Last Updated:
Salt Turmeric Rice Vastu Direction: वास्तु शास्त्र के अनुसार किचन में नमक, हल्दी और चावल को सही दिशा में रखना बेहद शुभ माना जाता है. ध्यान रखें कि इन्हें कभी भी सीधे अपने हाथ से किसी को नहीं देना चाहिए, बल्कि इनका सही प्रकार से उपयोग करना चाहिए. ऐसा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और सुख-समृद्धि बनी रहती है. किचन से जुड़ी इन छोटी-छोटी वास्तु बातों का ध्यान रखकर आप जीवन में आ रही कई परेशानियों से बच सकते हैं.
Salt Turmeric Rice Vastu Direction: हिंदू परंपरा में किचन केवल भोजन बनाने का स्थान नहीं है, बल्कि यह देवी अन्नपूर्णा का निवास स्थान भी माना जाता है. किचन में हम प्रतिदिन जिन सामग्रियों और वस्तुओं का उपयोग करते हैं, उनमें विशेष दिव्य शक्तियां होती हैं, जो परिवार के सदस्यों को ऊर्जा देती हैं. वास्तु एक्सपर्ट प्रशांत बताते हैं कि नमक, हल्दी और चावल को विशेष रूप से महालक्ष्मी के रूप और आठ देवियों के प्रतीक के रूप में पूजा जाता है. प्राचीन काल से ही नए घर में प्रवेश करते समय इन तीन वस्तुओं को सबसे पहले घर में लाने की प्रथा रही है. प्रशांत कहते हैं कि अगर किचन में इन्हें रखने की दिशा, उपयोग किए जाने वाले बर्तनों और देखभाल के तरीकों में गलती हो जाती है तो कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. आइए वास्तु के माध्यम से जानते हैं किचन में नमक, हल्दी और चावल को कहां रखें…
समुद्र से प्राप्त नमक को देवी लक्ष्मी का अंश माना गया है. नमक में आसपास की नकारात्मक ऊर्जा को सोखने की अद्भुत शक्ति होती है. वास्तु अनुसार, किचन में नमकदान को हमेशा दक्षिण-पश्चिम या पश्चिम दिशा में रखना बहुत शुभ माना जाता है. नमक को किसी भी परिस्थिति में लोहे, इस्पात या प्लास्टिक के बर्तनों में नहीं रखना चाहिए, इससे राहु दोष बढ़ता है. नमक को केवल साफ कांच की बोतल या मिट्टी के बर्तन में ही रखना चाहिए.
सनातन धर्म में हल्दी को शुभ पदार्थ माना जाता है, जो बृहस्पति ग्रह और देवी लक्ष्मी का प्रतीक है. किचन में हल्दी रखने का पात्र उत्तर या उत्तरपूर्व दिशा में रखना चाहिए. इस दिशा में हल्दी रखने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. ध्यान रहे कि हल्दी का पात्र कभी भी पूरी तरह खाली नहीं होना चाहिए. जब उसमें थोड़ी हल्दी बची हो तो नई हल्दी भर देनी चाहिए. हल्दी को कांच की बोतलों या पीतल या तांबे के बर्तनों में रखने से घर में शुभ घटनाओं के शीघ्र संपन्न होने में भी सहायता मिलती है.
Add News18 as
Preferred Source on Google
चावल को अन्नपूर्णा देवी का प्रतीक माना जाता है और चंद्रमा से इसका संबंध माना जाता है. घर में लाए गए चावल के बोरे या बड़े ड्रम किचन के दक्षिण-पश्चिम या पश्चिम भाग में ही रखने चाहिए. चूंकि ये दिशाएं स्थिरता का संकेत देती हैं, इसलिए हमेशा गेहूं व चावल इसी दिशा में रखना चाहिए, जिससे धन-धान्य की कभी कमी नहीं होती है. हालांकि ध्यान रहे कि चावल के भंडारण पात्र को सीधे फर्श पर रखने के बजाय लकड़ी के तख्ते पर रखें. दैनिक खाना पकाने के लिए इस्तेमाल होने वाले छोटे चावल के बर्तन को पूर्व या उत्तर दिशा में रखा जा सकता है.
नमक, हल्दी और चावल के बर्तन किसी भी हालत में पूरी तरह खाली नहीं रखने चाहिए. बर्तनों के खाली होने से पहले ही नए बर्तन लाकर भर लेने चाहिए. वास्तु शास्त्र का कहना है कि इनका पूरी तरह खाली होना गरीबी का कारण होता है. चावल के बर्तन में हमेशा कम से कम दो या तीन मुट्ठी चावल जरूर होने चाहिए. इसी तरह, नमक के बर्तन में एक लौंग और हल्दी के बर्तन में एक छोटा चांदी का सिक्का या एक रुपये का सिक्का रखने से धन का आकर्षण बढ़ता है.
सूर्यास्त के बाद घर से नमक, हल्दी या चावल देना या दान करना शुभ नहीं माना जाता. बड़ों का मानना है कि अगर इन्हें उस समय दिया जाए तो देवी लक्ष्मी घर छोड़कर चली जाती हैं. अगर देना ही है तो दिन के समय दें. वास्तु में भी माना गया है कि शाम के समय चावल, हल्दी और नमक अगर आप किसी को देते हैं तो इसका अर्थ है कि आप अपने हाथों से सामने वाले को लक्ष्मी दे रहे हैं.
वास्तु के अनुसार, नमक, हल्दी और चावल को हमेशा चम्मच या करछी की मदद से ही बर्तन से निकालना चाहिए, कभी भी इन चीजों को हाथ से ना निकालें. अगर दैनिक उपयोग की इन तीन मुख्य वस्तुओं को पवित्र मानकर सही दिशाओं में व्यवस्थित रूप से रखा जाए, तो परिवार में शांति और सद्भाव बना रहेगा. वास्तु शास्त्र द्वारा सुझाए गए इन निर्देशों का पालन करने से नकारात्मक ऊर्जाएं दूर होंगी और घर आठ शुभ गुणों से समृद्ध होगा तथा दीर्घायु होगा.