Hathras 8.2 Kilometer New Bypass: हाथरस में जाम की समस्या से निपटने के लिए नए बाईपास का निर्माण होगा. इसके बनने से करीब 16 लाख की आबादी को जाम से निजात मिलेगी. इसके अलावा, दूसरे शहरों में जाने आले वाहन शहर में प्रवेश नहीं करेंगे. ऐसे में शहर के ट्रैफिक व्यवस्था भी बदल जाएगी.बताया गया कि यह बाईपास 8.2 किलोमीटर लंबा होगा. यह नगला भुस-मीतई तिराहे से पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग-530बी तक प्रस्तावित है.
जानकारी के मुताबिक, इस बाईपास को बनाने में करीब 145.13 करोड़ रुपये खर्च होंगे. इस मार्ग के बनने से 300 से अधिक पंचायत को प्रमुख सड़कों और राष्ट्रीय राजमार्गों तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी. डीएम सत्यप्रकाश पटेल ने परियोजना की समीक्षा करते हुए प्रस्ताव से जुड़ी आपत्तियों का शीघ्र निस्तारण कर संशोधित प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश दिए.
बाईपास से एक्सप्रेसवे तक पहुंचना होगा आसान. (AI की मदद से तस्वीर बनाई गई है)
डीएम ने क्या कहा?
इधर, लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड के अधिकारियों के साथ बैठक में डीएम ने कहा कि बाईपास निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए सभी आवश्यक औपचारिकताएं जल्द पूरी की जाएं. लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता संजीव कुमार वर्मा ने बताया कि प्रस्तावित बाईपास की चौड़ाई सात मीटर होगी. तकनीकी मानकों और यातायात संबंधी आंकड़ों के आधार पर इसकी डिजाइन तैयार की गई है.
इन गांव को सबसे अधिक होगा फायदा
बाईपास बनने से सबसे अधिक से बोझिया, सोखना, रूहेरी, मीतई, कलवारी, पापरी, कटैलिया, पैकवाड़ा, कुम्हरई, गढ़ी जैनी, तिपरस, गढ़ी गिरधरा, तरफरा, ढकपुरा और दादनपुर को फायदा होगा. इन गांव के लोगों को बाईपास के माध्यम से प्रमुख मार्गों तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी तथा क्षेत्रीय सड़क संपर्क को मजबूती मिलेगी. इसके अलावा, इन गांव के लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे. साथ ही, रोजाना सफ़र करने वाले वाहन चालक बिना शहर में प्रवेश किए अपने मंजिल तक पहुंचेंगे.
हाथरस बाइपास 145 करोड़ की लागत से बनाया जा रहा है. (AI की मदद से तस्वीर बनाई गई है)
बाईपास से जुड़ेंगे यह हाईवे
जानकारी के मुताबिक, इस बाईपास से राष्ट्रीय राजमार्ग-530बी एवं राष्ट्रीय राजमार्ग-509 मुख्य तौर से जुड़ेंगे. इसके अलावा, वाहनपुर-कंचना फाटक से मथुरा सीमा तक पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग-530बी के आंतरिक भाग, हाथरस-जलेसर मार्ग, एनएच-93 से कलवारी होते हुए हाथरस-जलेसर मार्ग तथा चंद्रगढ़ी-पापरी-गढ़ी जैनी मार्ग समेत अन्य कई प्रमुख मार्ग भी जुड़ने की संभावना है. स्थानीय लोगों का कहना है कि बाईपास बनने से बिना वक्त गंवाए लोग एक शहर से दूसरे शहर पहुंच सकेंगे. समय में बचत होगी. इसके अलावा, ईंधन भी बचेगा.