जर्मनी की यात्रा पर गए पीयूष गोयल ने 23 अक्तूबर 2026 को कहा कि अगले 4-5 महीने में फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) लागू होगा, लेकिन हमें अभी से काम शुरू करना होगा ताकि पहले दिन से फायदा मिल सके. पीयूष गोयल का ये कहना महत्वपूर्ण तो है ही, लेकिन यह ट्रेड डील भारतीय कारोबारियों के लिए ‘आम के आम और गुठलियों के दाम’ वाली कहावत सच करने जा रहा है. इससे हर साल कस्टम ड्यूटी में 4 बिलियन यूरो यानी लगभग 36 हजार करोड़ रुपये की भारी-भरकम बचत होगी. इससे भारत के मैन्युफैक्चरिंग, आईटी और अन्य सेक्टर्स के लिए यूरोप के बाजार में बंपर मुनाफे के द्वार खुलेंगे.
जर्मन काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस (DGAP) के इंडिया सेंटर के उद्घाटन पर जर्मनी की आर्थिक मामलों की मंत्री कैथरीना रीचे ने भारतीय बाजार की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि भारत का जो हुनर आज दुनिया देख रही है, वह केवल टिप ऑफ आइसबर्ग यानी हिमखंड की चोटी है. आज 2000 से ज्यादा जर्मन कंपनियां भारत में करीब 28.2 बिलियन यूरो यानी लगभग 2.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश कर चुकी हैं. वहीं, भारत ने भी जर्मनी को आईटी और इंजीनियरिंग सेक्टर में 9.3 बिलियन यूरो यानी करीब 83 हजार करोड़ रुपये की सर्विसेस दी हैं. 2025 के आंकड़ों के मुताबिक, करीब 2.8 लाख करोड़ रुपये के ट्रेड के साथ जर्मनी यूरोपीय संघ में भारत का सबसे बड़ा पार्टनर है.
व्यापार को 10 गुना करने का लक्ष्य
भारत के वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कारोबारियों से अपील की है कि वे भारत-जर्मनी व्यापार को 10 गुना तक बढ़ाने का लक्ष्य रखें. उन्होंने जर्मनी के स्किल्स प्रोगाम को भारत लाने पर जोर दिया, ताकि जर्मनी के छोटे और मझोले उद्योगों और भारत के हुनरमंद युवाओं व बेहतरीन इंजीनियरिंग क्षमता के बीच एक शानदार गठजोड़ बन सके.
20 साल का इंतजार, 13 महीने में पक्की हुई डील
पीयूष गोयल ने बताया कि इस एग्रीमेंट पर पिछले 20 सालों से बात चल रही थी, जिसे अंततः पिछले 13 महीनों की कड़ी मेहनत से अंतिम रूप दिया गया है. इस साल के अंत तक इस पर हस्ताक्षर हो जाएंगे. यह भारत-EU का पहला ऐसा समझौता है जिसे सभी 27 यूरोपीय देशों का एकमुश्त समर्थन मिला है. बातचीत के दौरान हुई देरी पर चुटकी लेते हुए गोयल ने कहा कि ट्रेड डील में कोई भी मंत्री ज्यादा उतावला नहीं दिखना चाहता, क्योंकि सामने वाला इसे कमजोरी मान लेता है.
कारोबारियों के लिए अभी से तैयारी का अलर्ट
समझौता लागू होने में अब कुछ ही महीने बचे हैं. ऐसे में पीयूष गोयल ने भारतीय व्यापारियों को अभी से ग्लोबल क्वालिटी के हिसाब से खुद को तैयार करने, नए पार्टनर बनाने और संभावित ग्राहकों से संपर्क साधने की सलाह दी है ताकि अवसरों का पूरा फायदा उठाया जा सके.
इस दौरे पर भारत और जर्मनी के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सेमीकंडक्टर, क्रिटिकल मिनरल्स, ग्रीन हाइड्रोजन, और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग जैसे भविष्य के सेक्टर्स में निवेश पर भी गहरी चर्चा हुई. गोयल ने जर्मनी की बड़ी कंपनियों जैसे नौफ ग्रुप, फ्रेसेनियस ग्रुप और बायर (Bayer) के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक कर भारत के डिजिटल और औद्योगिक इकोसिस्टम में निवेश बढ़ाने के रास्तों पर चर्चा की.