वाशिंगटन: ईरान के साथ तनाव के बीच अमेरिका अपनी हवाई ताकत को नए मुकाम पर ले जाने की तैयारी में है. अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने प्रमुख एयरोस्पेस कंपनी लॉकहीड मार्टिन के साथ कम से कम 850 F-35 स्टेल्थ लड़ाकू विमानों की आपूर्ति के लिए 10 साल का एक व्यापक फ्रेमवर्क तैयार किया है. डिफेंस न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक 22 अक्टूबर को घोषित हुआ यह ऐतिहासिक समझौता अमेरिकी संसद की अंतिम मंजूरी और फंडिंग पर निर्भर करेगा. इस महाडील का मुख्य मकसद फाइटर जेट्स के प्रोडक्शन को तेज करना और लंबे समय से चली आ रही मेंटेनेंस की दिक्कतों को जड़ से खत्म करना है. अनुमान के मुताबिक इस पूरे प्रोजेक्ट की कुल लागत कम से कम 78.2 अरब डॉलर (करीब 71,00,00,00,00,000 रुपये) बैठती है. इसके जरिए अमेरिकी वायुसेना साल 2035 तक अपने फाइटर फ्लीट को 1,509 कॉम्बैट जेट्स तक पहुंचाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है.
क्या 78 अरब डॉलर की इस महाडील से दूर हो पाएगी विमानों की तकनीकी खामी?
- अमेरिकी सेना पिछले काफी समय से अपने मौजूदा F-35 बेड़े को एक्टिव रखने के लिए संघर्ष कर रही है. गवर्नमेंट अकाउंटेबिलिटी ऑफिस की एक रिपोर्ट में सामने आया था कि इन अत्याधुनिक विमानों का मिशन-कैपेबल रेट लगातार घट रहा है. यह दर वित्त वर्ष 2021 के 67 फीसदी से गिरकर वित्त वर्ष 2025 में सिर्फ 44 फीसदी रह गई थी.
- इसका मतलब यह हुआ कि ज्यादातर फाइटर जेट्स मरम्मत और कलपुर्जों की कमी के कारण उड़ान भरने की स्थिति में नहीं थे. इस नए 10 साल के समझौते में स्पेयर पार्ट्स, मॉडिफिकेशन किट और लंबे समय तक मेंटेनेंस सपोर्ट को शामिल किया गया है.
- कंपनी ने खुद इस प्रोग्राम में कम से कम 7 अरब डॉलर का निवेश करने का भरोसा दिया है. कंपनी को उम्मीद है कि नियमित पार्ट्स मिलने से रिपेयरिंग में होने वाली देरी घटेगी और विमान हमेशा एक्शन के लिए तैयार रहेंगे.
आसमान में एक साथ तीन वैरिएंट्स, किस मॉडल पर कितना खर्च करेगा अमेरिका?
इस समझौते के तहत अगले एक दशक में अमेरिकी सेना को हर साल औसतन 85 नए लड़ाकू विमान दिए जाएंगे. इसके अलावा विदेशी खरीदारों के लिए भी प्रोडक्शन लाइन खुली रहेगी, जिससे सालाना कुल 156 फाइटर जेट्स तैयार होंगे. इस एयरक्राफ्ट के तीनों वैरिएंट्स की कीमतें और खूबियां एक-दूसरे से काफी अलग हैं.
- सबसे सस्ता वैरिएंट F-35A है, जिसकी बेस यूनिट कीमत करीब 92 मिलियन डॉलर आंकी गई है.
- वर्टिकल लैंडिंग करने वाले मरीन कॉर्प्स के F-35B मॉडल की कीमत लगभग 121 मिलियन डॉलर है.
- अमेरिकी नौसेना के एयरक्राफ्ट कैरियर से ऑपरेट होने वाले F-35C की लागत करीब 110 मिलियन डॉलर बैठती है.
जानकारों के मुताबिक आने वाले समय में महंगाई और लेबर कास्ट बढ़ने से इस सौदे का अंतिम बजट 78 अरब डॉलर से भी ऊपर निकल सकता है.
साल 2035 तक 1,509 लड़ाकू विमान, पेंटागन ने क्या ब्लूप्रिंट बनाया है?
अमेरिकी वायुसेना ने भविष्य के युद्धों को ध्यान में रखकर अपने आधुनिकीकरण का खाका संसद को सौंप दिया है. 16 अक्टूबर 2026 को पेश की गई फोर्स स्ट्रक्चर रिपोर्ट के अनुसार साल 2035 तक 1,509 कॉम्बैट फाइटर्स का बेड़ा तैयार करने का लक्ष्य है. इस रणनीति में F-35A विमान मुख्य आधार बनेगा और पूरे बेड़े का लगभग 40 फीसदी हिस्सा इसी फाइटर का होगा.
वहीं पांचवीं पीढ़ी का दिग्गज फाइटर F-22 रैप्टर और उसका आने वाला उत्तराधिकारी F-47 मिलकर कुल बेड़े का करीब 20 फीसदी हिस्सा बनाएंगे. बाकी बचे 40 फीसदी हिस्से में भरोसेमंद F-15 और F-16 फाइटर जेट्स के नए मॉडल्स तैनात रहेंगे. यह संतुलन अमेरिकी एयरफोर्स को दुनिया के किसी भी कोने में तुरंत और घातक प्रहार करने की ताकत देगा.
अमेरिका का F-22 रैप्टर लड़ाकू विमान. (File Photo : Reuters)
इंसान नहीं बल्कि रोबोट्स लड़ेंगे जंग, क्या है पेंटागन का ऑटोनॉमस ड्रोन प्लान?
पेंटागन की इस नई स्ट्रैटेजी में सिर्फ पायलट वाले विमान ही शामिल नहीं हैं. अमेरिकी वायुसेना साल 2032 तक 500 कोलाबोरेटिव कॉम्बैट एयरक्राफ्ट यानी ऑटोनॉमस ड्रोन विंगमैन भी मैदान में उतारने जा रही है.
यह मानवरहित ड्रोन लड़ाकू विमानों के साथ उड़ान भरेंगे और दुश्मन के रडार नेटवर्क को तबाह करने का काम करेंगे. हालांकि इन 500 ड्रोन्स को 1,509 लड़ाकू विमानों की गिनती से अलग रखा गया है.
सैन्य अधिकारियों का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ऑटोनॉमस सिस्टम के विकास से भविष्य में इंसानी पायलटों की जरूरत में बड़ा बदलाव आ सकता है. यह तकनीक पायलटों की जान जोखिम में डाले बिना दुश्मन के एयर डिफेंस को भेदने में पूरी तरह सक्षम होगी.