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Kaun Hai Urmila Sanwar: अभिनेत्री उर्मिला सनावर को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. उर्मिला सनावर पर ब्लैकमेलिंग और रंगदारी मांगने जैसे आरोप लगे हैं. बीते रविवार को पुलिस ने उर्मिला को सहारनपुर से गिरफ्तार किया था और फिर कोर्ट में पेश किया था.
उर्मिला सनावर को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है.
देहरादूनः उत्तराखंड का बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में उर्मिला सनावर को गिरफ्तार करके 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. उर्मिला सनावर पर रंगदारी और ब्लैकमेलिंग करने का आरोप लगा हुआ है. उर्मिला को बीते रविवार को पुलिस ने गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश किया, जहां से अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. बता दें कि उर्मिला सनावर अंकिता भंडारी हत्याकांड में लगातार ऑडियो-वीडियो शेयर कर आरोप-प्रत्यारोप का खेल खेलती रही हैं.
कौन हैं उर्मिला सनावर
उर्मिला सनावर एक अभिनेत्री हैं, जो उत्तर प्रदेश के सहारनपुर की रहने वाली हैं और अंकिता भंडारी हत्याकांड व उससे जुड़े वीवीआईपी आरोपों के चलते सुर्खियों में छाई रहीं. उर्मिला लगातार सोशल मीडिया पर किसी एक वीवीआईपी के शामिल होने का दावा करती रही हैं, जिसको लेकर उन्होंने कथित तौर पर कई ऑडियो और वीडियो भी शेयर किए थे.
किस केस में हुई है गिरफ्तारी
मामले में एक दिन पहले ही शनिवार को पूर्व विधायक सुरेश राठौर की बेटी ने रानीपुर कोतवाली में उर्मिला सनावर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था. आरोप है कि उर्मिला सनावर रविदास पीठ अपने नाम करने की मांग कर रही थी. मांग पूरी नहीं होने पर उन्होंने कथित तौर पर पांच करोड़ रुपये की मांग की. शिकायत के मुताबिक, रकम नहीं देने पर परिवार को जान से मारने और फोटो वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित करने की धमकी भी दी जा रही थी. शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी. इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उर्मिला सनावर को सहारनपुर से गिरफ्तार कर लिया था.
उर्मिला पर पहले से 9 मुकदमे
पुलिस ने बताया कि उर्मिला सनावर के खिलाफ पहले से 9 मुकदमे दर्ज हैं. इनमें हरिद्वार के झबरेड़ा, बहादराबाद, ज्वालापुर और रानीपुर के अलावा देहरादून के नेहरू कॉलोनी तथा उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के सदर बाजार और फतेहपुर थाने शामिल हैं. पुलिस के रिकॉर्ड के मुताबिक इन मामलों में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 के तहत केस दर्ज हैं. कुछ मामलों में कथित धमकी, आपत्तिजनक कंटेंट शेयर करने व अन्य आरोप शामिल हैं.