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मध्य प्रदेश के सभी नगर निकाय से जुड़े 2500 ईमेल आईडी, यूजर आईडी और पासवर्ड लीक हो गए हैं. भोपाल में हुई सभी नगर निकाय अधिकारियों की बैठक हुई है. इस बैठक में MPSEDC के अतिरिक्त प्रबंध निदेशक अंशुमन राज ने इसका खुलासा किया. इसके अलावा अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने नगर निगम में गड़बड़ियों और घोटाले का खुलासा किया.
नगर निकायों से 2500 ईमेल का पासवर्ड लीक. (फाइल फोटो)
भोपाल. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में शहरी नगर निकायों की विभागीय बैठक हुई. इस बैठक में अपर मुख्य सचिव संजय दुबे भड़क उठे. इस बैठक में स्थानीय निकायों में पूरे मध्य प्रदेश की नगर पालिकाओं में गड़बड़ियों और घोटाले का खुलासे हुए. इसके साथ ही नगर निकायों से जुड़े लगभग 2500 ईमेल आईडी, यूजर आईडी और पासवार्ड लीक होने का भी खुलासा हुआ. इससे नगर निगम प्रणालियों की साइबर सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं. इस बैठक का एक वीडियो भी सामने आया है.
टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, भोपाल के भौरी में शहरी विकास और आवास विभाग की एक बैठक के दौरान, मध्य प्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम (MPSEDC) के अतिरिक्त प्रबंध निदेशक (MD) अंशुमन राज ने इस बात का खुलासा किया. नगर निगम के डेटा एनालिसिस करने की जिम्मेदारी संभाल रहे अंशुमन ने बताया कि ये क्रेडेंशियल्स लीक हुए डेटासेट में मिले हैं, जिनमें डार्क वेब पर मौजूद जानकारी भी शामिल है.
अधिकारियों को संबोधित करते हुए संजय दुबे.
अंशुमन राज ने प्रेजेंटेशन में “स्टीलर लॉग्स” (stealer logs) से होने वाले खतरे का भी जिक्र किया. ये ऐसे रिकॉर्ड होते हैं जिन्हें मैलवेयर बनाता है, जो इन्फेक्टेड कंप्यूटरों से लॉगिन क्रेडेंशियल्स और अन्य सेंसेटिव जानकारी चुरा सकते हैं. इसमें चेतावनी दी गई है कि अगर प्रभावित डिवाइस इन्फेक्टेड ही रहते हैं, तो केवल पासवर्ड बदल देना काफी नहीं होगा. प्रेजेंटेशन में असुरक्षित तौर-तरीकों, जैसे कि ऑपरेटरों के साथ पासवर्ड और वन-टाइम पासवर्ड (OTP) शेयर करने को भी सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बताया गया है.
अधिकारियों पर भड़के मध्य प्रदेश के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे
अधिकारियों ने इंदौर में हुई साइबर घटनाओं का भी जिक्र किया, जिससे सरकारी डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा को लेकर चिंताएं और गहरी हो गईं. मध्य प्रदेश के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने नगर निगम के अधिकारियों द्वारा की गई कथित खरीद अनियमितताओं पर कड़ी नाराजगी जताई. उन्होंने चेतावनी दी कि विभाग इस बात पर नजर रख रहा है कि कौन सा शहरी स्थानीय निकाय क्या खरीद रहा है और किस कीमत पर खरीद रहा है. उन्होंने कचरा उठाने वाले वाहनों का उदाहरण दिया, जिन्हें बहुत अलग-अलग कीमतों पर खरीदा गया था.
संजय दुबे ने दी अधिकारियों पर एक्शन लेने की चेतावनी
संजय दुबे ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि अब वे यह न सोचें कि बढ़ा-चढ़ाकर की गई खरीदारी पर किसी का ध्यान नहीं जाएगा. इस साल कार्रवाई और तेज की जाएगी. उन्होंने अधिकारियों से कहा, “यह मत सोचिए कि आप जो कर रहे हैं, वह हमें दिखाई नहीं दे रहा है.” उन्होंने बताया कि विभाग का नया डेटा एनालिटिक्स सिस्टम उन्हें सभी नगर निकायों में हो रही खरीदारी पर नजर रखने की सुविधा देता है.