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Mysterious objects spotted over us Military Bases: दुनिया के सबसे ताकतवर देश के सैन्य बेस के आसपास अगर कोई परिंदा भी पर मारता है, तो उसकी जांच शुरू हो जाती है. इस बार तो यहां ट्राएंगल शेप की एक काली परछाईं दिखी, जो काफी स्पीड में जा रही थी. फिर क्या था, इस रहस्य के पीछे सिक्योरिटी एजेंसीज हाथ धोकर पड़ी हुई हैं कि आखिर ये था क्या?
अमेरिकी सैन्य बेस के ऊपर मंडराए थे रहस्यमयी ऑब्जेक्ट. (क्रेडिट- यूएस गवर्नमेंट)
Mysterious objects above Military Bases: अमेरिका वो देश है, जो अपनी सेना, सिक्योरिटी और इंटेलिजेंस को लेकर काफी गंभीर है, तभी तो अगर उनके गुप्त सैन्य ठिकानों के ऊपर उड़ती रहस्यमयी काली और तिकोनी वस्तुओं ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है. अमेरिकी सरकार की ओर से हाल ही में पब्लिक किए गए गोपनीय दस्तावेजों में इन अज्ञात वस्तुओं के बारे में चौंकाने वाले विवरण सामने आए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक पिछले एक साल में कम से कम तीन बार ऐसी वस्तुएं देखे जाने की जानकारी दर्ज की गई है, ऐसे में मामला और भी ज्यादा गंभीर हो जाता है.
हैरानी की बात ये है कि सुपरपावर अमेरिका ने इसकी पहचान और उत्पत्ति की जानकारी अभी हासिल नहीं की है. 23 अक्टूबर को जारी हुए दस्तावेजों में हवाई घटनाओं के ऐसे रिकॉर्ड में शामिल है, जिनके बारे में ज्यादा पता नहीं है. इन घटनाओं की तारीख और सटीक स्थान सुरक्षा कारणों से सार्वजनिक नहीं किए गए. दस्तावेजों के मुताबिक एक रहस्यमयी वस्तु ऐसे पहाड़ी इलाके के ऊपर दिखाई दी, जहां अमेरिकी सरकार एडवांस तकनीक का परीक्षण करती है.
1800 मील प्रति घंटा की रफ्तार वाला ऑब्जेक्ट
इसके साथ काली तिकोनी आकृतियों के रेखाचित्र भी जारी किए गए, लेकिन घटनाओं की वास्तविक तस्वीरें सार्वजनिक नहीं की गईं. एफबीआई की रिपोर्ट में दर्ज जानकारी के मुताबिक प्रत्यक्षदर्शियों ने अनुमान लगाया कि एक वस्तु ने केवल तीन सेकंड में करीब 1.5 मील की दूरी तय की. इसकी रफ्तार लगभग 1800 मील प्रति घंटा आंकी गई. गवाहों ने इसकी गति की तुलना लड़ाकू विमान से की. रिपोर्ट में इन वस्तुओं का आकार भी असामान्य बताया गया है. इनके पंखों का फैलाव करीब 9 से 15 फीट था, जबकि गहराई 6 से 9 फीट और मोटाई 1 से 2 फीट के बीच बताई गई.
न आवाज, न धुआं, क्या था ये?
- इन वस्तुओं को देखने वाले लोगों के मुताबिक, उड़ान के दौरान कोई आवाज सुनाई नहीं दी. इनसे निकलने वाला धुआं या कोई स्पष्ट निकास भी दिखाई नहीं दिया. थर्मल उपकरणों से जांच के दौरान इनका तापमान लगातार एक जैसा रहा. इंजन की आवाज या अतिरिक्त गर्मी का दर्ज नहीं की गई.
- अमेरिकी रक्षा विभाग की जानकारी में इनके बाहरी हिस्से को बिना जोड़ और बिना किसी स्पष्ट बनावट वाला बताया गया. इनमें इंजन के निकास द्वार, हवा खींचने वाले छेद, दिशा नियंत्रित करने वाली सतह या कॉकपिट जैसी कोई चीज दिखाई नहीं दी. रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि दो प्रमुख गवाहों ने सिरदर्द, उल्टी जैसा महसूस होने, याददाश्त खोने या असामान्य संवेदनाओं की शिकायत नहीं की.
यूएफओ या लड़ाकू विमान या फिर कोई ड्रोन? (क्रेडिट- यूएस गवर्नमेंट)
आखिर कहां से आईं ये रहस्यमयी परछाईं?
- इन घटनाओं ने इसलिए चिंता बढ़ाई है, क्योंकि वस्तुएं संवेदनशील सैन्य क्षेत्रों के ऊपर देखी गईं. अधिकारियों ने अमेरिकी तकनीक होने की संभावना खारिज की है, लेकिन उपलब्ध दस्तावेज यह साबित नहीं करते कि ये वस्तुएं आखिर किसकी थीं.
- किसी दूसरे देश की तकनीक होने का सवाल भी अनुत्तरित है. 23 अक्टूबर को जारी दस्तावेज इस अभियान के तहत सार्वजनिक किया गया सातवां रिकॉर्ड समूह था.
- अधिकारियों ने संकेत दिया है कि आगे और दस्तावेज जारी हो सकते हैं. हालांकि अब तक सामने आई जानकारी से इन वस्तुओं की असली पहचान का कोई निर्णायक प्रमाण नहीं मिला है.