सैलानी यहां घूमने-फिरने के साथ स्थानीय बाजारों में खरीदारी भी कर रहे हैं. स्थानीय कारोबारियों का कहना है कि विदेशी पर्यटकों की मौजूदगी से नैनीताल की अंतरराष्ट्रीय पहचान को मजबूती मिलती है. साथ ही, पर्यटन से जुड़े विभिन्न व्यवसायों को भी इसका लाभ मिलता है. कारोबारियों को उम्मीद है कि यदि विदेशी पर्यटकों की आमद इसी तरह बनी रहती है, तो शहर के पर्यटन उद्योग को और मजबूती मिल सकती है.
10 साल पहले जैसी रौनक लौटने की उम्मीद
नैनीताल नाव मालिक समिति के सचिव नरेंद्र सिंह चौहान के मुताबिक, करीब 10 साल पहले शहर में बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक पहुंचते थे. विशेष रूप से सितंबर से दिसंबर के बीच, जब पर्यटकों की भीड़ अपेक्षाकृत कम रहती थी, तब विदेशी सैलानी नैनीताल की शांत फिजाओं और प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेने आते थे. उन्होंने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में विदेशी पर्यटकों की संख्या में काफी कमी देखने को मिली, लेकिन इस महीने शहर में फिर से विदेशी सैलानियों की अच्छी मौजूदगी नजर आ रही है.
कारोबार को लग सकते हैं पंख
यह पर्यटन कारोबार के लिए सकारात्मक संकेत है. उन्होंने उम्मीद जताई कि विदेशी पर्यटक नैनीताल की खूबसूरती का अनुभव करने के बाद यहां की अच्छी छवि अपने देश लेकर जाएंगे, जिससे भविष्य में और पर्यटक आकर्षित हो सकेंगे. उन्होंने कहा कि, विदेशी पर्यटक नौकायन के दौरान नैनीताल की खूबसूरती की तारीफ करते हैं. हालांकि, कई पर्यटक शहर में बढ़ते ट्रैफिक और भीड़भाड़ को लेकर परेशानी भी जाहिर करते हैं. उन्होंने बताया कि नैनी झील में नौकायन के लिए विदेशी पर्यटकों को 420 रुपये का टिकट देना पड़ता है, इसके अलावा, कई पर्यटक नौकायन कराने वाले नाविकों को टिप भी देते हैं, जिससे उनकी आमदनी में इजाफा होता है.
पर्यटन कारोबार और विदेशी मुद्रा को मिलेगा बढ़ावा
नैनीताल होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह बिष्ट का कहना है कि विदेशी पर्यटकों का दोबारा नैनीताल पहुंचना पर्यटन उद्योग के लिए उत्साहजनक है. उन्होंने बताया कि नैनीताल के साथ उत्तराखंड के अन्य पर्यटन स्थल भी विदेशी सैलानियों को आकर्षित करते हैं, लेकिन पिछले कुछ समय में विदेशी पर्यटकों की संख्या में गिरावट देखी गई थी. अब उनकी बढ़ती मौजूदगी से पर्यटन कारोबारियों को बेहतर संभावनाएं नजर आने लगी हैं. उन्होंने कहा कि विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए शहर में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाना जरूरी है.
कुछ जरूरी सुविधाओं में ध्यान देना जरूरी
खासकर ट्रैफिक मैनेजमेंट, सड़क चौड़ीकरण और भीड़भाड़ को नियंत्रित करने पर ध्यान देना होगा, ताकि पर्यटकों को यहां घूमने के दौरान असुविधा का सामना न करना पड़े. नैनीताल में अंग्रेजों के समय में निर्मित कई ऐतिहासिक और हेरिटेज भवन मौजूद हैं. इन इमारतों की वास्तुकला में ब्रिटेन की इमारतों जैसी विशेषताएं देखने को मिलती हैं, जो विदेशी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनती हैं. नैनीताल की प्राकृतिक सुंदरता के साथ उसकी ऐतिहासिक विरासत भी अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को यहां आने के लिए प्रेरित करती है. उन्होंने कहा कि विदेशी पर्यटकों के आगमन से होटल और पर्यटन से जुड़े व्यवसायों को लाभ मिलने के साथ विदेशी मुद्रा का प्रवाह भी बढ़ता है. इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और कारोबार को सहारा मिलता है, वहीं सरकार को भी पर्यटन से जुड़े राजस्व के रूप में फायदा हो सकता है.
बढ़ सकती है विदेशी पर्यटकों की संख्या
नैनीताल में इस साल अब तक 6,320 विदेशी पर्यटकों का पहुंचना पर्यटन उद्योग के लिए उम्मीद जगाने वाला आंकड़ा है. हालांकि, विदेशी सैलानियों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी के लिए केवल प्राकृतिक सुंदरता ही पर्याप्त नहीं है. बेहतर यातायात व्यवस्था, साफ-सफाई, सुविधाजनक आवागमन और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण पर भी ध्यान देना होगा. यदि शहर में पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलती हैं और ट्रैफिक व भीड़भाड़ जैसी समस्याओं का प्रभावी समाधान किया जाता है, तो नैनीताल विदेशी सैलानियों के बीच अपनी लोकप्रियता और बढ़ा सकता है. इससे न केवल पर्यटन कारोबार को मजबूती मिलेगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आय के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं.