Karwa Chauth 2026 Vrat Niyam for Husband: करवा चौथ 29 अक्टूबर, गुरुवार को है. इस दिन सुहागन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुखी दांपत्य जीवन के लिए निर्जला व्रत रखती हैं. यदि उस दिन कोई पति अपनी पत्नी के साथ गलत बर्ताव करता है, व्रत के दिन शराब, तामसिक वस्तुओं का सेवन करके घर आता है तो ऐसी स्थिति में क्या दुष्परिणाम हो सकते हैं? सबसे पहली बात यह कि जो सज्जन, विवेकशील, धर्मपरायण और पत्नीव्रता पुरुष हैं, वे ऐसे कार्य या आचरण नहीं करेंगे, उनसे ऐसी उम्मीद नहीं की जाती है. लेकिन कोई ऐसा करता है तो वह ऐसे व्रत का अधिकारी नहीं है.
महिलाओं का अपमान करने से व्यर्थ होता व्रत-पुण्य
सबसे पहली बात यह है कि हिन्दू शास्त्रों में लिखा गया है कि यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः, यत्रैतास्तु न पूज्यन्ते सर्वास्तत्राफलाः क्रियाः॥ इसका अर्थ यह है कि जिस स्थान पर महिलाओं का सम्मान होता है, वहां पर देवताओं का निवास होता है, लेकिन जिस जगह पर महिलाओं का सम्मान नहीं होता है तो उस स्थान पर किए गए सभी प्रकार के व्रत और अर्जित पुण्य बेकार हो जाते हैं, उनका कोई फल नहीं मिलता है.
व्रत में पवित्रता और नियम पालन जरूरी
कोई भी व्रत रखते हैं तो उस दिन पूरे घर को पवित्र करते हैं, उसकी अच्छे से साफ-सफाई करते हैं. सात्विक आहार और आचरण करते हैं. व्रत और ब्रह्मचर्य के नियमों का पालन करते हैं. जिस दिन परिवार में कोई व्रत रखता है तो पूरे परिवार के सदस्य भी सात्विक आहार-विहार करते हैं. उस दिन तामसिक वस्तुओं का सेवन नहीं करते हैं.
करवा चौथ के दिन पति शराब पीकर घर आए या पत्नी के साथ गलत बर्ताव करे तो यह अधर्म की श्रेणी में आता है. पत्नी जिस पति की लंबी आयु, उत्तम स्वास्थ्य और सुखी जीवन के लिए निर्जला व्रत करती है, वह पति उसके साथ गलत बर्ताव करता है तो वह व्रत निष्फल होता है, उसका पुण्य लाभ नहीं मिलता है.
पाप का भागी बनता है पति
शास्त्रों के अनुसार, पति और पत्नी के सहयोग से करवा चौथ का व्रत होता है. यदि पति अपनी पत्नी के त्याग, उपवास, पूजा, जप, तप आदि का निरादर करता है तो वह पाप का भागी बनता है. उसे नरक की यातनाएं सहनी पड़ती हैं. पति का धर्म है कि वह पत्नी के सद्कर्मों में सहयोग करे. पत्नी को शारीरिक और मानसिक पीड़ा देना एक पाप कर्म है.
वैवाहिक जीवन होगा छिन्न-भिन्न
यह व्रत पति और पत्नी के बीच प्रेम, समर्पण और सम्मान को बढ़ाने वाला है. जब एक महिला और पुरुष पाणिग्रहण संस्कार करते हैं, विवाह के बंधन में बंधते हैं तो एक दूसरे के प्रति समानभाव रखने, सुख—दुख में साथ रहने, एक दूसरे का सहयोग करने, दूसरे की भावनाओं का कद्र करने जैसे कई बातों के लिए सहमत होते हैं. इसके लिए वचन भी लेते हैं. ऐसे में पति जब करवा चौथ पर गलत आचरण करता है तो वो पत्नी के व्रत को तोड़ने और उसकी भावनाओं को दरकिनार करता है तो यह दांपत्य जीवन में कलह क्लेश को पैदा करता है. इससे वैवाहिक जीवन छिन्न भिन्न हो सकता है.
घर में बढ़ती है दरिद्रता और धन संकट
हिंदू धर्म में पत्नी को लक्ष्मी और अन्नपूर्णा कहा जाता है, उसके आने से परिवार की उन्नति और पोषण होता है. यदि करवा चौथ के दिन उसके व्रत को भंग करते हैं, उसका अपमान करते हैं तो उस घर में दरिद्रता का वास होता है, धन, धान्य, अन्न, सुख, समृद्धि आदि का ह्रास होता है. उस घर से माता लक्ष्मी और मां अन्नपूर्णा रूठ जाती हैं.
करवा चौथ पर पति क्या करें?
- पति को करवा चौथ व्रत की तैयारी में अपनी पत्नी की मदद करनी चाहिए.
- हर दिन की तरह व्रत पर भी पत्नी के साथ अच्छा व्यवहार करें.
- उस दिन तामसिक वस्तुओं से दूर रहें.
- उस दिन आपको समय पर घर आ जाना चाहिए.
- करवा चौथ की रात चंद्र अर्घ्य के बाद पत्नी को पानी पिलाकर व्रत को पूरा कराएं.
- इस दिन कोई भी ऐसा कार्य न करें, जिससे पत्नी को दुख पहुंचे.
- पत्नी को गिफ्ट और अशीर्वाद भी दें.