अविवाहित मां ने अपनाने से किया इनकार, नाली किनारे मिली नवजात के मामले में नया मोड़, अब बच्ची इन्हें मिलेगी


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Harda News: हरदा में नाली किनारे मिली 8 घंटे की मासूम बालिका के मामले में बड़ा मोड़ आ गया है. बच्ची को पुलिस की मदद से अस्पताल में भर्ती तो करा दिया गया, लेकिन सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जब पुलिस ने बच्ची की मां को ढूंढ निकाला, तब उसने काउंसलिंग के दौरान नवजात को अपनाने से इंकार कर दिया. जानें फिर क्या हुआ?

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अविवाहित मां का अपनाने से इनकार, नाली किनारे मिली नवजात के मामले में नया मोड़ Zoom

हरदा जिला अस्पताल में भर्ती बच्ची.

हरदा में इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना में नया मोड़ आ गया है. 22 अक्टूबर की रात हरदा जिला अस्पताल से महज 100 मीटर दूर नाली किनारे एक लावारिस बच्ची मिली थी. जन्म के मात्र 8 घंटे बाद ही मासूम को शौचालय टब के पास लावारिस छोड़ दिया गया था. बच्ची को लावारिस छोड़ने वाली अविवाहित मां ने उसे अपनाने से इनकार कर दिया है. वहीं, पुलिस ने भी युवती के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है.

अस्पताल का SNCU वार्ड बना मासूम का आशियाना
अस्पताल के डॉक्टरों और नर्सों की मेहनत से नवजात बालिका को नया जीवन मिला है. डॉ सन्नि जुनेजा ने बताया कि बच्ची को गंभीर स्थिति में अस्पताल लाया गया था. वर्तमान में बच्ची को जिला अस्पताल के SNCU वार्ड में रखा गया है. अस्पताल की नर्सें मां बनकर दिन-रात उसकी देखरेख कर रही हैं. वहीं, डॉक्टर दिन में दो बार बच्ची का रूटीन स्वास्थ्य परीक्षण करते हैं.

सीसीटीवी से खुला राज, दूसरे दिन अस्पताल पहुंची थी मां
घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो अस्पताल के पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई. फुटेज में दो महिलाएं नवजात बच्ची को अस्पताल से बाहर ले जाती हुई दिखाई दीं. फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद दूसरे दिन बच्ची की मां खुद जिला अस्पताल पहुंची और बेटी को वापस मांगा. अस्पताल प्रबंधन ने तत्काल पुलिस को इसकी सूचना दी.

लोकलाज के डर से उठाया था खौफनाक कदम
सूचना मिलते ही पुलिस ने युवती और उसकी मां को थाने बुलाया. पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि युवती अविवाहित है. एक युवक से अफेयर के दौरान वह गर्भवती हो गई थी. समाज में बदनामी और लोकलाज के डर से उसने जन्म के तुरंत बाद बच्ची को नाली किनारे छोड़ दिया था.

काउंसलिंग में बच्ची को अपनाने से इंकार
मामले की सूचना मिलने पर बाल कल्याण समिति के सदस्य पुलिस थाने पहुंचे. सीबीडब्ल्यूसी और पुलिस ने युवती की काउंसलिंग की. हालांकि, युवती ने अपनी ही कोख से जन्मी मासूम को अपनाने से साफ इंकार कर दिया.

पुलिस ने दर्ज किया केस
Asp अमित कुमार मिश्रा ने बताया कि बच्ची को जन्म देकर असुरक्षित स्थिति में छोड़ने के आरोप में महिला के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है. पुलिस मामले में वैधानिक कार्रवाई कर रही है.

अब बाल कल्याण समिति लेगी संरक्षण में
जन्म देने वाली मां के इंकार के बाद अब बाल कल्याण समिति (CWC) इस मासूम बच्ची को कानूनी संरक्षण में लेगी. जरूरी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद बालिका को किसी सुरक्षित और समझदार परिवार को गोद दे दिया जाएगा. सड़क किनारे लावारिस हालत से शुरू हुआ इस मासूम का सफर जल्द ही एक सुरक्षित और नए आशियाने तक पहुंचेगा.



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