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Sunny Deol Soorya Movie Controversy: बॉलीवुड सुपरस्टार सनी देओल की बहुचर्चित आगामी फिल्म ‘सूर्या- अंत से आरंभ तक’ का टीज़र जारी होते ही एक बड़े विवाद के केंद्र में आ गया है. पर्दे पर तीखे संवादों और एक्शन के लिए जाने जाने वाले सनी देओल की इस फिल्म में स्वास्थ्य व्यवस्था और मेडिकल पेशे के चित्रण को लेकर डॉक्टरों ने मोर्चा खोल दिया है. देवभूमि उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से लेकर देशभर के चिकित्सा संगठनों ने फिल्म के दृश्यों पर कड़ा ऐतराज जताते हुए इसे धरती के भगवान कहे जाने वाले डॉक्टरों की प्रतिष्ठा पर सीधा हमला करार दिया है.
देहरादून: बॉलीवुड अभिनेता सनी देओल की आने वाली बहुचर्चित फिल्म ‘सूर्या- अंत से आरंभ तक’ का टीजर रिलीज होने के बाद से ही विवादों में घिर गया है. फिल्म में मेडिकल इंडस्ट्री और डॉक्टरों की छवि को कथित तौर पर गलत तरीके से दिखाने पर देशभर के साथ-साथ देहरादून के चिकित्सकों में भी भारी रोष देखने को मिल रहा है. इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेश कुड़ियाल समेत कई चिकित्सा अधिकारियों ने इस चित्रण को लेकर कड़ी आपत्ति जताई है और फिल्म के कंटेंट पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं.
टीजर सामने आने के बाद देहरादून के डॉक्टरों ने अपना कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि समाज में डॉक्टर को भगवान का दर्जा दिया जाता है, जो अपनी जान की परवाह किए बिना चौबीस घंटे मरीजों की सेवा में जुटे रहते हैं. कोविड महामारी का हवाला देते हुए चिकित्सकों ने कहा कि उन्होंने अपनी और अपने परिवार की जान जोखिम में डालकर अंतिम सांस तक मरीजों की जान बचाने का काम किया है. ऐसे में फिल्म के शुरुआती पलों में ही पूरी डॉक्टर कम्युनिटी को एक खलनायक या लुटेरे के रूप में पेश करना पूरी तरह से अनुचित और निराधार है.
ऐसी कहानियों से खराब होते हैं डॉक्टर-मरीज के रिश्ते
डॉ. महेश कुड़ियाल ने कहा कि किसी भी पेशे में कुछ लोग गलत हो सकते हैं, लेकिन इसका मतलब यह कतई नहीं है कि 90 फीसदी से अधिक ईमानदार डॉक्टरों के लिए ऐसे अपमानजनक शब्दों और नकारात्मक दृश्यों का इस्तेमाल किया जाए. उन्होंने कहा कि महंगे इलाज को लेकर जनता अक्सर डॉक्टरों को दोषी मानती है, जबकि इसके पीछे कई अन्य तकनीकी और ढांचागत कारण जुड़े होते हैं. बीमारी की गंभीरता और उन्नत चिकित्सा संसाधनों की लागत के हिसाब से इलाज का खर्च तय होता है, जिसे आम जनता को समझने की जरूरत है.
इसके अलावा चिकित्सा संघ ने मनोरंजन जगत के कलाकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि फिल्मों का मुख्य उद्देश्य सिर्फ व्यावसायिक लाभ कमाना रह गया है. समाज पर फिल्मों और कलाकारों के अभिनय का गहरा असर पड़ता है, और इस तरह की नकारात्मक और भ्रामक कहानियों से डॉक्टर-मरीज के पवित्र रिश्ते के बीच अविश्वास की खाई चौड़ी होती है. डॉक्टरों के खिलाफ हिंसा और गलत आचरण को सही ठहराने वाले दृश्यों से स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा पर भी गंभीर खतरा मंडराने लगा है.
एमएम मूवीज के बैनर तले निर्माण, 20 नवंबर को होगी रिलीज
‘सूर्या’ फिल्म निर्माण की बात करें तो इसका निर्देशन एम. पद्माकुमार ने किया है, जो इस फिल्म के जरिए अपना हिंदी डायरेक्शनल डेब्यू कर रहे हैं. फिल्म के निर्माता दीपक मुकुट, हेमंत मुकुट, लोकेश मुकुट और कमल मुकुट हैं, जिसे MM Moviez बैनर के तहत पेश किया जा रहा है. फिल्म की स्टार कास्ट में सनी देओल के साथ रवि किशन, प्रज्ञा जायसवाल, तनुश्री चक्रवर्ती, मनीष वाधवा, टीनू आनंद, जीशु सेनगुप्ता और विर्ति वाघानी जैसे कलाकार अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे. यह एक्शन-ड्रामा फिल्म आगामी 20 नवंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए निर्धारित है.