क्या है धारा 108, जिसके इस्तेमाल पर बनी सहमति, खत्म हो सकती है बिजली कर्मचारियों की हड़ताल, हरियाणा सरकार और यूनियन से होगी वार्ता


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हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने बिजली कर्मचारियों से हड़ताल खत्म करने की अपील की है. उन्होंने कहा कि पंचकूला में दोपहर 3 बजे बैठक होगी और इलेक्ट्रिसिटी एक्ट की धारा 108 का इस्तेमाल किया जाएगा.

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हरियाणाः क्या है बिजली कानून की धारा-108, खत्म हो सकती है हड़ताल?Zoom

हरियाणा के बिजली मंत्री अनिल विज.

चंडीगढ़. हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने बिजली कर्मचारियों से अपील करते हुए कहा कि “मेरा कर्मचारी नेताओं से यही कहना है कि हमने (सरकार) स्टैंड ले लिया है और कर्मचारियों को जल्दी से जल्दी बिजली बहाल करनी चाहिए. इसके अलावा, उन्होंने कहा कि आज बिजली कर्मचारी नेताओं/ पदाधिकारियों को पंचकूला के लोक निर्माण विश्रामगृह में दोपहर 3:00 बजे बातचीत के लिए बुलाया गया है. उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि चंद ही घंटे में हड़ताल खत्म हो जाएगी.

बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि “उसका समाधान लगभग हो चुका है मैंने अभी कर्मचारी नेताओं से बात भी की है. मैं पहले दिन से कह रहा हूं की हड़ताल इसका रास्ता नहीं है कर्मचारी नेता आए और बातचीत करें. यदि कर्मचारी नेता कोई और रास्ता सुझाते हैं तो उसको भी हम अपनाएंगे. इस बारे में कल उनकी तरफ से मांग आई थी कि सरकार इलेक्ट्रिसिटी एक्ट की धारा 108 का इस्तेमाल करके इस आदेश को खारिज कर दे, जो कि हम कर सकते हैं” .

ऊर्जा मंत्री ने कहा कि इस संबंध में मुख्यमंत्री जी से भी बात उनके द्वारा कर ली गई है कि हम इलेक्ट्रिसिटी एक्ट की धारा 108 का इस्तेमाल करेंगे और इस बारे में यूनियन के नेता मान गए हैं. उन्होंने बताया कि कर्मचारी नेताओं ने दोपहर 3:00 बजे पंचकूला के पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में आकर बैठक करने की सहमति जताई है.

विज ने कहा कि मुझे विश्वास है कि चंद ही घंटे में हड़ताल खत्म हो जाएगी. उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रिसिटी एक्ट की धारा 108 में यह प्रावधान है कि यदि पॉलिसी बदली जाती है और पॉलिसी से डिवाइएट किया जाता है, जोकि यह है ही, कि सरकारी से प्राइवेट किया जा रहा है तो पॉलिसी चेंज हो रही है. इसलिए उसमें सरकार का जो निर्देश होगा वह फाइनल माना जाएगा. विज ने  इलेक्ट्रिसिटी एक्ट की धारा 108 को पढ़कर भी सुनाया.

क्या है धारा 108

बिजली एक्ट की धारा 108 के तहत राज्य विद्युत नियामक आयोग को जनहित से जुड़े नीतिगत मामलों पर राज्य सरकार की ओर से लिखित रूप कह सकती है. कोई निर्देश जनहित से जुड़े नीतिगत मामले से संबंधित है तो राज्य सरकार का निर्णय अंतिम माना जाता है. हालांकि, इस मामले में टकराव को लेकर सुप्रीम कोर्ट का फैसला है कि धारा 108 के तहत राज्य सरकार आयोग को नीतिगत मामलों में केवल ‘मार्गदर्शन’ दे सकती है, लेकिन सरकार आयोग के अर्द्ध-न्यायिक या स्वतंत्र कार्यों और अधिकारों में सीधे हस्तक्षेप नहीं कर सकती है.



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