IPS Mukund Singh Chahar: यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने वाले अधिकतर उम्मीदवारों का सपना होता है कि एक दिन वे आईएएस (IAS) या आईपीएस (IPS) अधिकारी बनकर देश की सेवा करें. लेकिन इस सपने को पूरा करने के लिए सालों तक मेहनत करनी पड़ती है. कई बार परीक्षा में सफलता नहीं मिलती, तो कुछ उम्मीदवार बीच में ही हार मान लेते हैं. वहीं, कुछ ऐसे भी होते हैं, जो बार-बार असफल होने के बाद भी अपने लक्ष्य को नहीं छोड़ते. आईपीएस अधिकारी मुकुंद सिंह चाहर (IPS officer Mukund Singh Chahar) की कहानी भी कुछ ऐसी ही है. उन्होंने कई प्रयासों में असफलता का सामना किया, लेकिन हार नहीं मानी. आखिरकार अपने छठे प्रयास में उन्होंने IPS बनने का अपना सपना पूरा कर लिया. उनकी सफलता उस समय और खास हो गई, जब ट्रेनिंग पूरी होने के बाद उनकी बहन ने उन्हें सैल्यूट किया.
कौन हैं IPS मुकुंद सिंह चाहर?
मुकुंद सिंह चाहर मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के रहने वाले हैं. उनकी सफलता की कहानी को डिकोड सिविल्स के संस्थापक और पूर्व आईपीएस अधिकारी मुदित जैन ने लिंक्डइन पर साझा किया है. उनकी पोस्ट के मुताबिक, मुकुंद ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में सफलता पाने के लिए कई साल तक मेहनत की. उनकी यात्रा में कई उतार-चढ़ाव आए, लेकिन उन्होंने अपने लक्ष्य से ध्यान नहीं हटाया.
मुकुंद की कहानी उन उम्मीदवारों के लिए खास है, जो एक या दो बार असफल होने के बाद अपनी तैयारी छोड़ने के बारे में सोचने लगते हैं. उनकी यात्रा बताती है कि किसी परीक्षा में असफल होने का मतलब यह नहीं है कि आप अपने लक्ष्य को हासिल नहीं कर सकते.
दो बार प्रीलिम्स में भी नहीं मिली सफलता
यूपीएससी की परीक्षा में मुकुंद सिंह चाहर को शुरुआत में कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा. अपने शुरुआती प्रयासों में वह दो बार प्रीलिम्स परीक्षा पास नहीं कर सके. हालांकि, इसके बावजूद उन्होंने तैयारी जारी रखी. वह एक बार मेंस परीक्षा और एक बार इंटरव्यू राउंड में भी सफल नहीं हो पाए. लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी.
वहीं, लगातार मेहनत और तैयारी के दम पर उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2022 में ऑल इंडिया रैंक 273 हासिल की. इस रैंक के आधार पर उनका सेलेक्शन भारतीय राजस्व सेवा (IRS) में हुआ. यह उनके लिए बड़ी सफलता थी, लेकिन उनका लक्ष्य IPS अधिकारी बनना था. इसलिए उन्होंने एक बार फिर परीक्षा देने का फैसला किया.
छठे प्रयास में पूरा हुआ IPS बनने का सपना
मुकुंद सिंह चाहर ने IRS में चयन होने के बाद भी अपनी तैयारी जारी रखी. वह IPS अधिकारी बनना चाहते थे और अपने इस सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने एक और प्रयास किया. इस प्रयास में उनकी मेहनत रंग लाई और यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2024 में उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 191 हासिल की.
इस सफलता के साथ उनका आईपीएस बनने का सपना पूरा हो गया. उन्हें आंध्र प्रदेश कैडर अलॉट किया गया. मुकुंद की कहानी इस बात की मिसाल है कि अगर किसी उम्मीदवार का लक्ष्य स्पष्ट हो और वह लगातार मेहनत करता रहे, तो मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद आगे बढ़ सकता है.
पत्नी भी हैं IPS अधिकारी
मुकुंद सिंह चाहर की निजी जिंदगी की बात करें, तो उनकी पत्नी अपूर्वा सिन्हा भी आईपीएस अधिकारी हैं. वह 2023 बैच की अधिकारी हैं. मुकुंद सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव रहते हैं और अक्सर अपनी पत्नी के साथ तस्वीरें साझा करते हैं.
मुकुंद की सफलता के पीछे उनके परिवार का भी साथ रहा है. उनकी बहन प्रियम्बदा सिंह ने भी भाई की इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर की. उन्होंने बताया कि मुकुंद की इस यात्रा में उनकी पत्नी अपूर्वा का भी अहम योगदान रहा है. किसी भी कठिन लक्ष्य को हासिल करने में परिवार का साथ और हौसला कई बार बड़ी ताकत बन जाता है.
बहन ने भाई को सैल्यूट कर किया भावुक
मुकुंद सिंह चाहर की कहानी उस समय सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गई थी, जब हैदराबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में उनकी ट्रेनिंग पूरी होने के बाद पासिंग आउट परेड आयोजित हुई. इस मौके पर उनकी बहन प्रियम्बदा सिंह ने अपने आईपीएस भाई को सैल्यूट किया. यह पल परिवार के लिए गर्व और खुशी से भरा था.
प्रियम्बदा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए अपने भाई को बधाई दी. उन्होंने मुकुंद की सफलता को उनकी मेहनत और लगन का नतीजा बताया. इस मौके पर उन्हें मशहूर शायर दुष्यंत कुमार की पंक्तियां भी याद आईं, जो मुश्किलों के सामने हार न मानने की प्रेरणा देती हैं.