गयाजी/पटना. बिहार के गयाजी में 24 अक्टूबर को 1700 एकड़ में विकसित हो रही बिहार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी गया लिमिटेड यानी BIMCGL का मेगा लॉन्च किया गया. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस मेगा प्रोजेक्ट का शुभारंभ किया. इस दौरान देशभर के निवेशकों के साथ निवेश और उद्योग स्थापना को लेकर चर्चा हुई. सरकार का लक्ष्य इस प्रोजेक्ट के जरिए बिहार में बड़े पैमाने पर औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देना है. वहीं इस मौके पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य को उद्योग और निवेश के लिए तैयार करने को लेकर बड़ा ऐलान किया है.
सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में उद्योग लगाने के लिए आवेदन करने वाले निवेशकों को 30 दिनों के अंदर जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. अगर तय समय में सुविधाएं नहीं मिलती हैं तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी. सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार अब अपने पुराने गौरव को हासिल करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और राज्य में बड़े पैमाने पर निवेश का माहौल तैयार किया जा रहा है. वहीं इस मौके पर उद्योग विभाग की मंत्री श्रेयसी सिंह ने बताया कि इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी में औद्योगिक भूखंडों के लिए आवेदन प्रक्रिया 24 अक्टूबर से शुरू हो गई है. परियोजना को बिहार में नए औद्योगिक हब के तौर पर विकसित किया जा रहा है.
30 दिन के अंदर मिलेगी सुविधा नहीं तो अफसरों पर कार्रवाई: सीएम
सम्राट चौधरी ने उद्योगपतियों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि अगर किसी ने उद्योग लगाने के लिए आवेदन किया है तो 30 दिन के अंदर उसे वे सभी सुविधाएं मिलनी चाहिए, जिनकी जरूरत है. उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर ऐसा नहीं होता है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई तय है. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की इच्छा है कि उद्योगपति PPP मॉडल के तहत बिहार में काम करें. राज्य को इंडस्ट्री के लिए तैयार करने के साथ विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की जरूरत है.
4,092 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त: CM
सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए भी बिहार में औद्योगिक विकास को लेकर अपनी सरकार का विजन साझा किया. सम्राट चौधरी ने X पर लिखा, ‘बिहार है तैयार… औद्योगिक विकास को मिलेगी नई रफ्तार.’ मुख्यमंत्री ने बोधगया में BIMCGL एवं बिहार बिजनेस कनेक्ट-2027 के कर्टेन रेजर समारोह के शुभारंभ का जिक्र करते हुए बताया कि इस मौके पर 4,092 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं. उन्होंने कहा कि इन निवेश प्रस्तावों से बिहार के विकास को नई रफ्तार मिलेगी. सीएम ने निवेश का विश्वास, उद्योगों का विस्तार और युवाओं के लिए रोजगार को समृद्ध बिहार एवं विकसित भारत के संकल्प से जोड़ा.
बिहार में बन रहे छह स्टील प्लांट: सीएम
सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में लगातार निवेशक आ रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि राज्य में छह स्टील प्लांट बन रहे हैं और उद्योगपति चाहते हैं कि बिहार स्टील हब के रूप में विकसित हो. उन्होंने कहा कि इसी दिशा में लगातार काम किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि उद्योगों के लिए जमीन अधिग्रहण का काम चल रहा है और जनवरी तक बड़े पैमाने पर जमीन उपलब्ध रहेगी. इसके साथ ही बिजली सेक्टर में भी बड़े स्तर पर निवेश हो रहा है.
पांच साल में 20 हजार MW बिजली की तैयारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले पांच वर्षों में इंडस्ट्री की जरूरतों को पूरा करने के लिए 20 हजार मेगावाट बिजली का इंतजाम किया जाएगा. उनका कहना था कि उद्योगों के लिए जमीन, बिजली और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है. सम्राट चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री देश को विकसित बनाने के लिए लगातार काम कर रहे हैं और बिहार को भी विकसित बिहार बनाना है. उन्होंने कहा कि राज्य में सड़कों का जाल बिछ रहा है और तेजी से विकास हो रहा है.
बिहार में बनेंगी 12 टाउनशिप
सम्राट चौधरी ने बिहार में 12 टाउनशिप विकसित किए जाने की बात भी कही. उन्होंने खास तौर पर गया और बोधगया आने वाले विदेशी पर्यटकों और बौद्ध धर्मावलंबियों की जरूरतों के मुताबिक सुविधाएं विकसित करने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि अगर दुनिया के किसी देश से बौद्ध धर्मावलंबी गया जी और बोधगया आते हैं तो उनके मानकों और जरूरतों के अनुसार टाउनशिप विकसित की जानी चाहिए. अस्पताल, होटल और अन्य जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि विदेश से आने वाले लोग बिहार से जुड़ सकें.
फरवरी में होगा बड़ा इन्वेस्टर मीट
मुख्यमंत्री ने उद्योग विभाग को फरवरी में एक बड़े इन्वेस्टर मीट के आयोजन का निर्देश दिया है. इसमें देश-विदेश के निवेशकों को बिहार बुलाने की तैयारी होगी, ताकि राज्य में निवेश को बढ़ावा दिया जा सके. उन्होंने बिहार में NRI सेल खोलने की भी बात कही, ताकि विदेशों में रहने वाले बिहार के लोग और बिहार में निवेश की इच्छा रखने वाले लोग आसानी से राज्य से जुड़ सकें.
बाहर गए श्रमिकों को बिहार वापस लाने का लक्ष्य
सम्राट चौधरी ने कहा कि आने वाले पांच वर्षों में उन लोगों को बिहार वापस लाना सरकार का लक्ष्य है, जो रोजगार के लिए देश के दूसरे हिस्सों में श्रमिक के रूप में गए हैं. उन्होंने कहा कि कोशिश होगी कि ऐसे लोगों को बिहार में ही रोजगार उपलब्ध कराया जाए.
शाहाबाद में जल्द एयरपोर्ट की तैयारी
मुख्यमंत्री ने शाहाबाद क्षेत्र में एयरपोर्ट बनाए जाने की भी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि इसके लिए जमीन देखी जा रही है और जल्द ही इस दिशा में काम आगे बढ़ाया जाएगा. उन्होंने बिहार के विकास की संभावनाओं को लेकर मगध के DIG विकास वैभव की भी तारीफ की. सम्राट चौधरी ने कहा कि विकास वैभव लगातार देशभर में घूमकर लोगों से बिहार लौटने की अपील करते हैं. बिहार में ऐसी तमाम संभावनाएं हैं, जिनके जरिए राज्य को विकसित बनाया जा सकता है.
‘बिहार एक बार फिर पुराने गौरव को पाने की कोशिश में’
सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार ने कभी देश को स्वर्णिम काल दिया था और आज राज्य एक बार फिर उसी पुराने गौरव को हासिल करने की कोशिश में लगा है. उन्होंने कहा कि सरकार जनकल्याण के साथ-साथ उद्योग और निवेश को बढ़ावा देने के लिए काम कर रही है. उन्होंने कहा कि बिहार को अब उद्योगों के लिए तैयार करना है और आने वाले वर्षों में निवेश, रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए राज्य की तस्वीर बदलने की कोशिश की जा रही है.