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Bihar Road Projects : बिहार के लिए केंद्र सरकार से बड़ी खुशखबरी आई है. सड़क कनेक्टविटी को नई रफ्तार देने के लिए केंद्र ने बिहार की 5 बड़ी सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है. इन प्रोजेक्ट्स के पूरा होने से न सिर्फ राज्य का सड़क नेटवर्क मजबूत होगा, बल्कि अयोध्या से जनकपुर तक की धार्मिक और सांस्कृतिक कनेक्टविटी भी और बेहतर हो जाएगी. पूरी खबर विस्तार से आगे पढ़िए.
बिहार को नरेंद्र मोदी सरकार की बड़ी सौगात, 5 सड़क परियोजनाओं को मंजूरी
पटना. बिहार में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. राज्य में पांच प्रमुख सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है. इनके तहत अलग-अलग इलाकों में सड़कों की फोरलेनिंग और चौड़ीकरण किया जाएगा. इन परियोजनाओं से बिहार के भीतर आवागमन आसान होने के साथ अयोध्या और जनकपुर जैसे धार्मिक स्थलों तक पहुंच भी बेहतर होगी. जानकारी के मुताबिक, सभी परियोजनाएं वित्त वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना में शामिल हैं और कुल मिलाकर इन 5 परियोजनाओं पर 16 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश होगा.
केंद्र सरकार की ओर से मंजूर परियोजनाओं में मशरख-चकिया-भिट्ठा मोड़, अरवल-बिहारशरीफ, नौबतपुर-हरिहरगंज, बरियापुर-बिशुनपुर-जमुई और छपवा-बेतिया सड़क शामिल हैं. इन सड़कों के निर्माण और चौड़ीकरण से राज्य के विभिन्न क्षेत्रों के बीच संपर्क मजबूत होगा. इससे लोगों को बेहतर सड़क सुविधा मिलने के साथ व्यापार और परिवहन को भी गति मिलने की उम्मीद है.
अयोध्या और जनकपुर की कनेक्टिविटी होगी बेहतर
केंद्र ने जिन योजनाओं को मंजूरी दी है इनमें पहली बड़ी परियोजना मशरख-चकिया-भिट्ठा मोड़ सड़क परियोजना है. इस पर करीब 8,500 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की योजना है. लगभग 146 किलोमीटर लंबी इस सड़क के निर्माण से अयोध्या और जनकपुर के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है. इससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ दोनों क्षेत्रों के बीच आवागमन भी आसान होगा.
इन 4 परियोजनाओं को भी मिली मंजूरी
- दूसरी बड़ी परियोजना अरवल से बिहार शरीफ तक है. 89 किलोमीटर लंबी इस सड़क को फोरलेन बनाया जाएगा, जिस पर 3300 करोड़ रुपये खर्च होंगे. इससे मध्य बिहार और नालंदा क्षेत्र की कनेक्टविटी बेहतर होगी.
- तीसरी परियोजना नौबतपुर से हरिहरगंज तक 88 किलोमीटर की है. इस पर करीब 2500 करोड़ रुपये खर्च होंगे. यह सड़क पटना को औरंगाबाद और झारखंड सीमा से जोड़ेगी.
- चौथी परियोजना बरियापुर से बिशुनपुर-जमुई तक सड़क चौड़ीकरण की है, जिससे मुंगेर और जमुई के लोगों को जाम से राहत मिलेगी.
- पांचवी परियोजना छपवा से बेतिया के बीच 40 किलोमीटर सड़क की फोरलेनिंग की है. इस पर 1700 करोड़ रुपये खर्च होंगे. इससे चंपारण का संपर्क बेहतर होगा.
अरवल से बिहारशरीफ तक बनेगी फोरलेन सड़क
अरवल से बिहारशरीफ तक करीब 89 किलोमीटर लंबी सड़क को फोरलेन बनाने की मंजूरी दी गई है. इस परियोजना पर लगभग 3,300 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. सड़क के चौड़ीकरण से पटना, अरवल और बिहारशरीफ के बीच आवागमन को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी. इसके अतिरिक्त नौबतपुर से हरिहरगंज तक करीब 88 किलोमीटर लंबी सड़क परियोजना को भी मंजूरी मिली है. इस पर लगभग 2,500 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की योजना है. इससे दक्षिण बिहार के विभिन्न इलाकों के बीच सड़क संपर्क मजबूत होगा.
छपवा-बेतिया सड़क की भी होगी फोरलेनिंग
छपवा से बेतिया के बीच करीब 40 किलोमीटर लंबी सड़क को फोरलेन बनाने की योजना है. इस परियोजना पर लगभग 1,700 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. वहीं, बरियापुर से बिशुनपुर-जमुई तक सड़क चौड़ीकरण की परियोजना को भी मंजूरी दी गई है.
मजबूत होगा बिहार का सड़क नेटवर्क
इन पांचों परियोजनाओं के पूरा होने से बिहार के सड़क नेटवर्क को मजबूती मिलेगी. बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से लोगों के समय की बचत होगी और माल ढुलाई आसान होगी. इसके साथ ही क्षेत्रीय व्यापार, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. राज्य के अलग-अलग हिस्सों के बीच बेहतर संपर्क से विकास की रफ्तार तेज करने में मदद मिलेगी.