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Rishikesh–Karnaprayag Rail Project : भारतीय रेलवे ने उत्तराखंड में चार धाम यात्रा को आसान बनाने के लिए ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल प्रोजेक्ट शुरू किया है. इस प्रोजेक्ट की लंबाई 125 किलोमीटर है, जिसमें से 104 किलोमीटर टनल के जरिये पूरा होगा. इस रास्ते पर 16 टनल और 19 ब्रिज बनाए जा रहे हैं, जबकि 5 जिलों में 12 स्टेशन भी तैयार किए जाएंगे.
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल प्रोजेक्ट की कुल लंबाई 125 किलोमीटर है.
नई दिल्ली. भारत में रोजाना करीब 3 करोड़ लोग ट्रेन से सफर करते हैं. भारतीय रेलवे ने ऐसे-ऐसे दुर्गम स्थानों पर रेलवे ट्रैक बिछाया है, जहां अन्य किसी साधन से पहुंचना संभव नहीं होता. अब पहाड़ों की ही बात ले लीजिए. भारतीय रेलवे ने उत्तराखंड में कनेक्टिवटी बढ़ाने के लिए 125 किलोमीटर का ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल प्रोजेक्ट शुरू किया है. यह प्रोजेक्ट पूरा होने पर ऋषिकेश से कर्णप्रयाग तक जाने में महज 2 घंटे का ही समय लगेगा, जो अभी पूरे दिन का सफर होता है.
रेलवे ने ऋषिकेष-कर्णप्रयाग प्रोजेक्ट 125 किलोमीटर का बनाया है, जिसमें से 83 फीसदी यानी करीब 103 किलोमीटर का सफर तो सिर्फ टनल के जरिये ही होगा. यह रूट धार्मिक यात्रियों के लिए लाइफलाइन साबित हो सकता है, क्योंकि अभी चारधाम यात्रा पर जाने वालों को न सिर्फ खतरनाक रास्ते से गुजरना पड़ता है, बल्कि इसमें समय भी काफी लग जाता है. रेलवे ने इस प्रोजेक्ट पर 12 रेलवे स्टेशन बनाने पर काम शुरू किया है. इस रास्ते से केदारनाथ, बद्रीनाथ जैसे धार्मिक स्थलों तक जाना काफी आसान हो जाएगा.
Engineering through the Himalayas!
125 km, 12 stations, 83% tunnels.
The Rishikesh-Karnaprayag rail line is not just a track, it’s Uttarakhand’s lifeline to the future.