सीवान पटाखा ब्लास्टः 26 साल पहले भी इसी घर में हुआ था धमाका, बेटे को खोने के बाद भी 40 साल बन रहे थे पटाखे

सीवान पटाखा ब्लास्टः 26 साल पहले भी इसी घर में हुआ था धमाका, बेटे को खोने के बाद भी 40 साल बन रहे थे पटाखे


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Siwan Firecracker Factory Blast: सीवान में पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट के बाद आलमापुर गांव में मातम पसरा हुआ है. छह लोगों की मौत हो चुकी है. जबकि अन्य लोग घायल हैं. इसी बीच गांव के रहने वाले लोगों ने बताया कि यहां 40 साल से पटाखा बनाने का काम चल रहा था. लगभग 26 साल पहले भी ब्लास्ट हुआ था, जिसमें परिवार ने अपना बेटा खो दिया था और एक अन्य शख्स की जान चली गई थी. बावजूद इसके पटाखे बनाने का काम जारी रहा.

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सीवान में पटाखा ब्लास्ट के बाद इलाका सील किया गया.

सीवानः पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट में जिस परिवार के सदस्यों की मौत हुई. उस फैमिली का पुराना जख्त फिर हरा हो गया. सीवान जिले के आलमापुर गांव में पटाखा विस्फोट ने छह लोगों की जान ले ली. जिस घर में यह धमाका हुआ, वहां करीब 26 साल पहले भी पटाखा विस्फोट होने की बात सामने आई है. स्थानीय लोगों ने बताया कि- उस हादसे में घर के मालिक अमीरुद्दीन मियां के बेटे की मौत हो गई थी और वह खुद भी घायल हुए थे. बावजूद इसके घर में पटाखे बनाने का काम बंद नहीं हुआ. दावा है कि यहां 40 साल से पटाखे बनाने का काम किया जाता है.

26 साल पहले भी इसी घर में हुआ था विस्फोट
स्थानीय लोगों के मुताबिक, अमीरुद्दीन मियां के घर में करीब 26 साल पहले भी पटाखा बनाते समय विस्फोट हुआ था. उस घटना में उनके बेटे अमुरात और बिहारी महतो की मौत होने की बात बताई जा रही है. अमीरुद्दीन मियां भी उस हादसे में घायल हुए थे. ग्रामीणों का दावा है कि पुराने हादसे के बाद भी पटाखे बनाने का काम जारी रहा. फिलहाल मामले की जांच की जा रही है. जिसमें यह साफ होना जरूरी है कि घर में पटाखा निर्माण के लिए लाइसेंस था या नहीं. लंबे समय से चल रहे इस काम को लेकर संबंधित विभागों को जानकारी थी या नहीं.

पटाखा विस्फोट में छह लोगों की मौत
इस बार हुए धमाके में अब तक छह लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है. मृतकों में 72 वर्षीय अमीरुद्दीन मियां, उनकी पोती और आजाद मियां की बेटी 22 वर्षीय मुस्कान खातून, 20 वर्षीय सिमरन खातून और 18 वर्षीय इशरत खातून शामिल हैं. इसके अलावा फिरोज आलम के सात वर्षीय बेटे और पटाखा बनाने के काम में लगे सदरपुर गांव के मजदूर भोला की भी मौत हुई है. हादसे में एक ही परिवार के कई सदस्यों की मौत से गांव में मातम पसरा है. घटना के बाद स्थानीय लोगों में शोक के साथ-साथ पटाखा निर्माण की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं.

जेसीबी से हटाया जा रहा मलबा
विस्फोट के बाद मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया. घटनास्थल पर प्रशासन और पुलिस की टीमें मौजूद हैं. जेसीबी की मदद से मलबा हटाया जा रहा है, ताकि विस्फोट से जुड़ी सामग्री और अन्य साक्ष्य जुटाए जा सकें. जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि धमाका किन परिस्थितियों में हुआ और मकान में किस तरह पटाखे बनाए जा रहे थे. इस मामले में पटाखा निर्माण के लाइसेंस, सुरक्षा मानकों और संभावित लापरवाही की भी जांच जरूरी है.



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