अयोध्या में दीपोत्सव को सतरंगी बनाने के लिए एक महीने से 60 कारीगर दिन रात कर रहे मेहनत, दिखेगी त्रेतायुग की झलक

अयोध्या में दीपोत्सव को सतरंगी बनाने के लिए एक महीने से 60 कारीगर दिन रात कर रहे मेहनत, दिखेगी त्रेतायुग की झलक


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अयोध्या में दसवें दीपोत्सव को भव्य बनाने की तैयारियां तेज हैं. पूरी नगरी को सतरंगी रोशनी और आधुनिक लाइटों से सजाया जा रहा है, जिससे त्रेता युग की झलक दिखेगी. दीपोत्सव की सजावट को लेकर कारीगर दिन-रात मेहनत कर रहे हैं. करीब 60 से अधिक कारीगर इस कार्य में जुटे हुए हैं. इनका प्रयास है कि दीपोत्सव के दौरान अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं को धार्मिक और सांस्कृतिक वातावरण का अनुभव हो. साकेत पेट्रोल पंप से लेकर राम मंदिर के प्रवेश द्वार तक कई आकर्षक तोरण द्वार बनाए जाएंगे.

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अयोध्या: रामनगरी अयोध्या में दसवें दीपोत्सव को भव्य और यादगार बनाने की तैयारियां तेज हो गई हैं. इस बार दीपोत्सव के अवसर पर पूरी नगरी को सतरंगी रोशनी से सजाने की योजना है.शहर के प्रमुख मार्गों, चौराहों और आयोजन स्थलों को आकर्षक विद्युत झालरों और आधुनिक लाइटों से सजाया जा रहा है. इसके माध्यम से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को त्रेता युग की झलक दिखाने का प्रयास किया जाएगा.दीपोत्सव के दौरान रामायणकालीन दृश्यों को रोशनी के जरिए जीवंत रूप देने की भी तैयारी है.

दीपोत्सव की सजावट को लेकर कारीगर दिन-रात मेहनत कर रहे हैं. करीब 60 से अधिक कारीगर इस कार्य में जुटे हुए हैं. इनका प्रयास है कि दीपोत्सव के दौरान अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं को धार्मिक और सांस्कृतिक वातावरण का अनुभव हो. साकेत पेट्रोल पंप से लेकर राम मंदिर के प्रवेश द्वार तक कई आकर्षक तोरण द्वार बनाए जाएंगे. इन द्वारों को विशेष प्रकार की लाइटों से सजाया जाएगा, जिससे प्रमुख मार्गों पर पहुंचते ही श्रद्धालुओं को दीपोत्सव की भव्यता का एहसास हो सके.

रोशनी से जीवंत होंगे रामायण के प्रसंग

इस बार विद्युत सजावट में आधुनिक तकनीक का भी इस्तेमाल किया जा रहा है. शहर के विभिन्न स्थानों पर एलसीडी स्क्रीन लगाई जाएंगी, जिनके माध्यम से प्रभु श्रीराम की लीला और रामायण से जुड़े प्रसंगों का प्रदर्शन किया जाएगा. इसके साथ ही पवनपुत्र हनुमान, प्रभु श्रीराम, भैया लक्ष्मण और माता जानकी की आकृतियों को भी आकर्षक रोशनी के जरिए प्रदर्शित किया जाएगा. इससे अयोध्या के प्रमुख मार्गों पर धार्मिक और सांस्कृतिक छटा देखने को मिलेगी.

लाइटिंग का कार्य करने वाले बाबा ने बताया कि दीपोत्सव के लिए सजावट का काम तेजी से किया जा रहा है. कारीगरों की टीम अलग-अलग स्थानों पर विद्युत सजावट और आकर्षक आकृतियों को तैयार करने में जुटी है. साकेत पेट्रोल पंप से लेकर राम मंदिर के प्रवेश द्वार तक विशेष सजावट की जाएगी. उनका प्रयास है कि इस बार दीपोत्सव में आने वाले श्रद्धालुओं को रोशनी के माध्यम से रामायणकालीन वातावरण का अनुभव हो. इसके लिए सजावट के हर हिस्से को आकर्षक बनाने पर ध्यान दिया जा रहा है.

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लगेंगे वे-फाइंडर

दीपोत्सव में केवल सजावट ही नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है. इसके लिए करीब 10 प्रमुख स्थानों पर थीम आधारित वे-फाइंडर लगाए जाएंगे.प्रमुख प्रवेश मार्गों, चौराहों और आयोजन स्थलों के आसपास स्थापित होने वाले इन वे-फाइंडर के जरिए लोगों को विभिन्न स्थानों की जानकारी और दिशा-निर्देश मिल सकेंगे. इससे भीड़ के बीच श्रद्धालुओं को अपने गंतव्य तक पहुंचने में सहूलियत होगी. इसके अलावा वर्टिकल स्क्रीन पर भी आवश्यक सूचनाएं प्रदर्शित की जाएंगी.आधुनिक सूचना व्यवस्था के जरिए लोगों को आयोजन से जुड़ी जरूरी जानकारी उपलब्ध कराने की तैयारी है. रंग-बिरंगी रोशनी, आकर्षक तोरण द्वार, रामायणकालीन आकृतियों और एलसीडी स्क्रीन के माध्यम से अयोध्या को विशेष रूप से सजाया जाएगा.

दसवें दीपोत्सव को लेकर तैयारियों का उद्देश्य रामनगरी की धार्मिक पहचान और सांस्कृतिक विरासत को आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना है.विद्युत सजावट के जरिए अयोध्या के प्रमुख स्थलों को नया रूप देने की योजना है. दीपोत्सव के दौरान जब प्रमुख मार्ग और चौराहे रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगाएंगे, तब श्रद्धालुओं को रामायण से जुड़े प्रसंगों की झलक देखने को मिलेगी.इस तरह अयोध्या में परंपरा और आधुनिक तकनीक के मेल से दीपोत्सव को भव्य बनाने की तैयारी की जा रही है.



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