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MLC Election Clash FIR: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी के मितौली ब्लॉक में स्नातक एमएलसी चुनाव के दौरान भाजपा और सपा नेताओं में झड़प हो गई थी. इसमें बीजेपी विधायक सौरभ सिंह सोनू और सपा के पूर्व विधायक सुनील कुमार लाला शामिल थे. अब चुनाव बीतने के बाद सपा नेता की सिरदर्दी बढ़ गई है. पुलिस ने कुल 9 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है.
एमएलसी चुनाव में वोटिंग के दौरान सपा और भाजपा नेता में लड़ाई हो गई. (PTI)
UP MLC Election Clash: एमएलसी चुनाव के दौरान भाजपा और सपा नेताओं में झड़प मामले में पुलिस की एंट्री हो गई है. दरअसल, लखीमपुर खीरी जिले के मितौली ब्लॉक में स्नातक चुनाव के दौरान सपा और भाजपा नेताओं में झड़प हुई थी. भाजपा के विधायक सौरभ सिंह सोनू और सपा के पूर्व विधायक सुनील कुमार लाला के समर्थकों के बीच झड़प हो गई थी. पुलिस ने इस पूरे घटनाक्रम में सपा के पूर्व विधायक समेत कुल 9 लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गत 23 अक्टूबर को मितौली ब्लॉक परिसर में स्नातक एमएलसी चुनाव के मतदान के दौरान भाजपा विधायक सौरभ सिंह सोनू और सपा के पूर्व विधायक सुनील कुमार लाला आमने-सामने आ गए थे. दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच जमकर तीखी नोकझोक और कहासुनी हुई, जिससे मतदान केंद्र के भीतर और बाहर अफरा-तफरी का माहौल बन गया था.
सपा के पूर्व विधायक का आरोप था कि भाजपा विधायक और उनके पिता (पूर्व राज्यसभा सदस्य जुगल किशोर) अपने समर्थकों के साथ मतदान केंद्र के अंदर पहुंच गए थे, जिस पर आचार संहिता के उल्लंघन का हवाला देते हुए विरोध जताया गया था. विवाद इतना बढ़ा कि मतदान प्रक्रिया भी कुछ समय के लिए बाधित हो गई. मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने किसी तरह स्थिति को संभाला और दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं को खदेड़कर बाहर निकाला.
अमर अली की तहरीर पर दर्ज हुआ मुकदमा
पुलिस के मुताबिक, इस मामले में अमर अली की तरफ से दी गई तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है. नामजद किए गए 9 आरोपियों में सपा के पूर्व विधायक सुनील कुमार लाला (सुनील भार्गव), पूर्व ब्लॉक प्रमुख रामखेलावन उर्फ छोटे, विभु बाजपेयी, रजनीश श्रीवास्तव, धर्मपाल राज, शैलेश, मुन्नी और सलाहपुर के प्रधान रमेश कुमार शामिल हैं.
आरोप लगाया गया है कि चुनाव के दिन ब्लॉक परिसर में सरेआम गाली-गलौज, हंगामा और जान से मारने की धमकियां दी गईं. मितौली थानेदार दिलीप चौबे ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और इस पूरे केस की जांच उपनिरीक्षक (SI) असीत कुमार यादव को सौंपी गई है. पुलिस साक्ष्यों और वीडियो फुटेज के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है.