IIM Admission after 12th: 12वीं के तुरंत बाद मिल जाएगा IIM में एडमिशन, CAT देने की भी नहीं पड़ेगी जरूरत


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IIM Integrated Management Course After 12th: आमतौर पर आईआईएम में एडमिशन के लिए कैट परीक्षा स्कोर अनिवार्य माना जाता है. लेकिन अगर आप कैट नहीं देना चाहते तो 12वीं के बाद डायरेक्ट भी आईआईएम में एडमिशन का सपना पूरा कर सकते है. जानिए आईआईएम के 5 साल वाले IPM कोर्स, योग्यता, IPMAT परीक्षा और 12वीं बोर्ड परीक्षा के साथ इसकी तैयारी का तरीका.

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IIM Admission after 12th: आईआईएम में एडमिशन के लिए IPMAT कोर्स बेहतरीन ऑप्शन है

नई दिल्ली (IIM Integrated Course After 12th). 12वीं बोर्ड परीक्षा आते ही लगभग हर स्टूडेंट के मन में करियर को लेकर उथल-पुथल शुरू हो जाती है. अगर आप देश के टॉप बिजनेस स्कूल यानी आईआईएम से एमबीए करना चाहते हैं तो अब ग्रेजुएशन खत्म होने या कैट जैसी कठिन परीक्षा की तैयारी में सालों लगाने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है. आप चाहें तो 12वीं की पढ़ाई करते हुए ही आईआईएम में अपनी एमबीए सीट पक्की कर सकते हैं.

आईआईएम का नाम सुनते ही दिमाग में ग्रेजुएशन के बाद दी जाने वाली CAT परीक्षा आती है. लेकिन सच्चाई यह है कि IIMs ने 12वीं पास स्टूडेंट्स के लिए एक ऐसा खास रास्ता खोला है, जिससे बिना कैट दिए भी IIM का कैंपस और वही वर्ल्ड-क्लास एक्सपोजर मिल सकता है. बोर्ड परीक्षा शुरू होने से पहले अगर आप इस कोर्स और इसके एंट्रेंस एग्जाम की बारीकियां समझ लें तो करियर की आधी चिंता ऐसे ही खत्म हो जाएगी. जानिए कैट के बिना आईआईएम से एमबीए करने का बेस्ट तरीका.

12वीं के बाद IIM: क्या है IPM कोर्स?

अगर आप सोच रहे हैं कि 12वीं के बाद आईआईएम में एडमिशन कैसे मिलेगा तो इसका जवाब है IPM (इंटीग्रेटेड प्रोग्राम इन मैनेजमेंट). यह 5 साल का डुअल डिग्री प्रोग्राम है. इसमें बीबीए और एमबीए, दोनों की पढ़ाई एक साथ कराई जाती है. आईआईएम इंदौर, रोहतक, रांची, बोध गया और जम्मू जैसे कई प्रमुख एमबीए कॉलेज यह कोर्स ऑफर करते हैं. इस कोर्स की सबसे बड़ी खासियत है कि 12वीं के बाद ही आईआईएम से पढ़ाई का सपना पूरा हो जाता है.

CAT के बिना आईआईएम में एडमिशन कैसे मिलेगा?

IPM कोर्स में एडमिशन लेने के लिए कैट एग्जाम देना जरूरी नहीं है. इसके लिए IPMAT (Integrated Programme in Management Aptitude Test) या JIPMAT नाम का एंट्रेंस एग्जाम होता है. यह परीक्षा नेशनल टेस्टिंग एजेंसी या संबंधित IIM आयोजित करते हैं. इसमें मुख्य रूप से क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड (मैथ्स), वर्बल एबिलिटी (इंग्लिश) और लॉजिकल रीजनिंग से सवाल पूछे जाते हैं. बोर्ड परीक्षा के साथ-साथ इसकी बेसिक तैयारी आसानी से की जा सकती है.

एलिजिबिलिटी और Exit Option का बड़ा फायदा

आईपीएम कोर्स में अप्लाई करने के लिए किसी भी स्ट्रीम (आर्ट्स, साइंस या कॉमर्स) के 12वीं पास या बोर्ड परीक्षा दे रहे स्टूडेंट्स योग्य होते हैं. इसमें आमतौर पर 12वीं में 60% अंक (रिजर्व्ड कैटेगरी के लिए 55%) की मांग की जाती है.

अगर आप 5 साल तक एक ही जगह पढ़ाई नहीं करना चाहते तो IIM 3 साल बाद Exit Option (बाहर निकलने का विकल्प) भी देता है. इसका मतलब है कि 3 साल पूरे होने पर BBA/BBA (एनालिटिक्स) की डिग्री मिल जाएगी और आप चाहें तो आगे की पढ़ाई या जॉब के लिए बाहर आ सकते हैं.

बोर्ड एग्जाम के साथ कैसे तैयारी करें?

बोर्ड परीक्षा के साथ आईआईएम एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी आसानी से कर सकते हैं. इसके लिए जानिए टिप्स:

  • रोजाना 1 घंटा अलग निकालें: बोर्ड सिलेबस के साथ रोज केवल 1 घंटा एप्टीट्यूड और बेसिक इंग्लिश रीजनिंग को दें.
  • मॉक टेस्ट से समझें पैटर्न: IPMAT का पैटर्न बोर्ड से अलग होता है. इसलिए हफ्ते में एक बार ऑनलाइन मॉक टेस्ट जरूर दें.
  • करेंट अफेयर्स पर नजर रखें: लिखित परीक्षा के बाद पर्सनल इंटरव्यू (PI) भी होता है. इसलिए देश-दुनिया की मुख्य खबरों से अपडेट रहें.

समय रहते जरूरी है सही फैसला

आईआईएम में एडमिशन के लिए बोर्ड परीक्षा खत्म होने का इंतजार करने की जरूरत नहीं है. आप बोर्ड परीक्षा की तैयारी के साथ ही इसकी भी तैयारी कर सकते हैं. इसके लिए IPMAT का फॉर्म भरकर पढ़ाई की बेस्ट स्ट्रैटेजी बना लें. उस पर अमल करके आप लाखों कॉम्पिटिटर्स से आगे निकल जाएंगे. बिना CAT का प्रेशर लिए देश के टॉप मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट में पहुंचने का यह सबसे तेज और सटीक जरिया है.



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