छपरा के किसान ने उगाई काला नमक बासमती वैरायटी, यूट्यूब से मिला आइडिया
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छपरा के किसान संजीव कुमार ने अनोखी खेती का कमाल दिखाया है. उन्होंने यूट्यूब से आइडिया लेकर 3 कट्ठा खेत में काले नमक बासमती वैरायटी के धान की सफल खेती की है. 140 दिन में तैयार इस खुशबूदार और स्वादिष्ट धान की बंपर पैदावार देखने के लिए दूर-दूर से लोग पहुंच रहे हैं.
सारण: छपरा के किसान अब खेती-किसानी में नए-नए प्रयोग कर रहे हैं. वे पारंपरिक फसलों को छोड़कर उन्नत खेती की तरफ तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं. इससे उन्हें कम खर्च में अधिक मुनाफा कमाने का मौका मिल रहा है. इसी कड़ी में छपरा में पहली बार एक किसान ने काले धान की सफल खेती करके नया इतिहास रच दिया है.
गरखा प्रखंड के किसान ने किया अनोखा प्रयोग
सारण जिले के गरखा प्रखंड के तहत आने वाले बभनैया गांव के रहने वाले संजीव कुमार खेती में नए प्रयोग करने के लिए जाने जाते हैं. इस बार उन्होंने अपने खेतों में ट्रायल के तौर पर काले धान की खेती की है. उनका यह अनोखा प्रयोग अब पूरे क्षेत्र में आकर्षण का बड़ा केंद्र बन गया है.
आसपास के अन्य खेतों में जहां पारंपरिक रंगों वाली धान की बालियां नजर आ रही हैं, वहीं संजीव कुमार के खेत की तस्वीर बिल्कुल अलग है. उनके खेत में धान की बालियां काले रंग की हैं. इन बालियों से एक बहुत ही भीनी-भीनी और सौंधी खुशबू भी आ रही है.
यूट्यूब से मिली प्रेरणा
किसान संजीव कुमार ने बताया कि उन्हें इस खास और अनोखे धान के बारे में यूट्यूब पर एक वीडियो देखकर जानकारी मिली थी. वीडियो देखने के बाद उनकी इसमें रुचि जगी. इसके बाद उन्होंने कृषि वैज्ञानिकों से संपर्क किया और उनसे जरूरी सलाह ली. वैज्ञानिकों से हरी झंडी मिलने के बाद उन्होंने बाजार से बीज मंगवाए.
शुरुआत में उन्होंने अपने खेत के केवल 3 कट्ठा हिस्से में इस काले धान का ट्रायल किया. उनका यह ट्रायल पूरी तरह से सफल साबित हुआ है.
140 दिन में तैयार होती है यह खास फसल
संजीव कुमार के मुताबिक, यह काला नमक बासमती वैरायटी का धान है. इस धान की फसल को पककर तैयार होने में लगभग 140 दिन का समय लगता है. उनके खेत में इस धान का फलन बहुत ही शानदार हुआ है. इस धान की बालियां काफी लंबी हैं और उनसे बेहतरीन खुशबू भी महक रही है.
इस काले धान का चावल बेहद स्वादिष्ट और खुशबूदार होता है. सेहत के लिहाज से भी इसे काफी फायदेमंद माना जाता है.
अगले साल बड़े पैमाने पर होगी खेती
फिलहाल किसान संजीव कुमार ने इसे केवल खाने के उद्देश्य से ही अपने खेत में लगाया था. लेकिन, इस ट्रायल का रिजल्ट उनकी उम्मीद से कहीं ज्यादा बेहतर रहा है. परिणाम इतने शानदार आए हैं कि किसान ने अब अगले साल से इस काले धान की खेती बड़े पैमाने पर करने का मन बना लिया है.
छपरा में इस अनोखे काले धान की बंपर पैदावार को देखने के लिए दूर-दूर से लोग उनके खेत तक पहुंच रहे हैं. क्षेत्र के बाकी किसान भी इस नई तकनीक और बंपर पैदावार को देखकर काफी प्रेरित हो रहे हैं.