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मध्य प्रदेश के देवास जिले में कथित जहरीली शराब से हुई मौतों का मामला जोर पकड़ रहा है. शनिवार को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और वरिष्ठ कांग्रेस नेता अरुण यादव प्रभावित परिवारों से मिलने पहुंचे. यहां उन्होंने पीड़ितों से बातचीत कर प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए. कांग्रेस नेताओं ने शराब माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है.
जीतू पटवारी ने देवास शराब कांड पर अफसरों पर उतारा गुस्सा
Jitu Patwari: मध्य प्रदेश के देवास जिले में 20 दिनों के भीतर 13 लोगों की मौत का सामने आया है. अब इस मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है. इसके लेकर जीतू पटवारी ने सरकार पर हमला बोला है. देवास जिले के चंदाना और बिंजाना गांव में हुई इन मौतों को लेकर ग्रामीण और परिजन जहरीली शराब को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं. दूसरी तरफ जिला प्रशासन गांव वालों के तर्क को खारिज कर रहा है और इन मौतों को जबकि जिला प्रशासन इस दावे को सिरे से खारिज कर रहा है और कहा कि ग्रामीणों की मौत बीमारी की वजह से हुई है.
अधिकारियों को लेकर क्या बोले जीतू पटवारी?
जीतू पटवारी ने कहा ने कलेक्टर ऑफिस में अधिकारियों को कहा कि आप कह हो रहे कि हमने शराब की जांच करवाई है. वह पीने लायक है. तो चलो वो बोतल आपको पिला दूं. मैं लाया हूं वो शराब की बोतल जांच के लिए मेरी गाड़ी में रखी है. कैसी बात कर रहो आप. आप बिल्कुल मान ही नहीं रहे हो. प्रशासन ही गलत दिशा में जा रहा है. प्रशासन ही यह बात कह रहा था कि शराब से नहीं मरे हैं. प्रशासन का क्या काम है. उन्होंने मामले में प्रशासन की जवाबदेही तय करने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी भी दी.
कांग्रेस नेता अरुण यादव ने भी उठाए सवाल
कांग्रेस नेता अरुण यादव ने मौतों की संख्या और प्रशासन के बयानों को लेकर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि अगर पानी में किसी जहरीले तत्व की मौजूदगी मौतों की वजह बताई जा रही है, तो यह भी स्पष्ट किया जाना चाहिए कि शराब पीने वाले लोगों पर ही इसका असर क्यों दिखाई दिया. उन्होंने सरकार पर शराब माफियाओं को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव से प्रदेश में अवैध शराब के कारोबार पर लगाम लगाने की मांग की.
कांग्रेस नेता अरुण यादव ने आरोप लगाया कि प्रदेश में अवैध शराब का कारोबार राजनीतिक संरक्षण में फल-फूल रहा है. उन्होंने दावा किया कि शराब पीने के बाद कई लोगों की मौत हुई है, जबकि कुछ लोगों की आंखों की रोशनी भी प्रभावित हुई है.
कलेक्टर के ऑफिस पहुंचे पीड़ित परिवार
दूसरी ओर, पीड़ित परिवार अपनी शिकायत लेकर देवास कलेक्टर कार्यालय पहुंचे. कलेक्टर के अवकाश पर होने के कारण उन्होंने प्रभारी अधिकारी से मुलाकात कर अपनी बात रखी. नगर निगम आयुक्त दिलीप सिंह, जो कलेक्टर का प्रभार भी संभाल रहे हैं. उन्होंने बताया कि मृतकों के पोस्टमार्टम के बाद विसरा जांच के लिए भेजा गया है. रिपोर्ट आने के बाद ही मौतों के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा.