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स्वाद के शहर इंदौर में एक स्वाद ऐसा है जो लोगों की जुबान पर चढ़ा हुआ है. यह स्वाद है बरसों पुरानी बम कचोरी का, इंदौर के क्लॉथ मार्केट क्षेत्र में स्थित कचोरी दुकान पर बड़ी संख्या में लोग कोयले की आंच पर सिकी कचोरी खाने आते हैं.
नमन मटके(इंदौर),
Indore Bam kachori: स्वाद के शहर इंदौर में बरसों पुरानी बम कचोरी लोगों की जुबान पर चढ़ी हुई है. इंदौर के क्लॉथ मार्केट क्षेत्र में स्थित इस कचोरी दुकान पर बड़ी संख्या में लोग कोयले की आंच पर सिकी कचोरी खाने के लिए पहुंचते हैं. इस दुकान की कचोरी के साथ अमचूर की चटनी दी जाती है, जो बेहद प्रसिद्ध है. यहां का अनोखा स्वाद और बनाने का तरीका लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है.
आसपास के लोग और पर्यटक
यहां देश ही नहीं बल्कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से लोग कचोरी खाने के लिए आते हैं. दुकान पर आने वाले खाने के शौकीनों की भीड़ इस स्वाद की लोकप्रियता को साफ दर्शाती है.
कचोरी प्रेमियों का आकर्षण
इंदौर आने वाले पर्यटकों और स्थानीय निवासियों के बीच यह बम कचोरी काफी प्रसिद्ध हो चुकी है. कोयले की धीमी आंच पर सिकने वाली इस कचोरी का स्वाद खाने वालों को लंबे समय तक याद रहता है.
साइकिल पर कचोरी बेचने से शुरू हुआ सिलसिला
दुकान संचालक बताते हैं कि, 1964 से घर पर कचोरी बनाने का काम शुरू किया. सालों पहले साइकिल पर स्कूलों के बाहर कचोरी बेचने जाते थे. लगभग 60 सालों तक साइकिल पर कचोरी बेचने का सिलसिला चला, वहीं इसके बाद दुकान से कचोरी बेचने का सिलसिला शुरू हुआ. दुकान संचालक बताते हैं की, कचोरी की सिकाई कोयले पर की जाती है, कोयल पर सिकाई होने के चलते कचोरी खस्ता होती है. मूंग की दाल की कचोरी बनाई जाती है. साथ में अमचूर की चटनी दी जाती है.
मौन व्रत पर दुकान संचालक
दुकान संचालक बताते हैं कि, दुकान पर काम करने वाले उनके भाई बरसों से मौन पर हैं. दुकान के समय में सुबह 9 बजे से रात 9 तक मौन रखते हैं, यहां कचोरी की कीमत लिखी हुई है. ग्राहक आता है और कचोरी की कीमत देखकर पैसे देकर जाता है.