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Kishanganj News: भारत-नेपाल सीमा से सटे किशनगंज जिले से बड़ी खबर सामने आई है. ठाकुरगंज थाना क्षेत्र के भंकरद्वारी गांव के रहने वाले एक व्यक्ति को मुंबई एंटी टेररिज्म स्क्वॉड ने गिरफ्तार किया है. उस पर प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से कथित संबंध रखने का आरोप है. पूरी खबर विस्तार से आगे पढ़िए.
किशनगंज के युवक सन अबू सरमद अख्तर को मुंबई ATS ने गिरफ्तार किया
किशनगंज. बिहार में भारत-नेपाल सीमा से सटे बिहार के किशनगंज जिले के ठाकुरगंज थाना क्षेत्र के भंकरद्वारी गांव के मोहम्मद हसन अबू सरमद अख्तर को मुंबई एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) ने गिरफ्तार किया है. उस पर प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से कथित संबंध रखने का आरोप है. सूत्रों के अनुसार, आरोपी के मोबाइल फोन से जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ी सामग्री और संगठन के संस्थापक मसूद अजहर के ऑडियो क्लिप मिलने की बात सामने आई है. फिलहाल मुंबई एटीएस (Mumbai ATS) आरोपी के सोशल मीडिया अकाउंट और टेलीग्राम समूह से जुड़ी गतिविधियों की जांच कर रही है.
दस वर्षों से मुंबई में रह रहा था आरोपी
33 साल के आरोपी मोहम्मद हसन अबू सरमद अख्तर की भाभी आफरीन जहां ने बताया कि हसन अबू सरमद अख्तर पिछले करीब दस वर्षों से मुंबई में रह रहा था. वहां वह माहिम इलाके में परफ्यूम और इत्र बेचने के साथ रैपिडो बाइक टैक्सी चलाने का काम भी करता था. करीब दो साल पहले वह गांव आया था. वह कभी-कभी परिवार को पैसे भी भेजता था.
छह भाई और तीन बहनें हैं आरोपी
आफरीन जहां ने बताया कि आरोपी छह भाई और तीन बहनें हैं. तीन भाई दिल्ली में रहकर ठेकेदारी का काम करते हैं, जबकि एक भाई गांव में ही रहता है. आरोपी के पिता किसान हैं और इलाज के सिलसिले में दिल्ली गए हुए हैं. गांव में उसकी मां और भाभी रहती हैं. जानकारी के अनुसार, आरोपी ने हिफ्ज-ए-कुरान की पढ़ाई भी की है.
परिजनों ने आरोपों को गलत बताया
आरोपी के परिजनों ने उस पर लगे आरोपों को गलत बताया है. उन्होंने उसे साजिश के तहत फंसाए जाने की आशंका जताई है. आरोपी के भाई शबीह अनवर ने बताया कि हसन मुंबई में अपना कारोबार करता था और इत्र बेचने का काम करता था.
सोशल मीडिया और टेलीग्राम गतिविधियों की जांच
मुंबई ATS की कालाचौकी यूनिट मामले की जांच कर रही है. जांच एजेंसी आरोपी के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट और टेलीग्राम समूह से जुड़ी गतिविधियों की पड़ताल कर रही है. एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी के कथित संपर्क किन लोगों से थे और सोशल मीडिया पर साझा की गई सामग्री का क्या उद्देश्य था. साथ ही, किसी संदिग्ध नेटवर्क से उसके संपर्कों की भी जांच की जा रही है.