नई दिल्ली. त्योहारों का यह सीजन नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में घर खरीदारों के लिए उम्मीद से भरा होता है. तेजी से विकसित हो रहे इन शहरों में नई आवासीय परियोजनाओं की सप्लाई बढ़ने से खरीदारों के सामने घरों की अधिक श्रेणियां और बजट के अनुसार विकल्प के साथ आकर्षक ऑफर और डिस्काउंट की भरमार होती है. घरों की सप्लाई, कीमतों और नए ब्याज दरों के बीच बिल्डर लुभावने भुगतान योजनाओं, शुरुआती विजिट, बुकिंग लाभ और दूसरे प्रोत्साहनों की तैयारी में जुटे हैं.
रियल एस्टेट पर नजर रखने वाली फर्म एनारॉक के अनुसार, देश के शीर्ष 7 शहरों में तीसरी तिमाही में नई आवासीय इकाइयों की लॉन्चिंग सालाना आधार पर 18 फीसदी बढ़कर 1,14,320 हो गई है. कुल इन्वेंटरी 12 फीसदी बढ़कर पिछले वर्ष के 5.62 लाख से 6.31 लाख यूनिट पहुंच गई है. यूपी रेरा से जारी आंकड़ों के अनुसार नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाज़ियाबाद में सबसे अधिक 72 परियोजनाएं पंजीकृत हुई हैं जिनमें लगभग 32,200 यूनिट का निर्माण होना है.
ऑफर्स से पटा रियल्टी मार्केट
त्योहारी सीजन में बिल्डर्स नई पुरानी सभी परियोजनाओं में तरह-तरह के ऑफर दे रहे हैं. कोई पेमेंट में छूट दे रहा तो कोई शुरुआती बुकिंग और अन्य प्रोत्साहनों के जरिये ग्राहकों को आकर्षित करने में लगा है. आरजी होम्स की ओर से आरजी प्लेयड्स में ‘ऑपरेशन 99’ के तहत 99 लाख रुपये में 3 बीएचके बुक करने वाले ग्राहकों के लिए लकी ड्रॉ रखा गया है. विजेताओं को गाड़ी से लेकर सोना, गैजेट, समेत अन्य उपहार दिए जाएंगे. एआईजीआईएन द्वारा दोनों परियोजनाओं में नए घर खरीदारों को एक मॉड्यूलर किचन और वॉर्डरोब बिल्कुल मुफ्त दे रहे हैं. सीएमडी राकेश कुमार अग्रवाल का कहना है कि घर की शुरुआत आराम, भव्यता और लंबे समय तक चलने वाली वैल्यू के साथ होनी चाहिए और हम ‘सोच-समझकर तैयार की गई लग्जरी’ पर जोर देते हैं.
चुनिंदा यूनिटस पर भी बचत का मौका
यूनिटस की बढ़ती कीमतों को बायर फ़्रेंडली बनाने के लिए बिल्डर ज्यादातर यूनिटस 1,500, 1,800 और 2,000 वर्गफुट के आसपास लाए जा रहे है. इस कारण नई आवासीय सप्लाई में 80 लाख से 1.5 करोड़ रुपये तक कीमत वाले मिड-प्रीमियम घरों की हिस्सेदारी 34 फीसदी हो गई है जिनकी मांग भी ज्यादा है. डिलीजेंट बिल्डर्स के सीओओ अश्वनी नागपाल के अनुसार, हम अंतरिक्ष वैली में दो की जगह एक टॉवर ले आए जिससे मीडियम और मिड प्रीमियम यूनिटस ज्यादा बने और सुविधाएं बढ़ें. अब केवल सीमित यूनिटस ही बचे हैं और इन पर पजेशन तक नो ईएमआई का ऑफर है.
डिमांड और ऑफर्स की तुलना जरूरी
डेवलपर्स के अनुसार, निर्माण सामग्री, श्रम और ढुलाई की बढ़ती लागत के साथ बेहतर सुरक्षा, ऊर्जा दक्षता और आधुनिक सुविधाएं भी परियोजनाओं की लागत बढ़ा रही हैं. लिहाजा ऐसे ऑफर और पेमेंट प्लान ज्यादा पसंद किए जा रहे जो घर खरीदारों की अधिक बचत सुनिश्चित करें और बढ़ी हुई ईएमआई से बचाएं. निराला वर्ल्ड के सीएमडी सुरेश गर्ग के अनुसार, त्योहारी सीजन में खरीदारों के पास कई प्रकार के विकल्प हैं. रेपो रेट में बढ़ोतरी के बावजूद, स्पेशल ऑफर और पेमेंट प्लान ग्राहकों को लुभा रहे हैं. प्रीमियम और प्राइम लोकेशन वाले प्रोजेक्ट्स की मांग बनी हुई है. केडब्लू ग्रुप के निदेशक पंकज जैन का मानना है कि बढ़ती कीमतों के बीच एनसीआर के खरीदार जल्दबाजी में निर्णय लेने के बजाय परियोजना, सुविधाओं, कनेक्टिविटी और भुगतान योजना की तुलना कर रहे हैं. त्योहारी सीजन में बेहतर ऑफर मिलने पर ही पैसे लगाने पर ग्राहक राजी होते हैं.