Jaipur Diwali: 300 साल की विरासत, 11 दिन की रोशनी, इस बार दिवाली पर ऐसे जगमगाएगा गुलाबी शहर

Jaipur Diwali: 300 साल की विरासत, 11 दिन की रोशनी, इस बार दिवाली पर ऐसे जगमगाएगा गुलाबी शहर


जयपुर. राजधानी जयपुर के बाजारों में दिपावली की रौनक शुरू हो गई है. हर साल की तरह जयपुर के चारदीवारी बाजार में इस बार भी भव्य सजावट होगी, जिसे देखने के लिए लोगों को सालभर का इंतजार करना पड़ता है. जयपुर के बाजारों में दिपावली पर हर साल बाजार की सजावट और जगमगाती लाइटिंग को देखने के लिए देश-विदेश से लोग दिपावली पर जयपुर पहुंचते हैं.  इस बार भी जयपुर के बाजारों में दिपावली की खास सजावट को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी है. इस बार दिपावली पर जयपुर के चारदीवारी बाजार में 11 दिन तक लाइटिंग और सुंदर सजावट लोगों को देखने को मिलेगी. साथ ही इस बाजार में 300 साल की विरासत की थीम पर खास सजावट होगी.

जयपुर के बाजारों में इस बार छोटी चौपड़, बड़ी चौपड़, चांदपोल बाजार, हवामहल बाजार और अन्य सभी बाजारों में अलग-अलग थीम पर सजावट देखने को मिलेगी. इसको लेकर लगातार व्यापारी मंडलों द्वारा मीटिंग की जा रही है. हर बार दिपावली पर जयपुर में होने वाली यह खास सजावट का लक्ष्य सिर्फ बाजारों को रोशन करना नहीं, बल्कि दीपावली के त्योहार पर ज्यादा से ज्यादा ग्राहकों को आकर्षित करना और अपने कारोबार को बढ़ाने के लिए की जाती है. इसलिए इस बार चारदीवारी बाजार सहित जयपुर में करीब 50 किलोमीटर के दायरे में गुलाबी शहर की रोशनी और सजावट का नजारा देखने को मिलेगा. खास बात यह है कि इस बार जयपुर की दीपावली में शहर की 300 साल पुरानी ऐतिहासिक विरासत की झलक भी दिखाई देगी जो लोगों के लिए सबसे खास होगी.

शानदार लाइटिंग से सजेगा जयपुर का परकोटा बाजार

जयपुर के चारदीवारी बाजार में पहुंच कर लोकल18 ने यहां के स्थानीय व्यापारियों से इस बार दिपावली की सजावट को लेकर बात की. व्यापारियों का कहना है कि हर साल की तरह इस साल भी जयपुर के बड़े बाजारों से लेकर छोटे बाजारों, गली-गली में बेहतरीन सजावट देखने को मिलेगी. हर बाजार में सुंदर लाइटिंग, झालरें, कैंडल, पोस्टर, एलईडी बोर्ड से हर बाजार में सजावट होगी. साथ ही बाजार के प्रवेश से पहले भव्य द्वार और झांकियां सजी होगी, जो लोगों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण होगी. हर साल जयपुर की इस खास सजावट को देखने के लिए लाखों की संख्या में लोग जयपुर के चारदीवारी बाजार में पहुंचते है. साल का सबसे बड़ा त्यौहार और टूरिस्ट सीजन के साथ-साथ व्यापार का मुख्य आकर्षण भी रहता है.

एमआई राेड से होती है सजावट की शुरूआत

व्यापारी रामस्वरूप सोनी का कहना है कि बाजारों में बेहतरीन लाइटिंग की सजावट के साथ परकोटे में अतिक्रमण और ट्रैफिक की समस्याएं सबसे ज्यादा रहती है. हालांकि दिपावली पर छोटे व्यापारियों की रोजी-रोटी फुटपाथ पर छोटी-छोटी दुकानों से ही चलती है, इसलिए इस बार सुव्यस्थित रूप से बाजारों में अलग-अलग थीम पर सजावट होगी. आपको बता दें इस बार जयपुर में दिपावली से पहले सजावट की तैयारी शुरू हो चुकी है. जयपुर में सबसे पहले एमआई रोड़ से सजावट की शुरुआत होती है. इसके बाद अंदर अलग-अलग बाजारों में सजावट का शुरू होता है.

इस बार जूगनु की तरह चमकेगा जयपुर का चारदीवारी बाजार

जयपुर के बाजारों की सामूहिक सजावट वर्षों से दीपावली की परंपरा और धार्मिक आस्था से जुड़ी है. इसलिए हर साल जयपुर के बाजारों में दिपावली की सजावट जूगनु तरह अपनी चमक बखेरती है, जो लोगों के लिए यादगार रहती है. बाजारों की सामुहिक सजावट के साथ ही व्यापारी अपनी दुकानों पर भी अलग-अलग थीम पर सजावट करते हैं. साथ ही भव्य झांकियां देखने को मिलती है. साथ ही पूरे परकोटे में इस बार भी लाइटिंग की खास सजावट के साथ नगर निगम और व्यापारियों के बीच लगातार मंथन किया जा रहा है.

सजावट के साथ विज्ञापन संबंधी छूट, बाजारों की सफाई, अतिक्रमण, सड़क मरम्मत, स्ट्रीट लाइट, पेड़ों की छंटाई, बाजारों में खुले बिजले के तारों की कवरिंग, पटाखों की दुकानों पर अग्निशमन सुरक्षा के साथ फायर ब्रिगेड का एक्शन प्लान और बाजारों की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर भी विचार विमर्श किया जा रहा है. लगातार दिपावली की सजावट के लिए जयपुर के अलग-अलग बाजारों के व्यापारी सजावट की रूपरेखा और अन्य पहलुओं पर मंथन कर रहे हैं.



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