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Coriander Growing Tips: पुलाव से लेकर दाल, सब्जी और सलाद तक हरी धनिया की ताजगी स्वाद को दोगुना बढ़ा देती है. ताजी हरी धनिया बोरिंग खाने को भी सुगंध और स्वाद से भरने का काम करती है. लेकिन रोज ताजी धनिया बाजार से लाना मुश्किल है, ऐसे में इसे घर पर उगाना एक अच्छा विकल्प होता है. यदि आप रोजाना कुकिंग में फ्रेश धनिया के पत्तों का इस्तेमाल करते हैं, तो यहां जानिए 5 सिंपल स्टेप्स में इसे उगाने का तरीका.
सर्दियों का मौसम घर में हरी साग-सब्जियों को उगाने के लिए सबसे अच्छा समय होता है.ऐसे में अगर आपको भी हर दिन ताजी धनिया की जरूरत पड़ती है, तो इसे बाजार से खरीदने के बजाय घर पर ही उगाएं. घर की बालकनी, छत या छोटी-सी किचन गार्डन में भी धनिया का पौधा आसानी से लगाया जा सकता है.
दाल में तड़का लगाना हो, सब्जी का स्वाद बढ़ाना हो या फिर चटनी बनानी हो, ताजी धनिया हर व्यंजन का जायका बढ़ा देती है. इतना ही नहीं, इसकी हरी पत्तियां खाने को देखने में भी आकर्षक बनाती हैं. ऐसे में सर्दी का मौसम एक ऐसा मौका है जब आप इसे घर ही उगाकर यूज कर सकते हैं. आइए जानते हैं घर पर हरी धनिया उगाने के 5 आसान स्टेप्स.
स्टेप1- घर पर धनिया उगाने के लिए सबसे पहले अच्छे बीज चुनना जरूरी है. इसके लिए आप नर्सरी से धनिया के बीज खरीद सकते हैं या रसोई में मौजूद साबुत धनिया का इस्तेमाल कर सकते हैं. ध्यान रखें कि बीज साबुत हों और बहुत पुराने न हों.
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बीजों को लगाने से पहले हल्के हाथों से दबाकर दो हिस्सों में बांट लें. इससे अंकुरण में मदद मिल सकती है. इसके बाद बीजों को साफ पानी में 8 से 12 घंटे के लिए भिगोकर रख सकते हैं. इससे बीजों को अंकुरित होने में आसानी होती है.
स्टेप 2- धनिया के पौधे के लिए ऐसी मिट्टी चुनें, जिसमें पानी आसानी से निकल सके. इसके लिए बगीचे की मिट्टी, जैविक खाद और मोटी रेत या कोकोपीट को बराबर मात्रा में मिलाकर मिश्रण तैयार कर सकते हैं.
स्टेप 3- अब कम से कम 6 से 8 इंच गहरा और चौड़ा गमला लें. इसके निचले हिस्से में पानी निकलने के लिए छेद जरूर होने चाहिए, ताकि मिट्टी में जरूरत से ज्यादा नमी जमा न हो. तैयार मिट्टी की सतह पर धनिया के बीजों को थोड़ी दूरी बनाकर फैला दें. इसके ऊपर करीब आधा इंच तक मिट्टी या खाद की पतली परत डालें. अब स्प्रे बोतल या हल्की धार वाले पानी के कैन से मिट्टी में पानी डालें.
स्टेप 4- ध्यान रखें कि पानी तेज धार से न डालें, वरना बीज अपनी जगह से हट सकते हैं. अंकुर निकलने तक मिट्टी में हल्की नमी बनाए रखें. आमतौर पर 7 से 14 दिनों में बीज अंकुरित होने लगते हैं. साथ ही सर्दियों में धनिया के पौधे को रोजाना करीब 4 से 6 घंटे हल्की धूप मिलनी चाहिए. मिट्टी की ऊपरी परत सूखी महसूस होने पर पानी दें. जरूरत से ज्यादा पानी डालने से बचें.
स्टेप 5- जब पौधे 2 से 3 इंच ऊंचे हो जाएं, तो कमजोर पौधों को हटाकर बाकी पौधों के बीच करीब 3 से 4 इंच की दूरी रखें. इससे उन्हें बढ़ने के लिए पर्याप्त जगह मिलेगी और पत्तियां अच्छी तरह विकसित होंगी. बीज बोने के करीब 35 से 45 दिनों बाद धनिया की पत्तियां तोड़ने लायक हो सकती हैं.
जब पौधा लगभग 4 से 6 इंच ऊंचा हो जाए, तो तेज और साफ कैंची से बाहरी पत्तियों और डंठलों को काटें. बीच में उग रही छोटी पत्तियों को छोड़ दें, ताकि पौधा आगे भी बढ़ता रहे. अगर पौधे में फूल आने लगें, तो पत्तियों की अच्छी बढ़त बनाए रखने के लिए उन्हें हटा सकते हैं.