Jio IPO : जियो आईपीओ ने शेयर बाजार में किया महा-धमाका, बना डाले 7 रिकॉर्ड

Jio IPO : जियो आईपीओ ने शेयर बाजार में किया महा-धमाका, बना डाले 7 रिकॉर्ड


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Jio IPO Records : जियो प्लेटफॉर्म्स (Jio Platforms) के आईपीओ ने भारतीय शेयर बाजार में धूम मचा दी है. तीन दिनों के भीतर इस इश्यू ने पुराने सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए. देश ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के बड़े फंड हाउस और आम खुदरा निवेशक जियो आईपीओ पर टूट पड़े. आवेदन के मामले में जियो के आईपीओ ने विश्व रिकॉर्ड बना दिया और कुल 1.38 करोड़ अप्लीकेशन प्राप्त किए हैं. जियो प्लेटफॉर्म 28 अक्टूबर को शेयर बाजार के दोनों एक्सचेंज पर लिस्ट होगी.

जियो आईपीओ कुल 22.19 गुना सब्सक्राइब होकर बंद हुआ. कंपनी ने बाजार में 19.75 करोड़ शेयर बिक्री के लिए पेश किए थे, लेकिन उनके मुकाबले निवेशकों ने 438 करोड़ से भी अधिक शेयरों के लिए बोलियां ठोक दीं. खासकर बड़े संस्थागत निवेशकों (QIBs) ने तो मानो खजाना ही खोल दिया और उनका कोटा रिकॉर्ड 70.55 गुना भर गया. गैर-संस्थागत निवेशकों (NIIs) ने अपने हिस्से को 14 गुना और रिटेल व्यक्तिगत निवेशकों ने इसे 2.72 गुना भरकर साबित कर दिया कि ब्रांड जियो की धमक आज किस मुकाम पर है.

जियो ने जो पहला बड़ा कीर्तिमान स्थापित किया, वह पब्लिक सब्सक्रिप्शन में लगी कुल बोलियों की ऐतिहासिक रकम से जुड़ा है. एंकर बुक को मिलाकर जियो के इस आईपीओ के लिए कुल मांग 7.4 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई. केवल पब्लिक सब्सक्रिप्शन के जरिए ही कंपनी को 4.9 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की बोलियां मिलीं, जिसने पिछले साल के एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया.

जियो ने दुनिया भर के स्टॉक एक्सचेंजों को पीछे छोड़ दिया. जियो प्लेटफॉर्म्स विश्व के वित्तीय इतिहास में 10 मिलियन यानी एक करोड़ से ज्यादा व्यक्तिगत निवेशकों के आवेदन हासिल करने वाली पहली कंपनी बन गई है. इससे पहले यह विश्व रिकॉर्ड वारी एनर्जीज (Waaree Energies) के नाम दर्ज था. वारी एनर्जी को करीब 97.3 लाख आवेदन मिले थे. दुनिया के किसी भी कोने में आज तक किसी पब्लिक इश्यू को आम जनता से इतना जनसमर्थन नहीं मिला था, जितना जियो को मिला है.

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₹30,213 करोड़ के इश्यू साइज के साथ यह भारतीय कॉरपोरेट इतिहास का सबसे बड़ा इक्विटी आईपीओ बन गया है, जिसने हुंडई मोटर इंडिया (₹27,870 करोड़), एनएसई (₹22,561 करोड़) और एलआईसी (₹21,008 करोड़) को पीछे छोड़ दिया. इसके साथ ही, यह पूरी तरह से फ्रेश इश्यू पर आधारित भारत का सबसे बड़ा पब्लिक ऑफर साबित हुआ. मूल कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज या मेटा और गूगल जैसे दिग्गज निवेशकों ने अपना एक भी शेयर नहीं बेचा, जिससे जुटाया गया सारा पैसा सीधे कंपनी के विस्तार में लगेगा.

पांचवें रिकॉर्ड ने इस आईपीओ की तूफानी रफ्तार को पूरी दुनिया के सामने साबित कर दिया. आमतौर पर 15,000 करोड़ रुपये से बड़े मेगा आईपीओ को पूरी तरह सब्सक्राइब होने में कम से कम दो से तीन दिनों का वक्त लग जाता है, लेकिन जियो ने पहले ही दिन सिर्फ 100 मिनट के भीतर 100% सब्सक्रिप्शन हासिल कर लिया.

छठा कीर्तिमान सिस्टम के स्तर पर बना, जब आवेदनों की बेकाबू भीड़ को संभालने के लिए स्टॉक एक्सचेंजों को अपने पुराने नियम बदलने पड़े. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने इतिहास में पहली बार किसी आईपीओ के लिए रोजाना बोली लगाने की समय-सीमा बढ़ा दी. आम तौर पर आईपीओ में बिडिंग सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चलती है, लेकिन जियो के लिए यह खिड़की सुबह 9 बजे खोलकर शाम 7 बजे तक चालू रखी गई.

सातवां और सबसे दमदार मुकाम कंपनी के वैल्यूएशन से जुड़ा है, जो लिस्टिंग के दिन शेयर बाजार में नया इतिहास रचेगा. 1,119 रुपये प्रति शेयर के अपर प्राइस बैंड के हिसाब से जियो प्लेटफॉर्म्स का मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब 10.3 लाख करोड़ रुपये आंका गया है. यह भारत में किसी भी नई लिस्ट होने वाली कंपनी का अब तक का सबसे बड़ा शुरुआती बाजार मूल्यांकन है.

कुल मिलाकर जियो प्लेटफॉर्म्स के इस पब्लिक इश्यू ने केवल पूंजी ही नहीं जुटाई, बल्कि भारतीय रिटेल निवेशकों की ताकत का डंका पूरी दुनिया में बजा दिया है. इन सात ऐतिहासिक मुकामों ने साबित कर दिया है कि रिलायंस का डिजिटल विजन देश के कोने-कोने में किस कदर अपनी जड़ें जमा चुका है. अब हर किसी की निगाहें लिस्टिंग के दिन पर टिकी हैं.

(डिस्क्लेमर – नेटवर्क18 और टीवी18 कंपनियां चैनल/वेबसाइट का संचालन करती हैं, जिनका नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज एकमात्र लाभार्थी है.)

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