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नकली सिक्कों और नोट का कारोबार तमाम गिरोहों के पकड़े जाने के बाद भी जारी है. इस अवैध और असंवैधानिक धंधे में शामिल लोग करोड़ों नकली रुपये बाजार में खपा देते हैं. इससे वह अपने नकली पैसे को असली बना लेते हैं. पुलिस ने मधुबनी से एक ऐसे आरोपी को पकड़ा है जो यूपी से लेकर पंजाब तक की बाजार में 70 करोड़ रुपये के नकली सिक्के चलाने वाले गिरोह का सदस्य है.
मधुबनी: बिहार के मधुबनी बाजार से नकली सिक्के बनाने और चलाने वाले गिरोह का सदस्य पकड़ा गया है. इस गिरोह पर पंजाब से लेकर उत्तर प्रदेश में 70 करोड़ के नकली सिक्के खपाने का आरोप है. गिरोह का एक सदस्य को पुलिस मधुबनी के राजनगर से गिरफ्तार करने में सफल रही है. पुलिस ने राजनगर थाना क्षेत्र के लड्डूगामा से मिथिलेश चौरसिया को गिरफ्तार किया है. इसके साथ ही इसके भाई संतोष चौरसिया की तलाश भी जारी है. इस गिरोह के कई अन्य लोगों की भी पुलिस को तलाश है.
मिथिलेश चौरसिया नाम के जिस आरोपी को गिरफ्तार किया है उस पर ऐसे गिरोह से जुड़े होने का आरोप है जो बाजार में नकली सिक्के खपाने का काम करता है. माना जा रहा है कि मिथिलेश चौरसिया नाम के इस आरोपी से पूछताछ कर पुलिस अहम जानकारी जुटा सकती है.
यह मामला इतना गंभीर है कि जब एक गिरोह बाजार में 70 करोड़ के नकली सिक्के बाजार में खपा सकता है तो कितने ऐसे गिरोह होंगे जिनकी अभी तक पुलिस को भनक नहीं होगी. इस गिरोह में गिरफ्तार किए गए मिथिलेश चौरसिया के भाई संतोष चौरसिया सहित गिरोह का सरगना उपकार लूथरा उर्फ अभय प्रताप सिंह, हिमांशु उर्फ गुल्लू, कुलदीप और अनुराग पाल उर्फ लंकेश सहित कुल 5 लोग और हैं जिनकी तलाश पुलिस को है.
पुलिस को मिथिलेश की लोकेशन मिल रही थी कि वह मधुबनी में छिपा है. लगातार इसी इलाके में छिपे होने की गुप्त सूचना पर पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू की. इसी छापेमारी के दौरान पुलिस की टीम अपनी सूचना के आधार पर लड्डूगांव पहुंचकर मिथिलेश चौरसिया को गिरफ्तार कर लिया. आरोपियों के पास से लाखों रुपये के 20-20 के नकली सिक्के मिले हैं. इसके साथ ही 5 लाख रुपये के अधूरे बने सिक्के मिले हैं. उनके पास से 500-500 रुपये की नोट, सिक्के तैयार करने वाली मशीनें आदि सामान बरामद हुए हैं.